Independence Day 2026: अब तक कितनी बार बदला भारत का झंडा? 1906 के पहले झंडे से आज के अशोक चक्र तक जानें पूरा सफर

क्या आप जानते हैं, आज जिस भारत के झंडे को हम देखते है उसे गर्व से सलाम करते हैं, उससे पहले ये कई बार बदल चुका है? आइए जानते हैं आजादी से पहले हमारे देश का झंडा कितनी बार बदला.

15 August 2026
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आप जब भी भारत के तिरंगे को देखते होंगे, तो दिल में एक अलग सुकून और गर्व सा महसूस करते होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं आज के तिरंगे से पहले कई बार भारत के झंडा बदल चुका है. जानिए सभी भारतीय झंडों के बारे में.  

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1906 में पहली बार फहराया गया भारतीय झंडा

1906 में पहली बार फहराया गया भारतीय झंडा2 / 7

भारत के राष्ट्रीय ध्वज का सफर 7 अगस्त 1906 को कलकत्ता के पारसी बागान स्क्वायर से शुरू हुई. उस समय हरे, पीले और लाल रंग की तीन पट्टियों वाला झंडा फहराया गया था. इस पर 'वंदे मातरम्', 8 कमल, नीचे की तरफ चांद और सूरज के प्रतीक थे. इसे सचिंद्र प्रसाद बोस और सुकुमार मित्र ने डिजाइन किया था.

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1907 में मैडम कामा ने विदेश में लहराया झंडा

1907 में मैडम कामा ने विदेश में लहराया झंडा3 / 7

1907 में मैडम भीकाजी कामा ने भारतीय स्वतंत्रता की आवाज को विदेश तक पहुंचाते हुए एक झंडा फहराया. यह 1906 के झंडे से मिलता-जुलता था, लेकिन बस रंगों और प्रतीकों में कुछ बदलाव था. मैडम कामा के साथ विनायक दामोदर सावरकर और श्यामजी कृष्ण वर्मा का नाम भी इसके डिजाइन से जोड़ा जाता है, जबकि हेमचंद्र कानुंगो ने झंडा तैयार किया था.

1917 में होम रूल आंदोलन का झंडा आया

1917 में होम रूल आंदोलन का झंडा आया4 / 7

1917 में एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व वाले होम रूल आंदोलन के दौरान एक नया झंडा सामने आया था. इसमें लाल और हरी पट्टियां, आठ सितारों, चांद-सितारा और ऊपर की ओर यूनियन जैक शामिल था. रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत को स्वशासन दिलाना था, पूरी तरह ब्रिटिश शासन से अलग होना नहीं.

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1921 में पिंगली वेंकैया ने दिया नया डिजाइन

1921 में पिंगली वेंकैया ने दिया नया डिजाइन5 / 7

1921 में विजयवाड़ा में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान पिंगली वेंकैया ने महात्मा गांधी के सामने झंडे का एक डिजाइन प्रस्तुत किया. इसमें तीन रंगों के साथ बीच में चरखा था. (इसमें लाल और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया था) चरखा भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भावना का प्रतीक बना और धीरे-धीरे यह झंडा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गया. रिपोर्ट के अनुसार, 1923 में नागपुर में ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलनों के दौरान यह झंडा हजारों लोगों के हाथों में नजर आया.

1931 में मिला केसरिया-सफेद-हरा रंग

1931 में मिला केसरिया-सफेद-हरा रंग6 / 7

1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने झंडे के एक नए स्वरूप को मंजूरी दी. इसमें ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग रखा गया, जबकि झंडे के बीच में चरखा बना रहा. केसरिया को साहस और बलिदान, सफेद को शांति और सत्य तथा हरे रंग को विश्वास, समृद्धि और धरती की उर्वरता से जोड़ा गया.

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1947 को तिरंगे को चरखे की जगह आया चक्र

1947 को तिरंगे को चरखे की जगह आया चक्र7 / 7

आजादी से कुछ सप्ताह पहले 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने भारत के वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया. केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां बरकरार रखी गईं, लेकिन बीच के चरखे की जगह नीले रंग का अशोक चक्र शामिल किया गया. तिरंगे के सफेद हिस्से के बीच बना नीला अशोक चक्र धर्मचक्र से प्रेरित है और इसमें 24 तीलियां हैं. बता दें कि, यह लगातार आगे बढ़ते रहने, धर्म और न्याय का प्रतीक माना जाता है. (Image: Social Media) यह भी पढ़ें: 15 August Essay: स्वतंत्रता दिवस पर सबसे बेहतरीन और भावुक निबंध कैसे लिखें? जानिए  

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Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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