फ्लाईदुबई एयरलाइंस की दुबई से तेलअवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक करके क्रैश कराने की कोशिश की गई. लेकिन पायलट स्मित मच्छार और 4 पैसेंजर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए ‘हीरो’ की तरह हमलावर के मंसूबों को नाकाम किया. प्लेन को हाईजैक और क्रैश होने से बचाया या कहें तो इजरायल में अमेरिका के 9/11 जैसा आतंकी हमला होने से बचाया. ओमान निवासी को-पायलट ने ही फ्लाइट के पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने का प्रयास किया. लेकिन पहले पायलट ने हिम्मत दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला. फिर 4 पैसेंजरों ने हमलावर को काबू करके यात्रियों समेत हजारों लोगों की जिंदगी बचाई और पायलट को दूसरा जीवनदान दिया.
हमलावर को सबसे पहले यानिव हयून ने काबू किया
फ्लाइट FZ1073 में 27 बच्चों और 6 क्रू मेंबर्स समेत 174 यात्री सवार थे, जो बिल्कुल सुरक्षित हैं. घायल पायलट का उपचार सऊदी अरब के तबूक में बड़े अस्पताल में चल रहा है. हमलावर को काबू करने के बाद विमान में बतौर यात्री सवार पायलटों ने फ्लाइट को कंट्रोल किया और तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई. कॉकपिट खुलते ही 4 इजरायली नागरिक कॉकपिट में पहुंचे और क्रू मेंबर्स की मदद से हमलावर को काबू किया. इनमें यानिव हयुन भी शामिल थे, जिन्होंने हमलावर को पकड़ा और विमान को नियंत्रण में वापस लिया. 2 अन्य लोग असफ राजुआन और ज्विका मानेस थे, जिन्होंने क्रू मेंबर्स की मदद से हमलावर को बेल्ट से बांधा. डेंटिस्ट शोता मूसाएव ने घायल पायलट मच्छार का इलाज किया और समय रहते उसका खून बहने से रोका.
यानिव हयुन
यानिव हयुन ने सबसे पहले कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू किया और उससे हथियार छीना. यानिव खून से सनी टी-शर्ट पहने एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें वहीं से उसी हालत में इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ले जाया गया, जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पीठ थपथपाकर गले लगाकर यानिव की तारीफ की. यानिव पेशे से प्लंबर हैं. यानिव हयुन ने प्रधानमंत्री को बताया कि कैसे उन्होंने हमलावर को काबू किया? यानिव ने बताया कि जब वे कॉकपिट में घुसे तो दरवाजा खुला था, क्योंकि पायलट ने बेहोश होने से पहले कॉकपिट के दरवाजे को खोल दिया था. जब मैं अंदर गया तो देखा कि हमलावर दोनों सीटों के बीच कंट्रोल रूम में बैठा था. सीटों पर कोई पायलट नहीं था तो उन्होंने हमलावर को पीछे से पकड़ा और कॉकपिट से बाहर खींच लिया. क्योंकि उसने मूवी में देखा तो उसे पता था, इसलिए उसने योक को पीछे खींचा और नीचे जाते प्लेन को सीधी पॉजिशन में लिया.
असफ राजुआन
इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असफ राजुआन थाईलैंड में छुट्टियां बिताकर लौट रहे थे. उन्होंने बताया कि हमने टॉयलेट के पास चीखने की आवाजें सुनीं. एक लड़की की मां चीखती हुई बाहर आई तो हम समझ गए कि विमान में कुछ हुआ है और विमान का नियंत्रण बिगड़ गया, क्योंकि वह 90 डिग्री के कोण पर नीचे की ओर गिरने लगा था. इस बीच कॉकपिट का दरवाजा खुला और यात्रियों ने कॉकपिट को खून से लथपथ देखा. मैंने एक शख्स को को-पायलट को बाहर खींचते देखा और दूसरे शख्स ज्विका मानेस को अंदर जाते देखा. फिर मैं एक अन्य शख्स के साथ अंदर गया और हमलावर को काबू करने में उनकी मदद की. करीब 50 मिनट तक हमलावर को काबू में करके रखा और इस बीच फ्लाइट को तबूक में सेफ लैंड कराया.
ज्विका मानेस
बैंक ल्यूमी की अंडरराइटिंग कंपनी के CEO ज्विका मानेस ने भी हमलावर को काबू करने में मदद की. उन्होंने बताया कि फ्लाइट में बांटे गए मल्टीमीडिया हेडफोन के केबलों से उन्होंने हमलावर को काबू किया. कॉकपिट के अंदर खून ही खून बिखरा था और प्लेन किसी हॉरर फिल्मों की तरह तेजी से नीचे गिर रहा था. यात्रियों में चीख-पुकार मची थी. पायलट ने जब विमान को कंट्रोल करके स्थिर किया, तब हालात सुधरे और यात्री शांत हुए. हमलावर विमान को जमीन की ओर उड़ाने की कोशिश कर रहा था और लोग इधर-उधर गिर रहे थे, लेकिन इस बीच हमलावर को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि वह हट्टा कट्टा और मजबूत आदमी था.
शोता मुसाएव
डेंटिस्ट शोता मुसायेव फ्लाइट में सफर कर रहे इकलौते डॉक्टर थे, जिन्होंने हमले में घायल पायलट को संभाला. उनकी हालत बेहद खराब थी और उसके सिर-हाथों से खून बह रहा था. उन्होंने बहते खून को रोकने में कामयाबी हासिल की. इसी वजह से लैंडिंग के समय पायलट की हालत स्थिर थी, लेकिन उसके बाद उनकी हालत थोड़ी बिगड़ गई, क्योंकि शरीर पर गहरे घाव थे. उनका सिर और हाथ बुरी तरह कट गए थे, 2 टुकड़ों में बंट गए थे. उनकी हालत गंभीर थी, जानलेवा नहीं, लेकिन खून की कमी के कारण क्रिटिकल थी. घायल पायलट होश में था और फर्श पर खून से लथपथ पड़ा होने के बावजूद बातचीत कर रहा था.