बच्चा दांत क्यों पीसता है? डॉक्टर ने बताया कैसे छुड़ाएं बच्चे के दांत पीसने की आदत

Bachha Dant Pise To Kya Kare: बच्चों में अक्सर ही दांत पीसने की दिक्कत देखी जाती है. ऐसे में यहां जानिए दांत पीसना कहीं किसी बीमारी का संकेत तो नहीं है, और इस दिक्कत को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है, बच्चों की डॉक्टर दे रही हैं सलाह.

teeth grinding in children

बच्चे दांत क्यों पीसते हैं, जानिए यहां.

Children’s Health: छोटे बच्चों में दांत पीसने की दिक्कत देखी जाती है. माता-पिता कई बार बच्चे को डांट-डपट देते हैं लेकिन बच्चे की यह आदत नहीं जाती है. लेकिन, क्या दांत पीसना (Dant Pisna) आम दिक्कत है या यह किसी गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है? अपने इंस्टाग्राम हैंडल से डेवलपमेंटल पीडियाट्रिशियन डॉ. सारिका ने पोस्ट शेयर किया है और बताया है कि बच्चे दांत क्यों पीसते हैं, यह किन-किन समस्याओं में होता है और बच्चे के दांत पीसने (Teeth Grinding) की आदत को किस तरह दूर किया जा सकता है.

विज्ञापन

बच्चे दांत क्यों पीसते हैं

  • दांत पीसना, कटकटाना या जबड़ा भींचना ऐसी दिक्कतें हैं जो बाहर से गंभीर नहीं लगतीं लेकिन आगे चलकर नुकसानदायक हो सकती हैं. डॉक्टर ने बताया कि यह कंडीशन स्ट्रेस या एंजाइटी की वजह से हो सकती है.
  • ADHD चाइल्ड या सेरेब्रल पाल्सी के बच्चे में भी यह कंडीशन देखी जा सकती है.
  • जिन बच्चों के दांत अलाइन नहीं होते यानी सीधे नहीं होते और टेढ़े-मेढ़े होते हैं वे दांत पीसते हैं.
  • स्लीप डिसोर्डर जैसे स्लीप एपनिया में बच्चे दांत पीस सकते हैं.

दांत पीसने की दिक्कत को कैसे करें ठीक

विज्ञापन

डॉक्टर का कहना है कि बच्चे के दांत पीसने की आदत को दूर करने के लिए उसके सोने से 2 से 3 घंटे पहले ही बच्चे के स्क्रीन टाइम को बंद कर दें, यानी उसे टीवी या फोन वगैरह ना देखने दें. इसके अलावा रोजाना बच्चे को डीप ब्रीदिंग, स्ट्रेचिंग और योगा जैसी एक्टिविटीज जरूर कराएं. अगर बच्चे को स्ट्रेस या एंजाइटी है तो इसकी वजह तक पहुंचिए और जानने की कोशिश कीजिए कि बच्चे को तनाव या घबराहट क्यों होती है और समस्या को पहचानकर उसका हल ढूंढिए.

बच्चे की डाइट से कैफिनेटेड और शुगर वाली ड्रिंक्स को निकाल दें. सोने से पहले ये ड्रिंक्स ना पीना जरूरी होता है. साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि बच्चा रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर ले.

विज्ञापन

कब डॉक्टर के पास लेकर जाना जरूरी है

अगर बच्चे के दांत घिसे हुए हैं, जबड़े में दर्द हो रहा है या सुबह-सुबह बच्चे को मुंह खोलने में दिक्कत हो रही है तो इस समस्या को नजरअंदाज ना करें और समय पर बच्चे को डॉक्टर के पास जरूर लेकर जाएं.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ