नीतीश कुमार के CM पद छोड़ने से पहले बढ़ीं करीबी पप्पू पांडेय की मुश्किलें, जानें बाहुबली विधायक को क्यों तलाश रही पुलिस?

नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा सांसद बन गए हैं। इसके साथ ही बिहार की सियासत में परिवर्तन की लहर नजर आने लगी है। प्रदेश की सियासत कर मिजाज बदलने लगा है, जिसका एक उदाहरण आज देखने को मिला, जिससे प्रदेश में हलचल मची हुई है। पढ़ें बिहार से अमिताभ ओझा की रिपोर्ट...

Pappu Pandey
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नीतीश कुमार की सत्ता पलटते ही उनके करीबी JDU के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय की मुश्किलें बढ़ गई है। क्योंकि  गोपालगंज जिले की पुलिस ने विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया है। अब पुलिस टीमें तीनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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पप्पू पांडेय पर जमीन कब्जाने के आरोप

पप्पू पांडेय पर जमीन कब्जाने के आरोप2 / 5

पप्पू पांडेय गोपालगंज जिले की कुचायकोट सीट से 4 बार के विधायक हैं, लेकिन पप्पू पांडेय पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध तरीके से जमीन कब्जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसलिए आज सोमवार की सुबह गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधायक के स्थानीय आवास पर दबिश दी। वहीं दूसरी टीम ने पटना स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। लेकिन दोनों ही जगहों पर छापेमारी में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली, क्योंकि तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

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पप्पू पांडेय के खिलाफ 1 अप्रैल को FIR

पप्पू पांडेय के खिलाफ 1 अप्रैल को FIR3 / 5

पुलिस के अनुसार, पप्पू पांडेय पर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में जमीन कब्जाने के मामले में आरोप लगे हैं। भू-माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करके जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और इसमें विधायक की भूमिका संरक्षण देने की रही। मामले में मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय ने 1 अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने पहले ही इस केस में सिवान निवासी भोला पांडेय समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पप्पू पांडेय के खिलाफ गैर-जमानती वारंट

पप्पू पांडेय के खिलाफ गैर-जमानती वारंट4 / 5

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विधायक, उनके भाई और चार्टर्ड अकाउंटेंट को साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया, जिसके बाद कोर्ट से गैर-जमानती वारंट लिया गया। दबिश बढ़ने के बाद सभी आरोपी भूमिगत हो गए हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब राजनीति पहले से ही गरमाई हुई है। सत्ताधारी दल के एक विधायक पर लगे इन आरोपों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। कई नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

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JDU MLA पप्पू पांडेय का विवादों से पुराना नाता

JDU MLA पप्पू पांडेय का विवादों से पुराना नाता5 / 5

बता दें कि पप्पू पांडेय बिहार के रसूखदार और बाहुबली विधायकों में से एक हैं। पहले भी पप्पू का नाम कई विवादों में आ चुका है, लेकिन वे नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उनके परिवार का गोपालगंज और आस-पास के जिलों (सीवान और देवरिया) में बड़ा राजनीतिक रसूख है। उनके बड़े भाई सतीश पांडेय और भतीजे मुकेश पांडेय भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन इस बार पप्पू पांडेय कानूनी पंचड़े में फंसते दिख रहे हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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