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क्या आप भी उठाते हैं बच्चे पर हाथ? एक्सपर्ट ने बताया बच्चे को मारने पर क्या पड़ता है नन्हे-मुन्ने पर असर

Hitting Children: माता-पिता अक्सर ही बच्चे को सजा देने के लिए उसकी पिटाई कर देते हैं. लेकिन, यह आदत बच्चे पर क्या असर डालती है इसका वह अंदाजा नहीं लगा पाते. इसी बारे में बता रही हैं डॉक्टर. आइए डॉक्टर से ही जानते हैं बच्चे की पिटाई करने पर क्या होता है.

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Parenting: सभी पैरेंट्स की परवरिश के तरीके अलग-अलग होते हैं. कई बच्चों पर बहुत कोमल तो कई पैरेंट्स बहुत सख्त हो जाते हैं. अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता बच्चे की किसी गलती पर उसे सुधारने के लिए उसे चांटा जड़ देते हैं या फिर पीठ पर लगातार 2 से 3 बार मार देते हैं. लेकिन, इस तरह बच्चे की पिटाई करना सही नहीं है. यह बच्चे को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित करता है. इसी बारे में बता रही हैं डॉक्टर. इंस्टाग्राम पर डॉ_मोबिनफॉरयू अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया है जिसमें डॉक्टर ने बताया है कि बच्चे कि पिटाई करने पर उसपर क्या असर होता है. आप भी अगर अपने बच्चे पर आयदिन हाथ उठा देते हैं तो आपको यह सलाह जरूर सुननी चाहिए.

यह भी पढ़ें – बच्चों के सामने कभी नहीं करनी चाहिए ये 10 बातें, पैरेंटिंग कोच ने कहा भूल से भी ना कहें यह सब

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बच्चे को मारने पर क्या होता है

डॉक्टर ने बताया कि बच्चे पर माता-पिता अगर हाथ उठाते हैं तो उसपर कुछ ऐसा असर पड़ता है- बच्चे के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है. यह स्ट्रेस हार्मोन है. इससे बच्चे के अंदर डर, गुस्सा और निराशा जैसे नकारात्मक भाव आने लगते हैं. बच्चे को अगर बात-बात पर मारा-पीटा जाए तो इससे बच्चे सुधरने के बजाय और ज्यादा जिद्दी होने लगते हैं और डरपोक बनने लगते हैं. वह छोटी सी आहट से भी ठिठक जाते हैं.

पिटाई के बजाय करें ये काम

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डॉक्टर की सलाह है कि बच्चे को मारने के बजाय उसे समझाने की कोशिश कीजिए. अनुशासन जरूरी है लेकिन प्यार और संयम से, पिटाई से नहीं. बच्चे को पॉजीटिव यानी सकारात्मक माहौल मिलता है और वह सकारात्मक तरीके से कुछ सीखता है तो आत्मविश्वासी और खुशहाल बनता है. इसीलिए अच्छी पैरेंटिंग वही है जिसमें बच्चे को प्यार से सिखाया जाता है, मारपीट से नहीं.

हो सकती हैं ये दिक्कतें

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  • बच्चे की आयदिन पिटाई की जाए तो बच्चे के आत्मविश्वास में कमी आने लगती है. बच्चे खुद को दूसरे बच्चों से कमतर समझने लगता है.
  • छोटी सी उम्र में बच्चे चिंता और अवसाद (Depression) का शिकार होने लगते हैं.
  • बच्चे को अकेलेपन का एहसास होने लगता है. वह अपने मन की बातें अपने माता-पिता से कहना बंद कर देता है.
  • अक्सर देखा जाता है कि जिन बच्चों की खूब पिटाई होती है वे झूठ बोलने लगते हैं. ऐसा पैरेंट्स के डर से और खुद को मार से बचाने के लिए बच्चे करते हैं.
  • बच्चों में सीखने की क्षमता कम होने लगती है.
  • बच्चों को लगने लगता है कि उनकी सुनने और समझने वाला कोई नहीं है. ऐसे में बच्चे अक्सर ही बुरी आदतों अपना लेते हैं या बुरी संगत का शिकार हो जाते हैं.

यह भी पढ़ें – बच्चा दांत क्यों पीसता है? डॉक्टर ने बताया कैसे छुड़ाएं बच्चे के दांत पीसने की आदत

First published on: Jan 28, 2026 11:00 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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