बच्चों के सामने कभी नहीं करनी चाहिए ये 10 बातें, पैरेंटिंग कोच ने कहा भूल से भी ना कहें यह सब

Parenting Tips: ऐसी कुछ बातें हैं जो माता-पिता को बच्चे से या बच्चे के सामने नहीं कहनी चाहिए. ये बातें बच्चे के मन-मस्तिष्क पर गहरा असर करती हैं. पैरेंटिंग कोच की भी यही सलाह है कि बच्चों के सामने इस तरह की बातें करने से बचना जरूरी है.

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बच्चे के सामने क्या नहीं कहना चाहिए?

Parenting: माता-पिता बच्चे के सामने तरह-तरह की बातें करते हैं. कभी घर की तो कभी बाहर की परेशानियां भी बच्चे के सामने डिस्कस करने लगते हैं. वे इस बात पर ध्यान देना भूल जाते हैं कि बच्चा उनकी एक-एक बात को पढ़ रहा है और उसके दिमाग में ये बातें स्टोर हो रही हैं. यही बातें बच्चे के व्यक्तित्व और व्यवहार में नजर आने लगती हैं. पैरेंटिंग कोच हितेशी गोयल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने ऐसी 10 बातों का जिक्र किया है जिन्हें आपको बच्चे के सामने कहने से बचना चाहिए.

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बच्चों के सामने कभी ना कहें ये 10 बातें

पैसों का तनाव

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बच्चे के सामने यह कभी नहीं कहना चाहिए कि हम किसी चीज को अफोर्ड नहीं कर सकते हैं. बच्चे से अपना फाइनेंशियल स्ट्रेस (Financial Stress) शेयर ना करें बल्कि उसके सामने कहें कि हम अभी पैसे मैनेज कर रहे हैं. अगर वह खिलौना मांगे तो आप कह सकते हैं कि हम पैसे जमा करके साथ में खरीदेंगे.

दूसरों से तुलना

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बच्चे से यह कभी ना कहें कि वह अपने कजिन की तरह नहीं बन सकता है. इसके बजाय सब बच्चों की उनकी इंडिविजुएलिटी के लिए सराहना करें.

दूसरों पर कमेंट

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आपको बच्चों के सामने किसी दूसरे व्यक्ति के शरीर पर या कपड़ों पर कमेंट नहीं करना चाहिए. यह कभी ना कहें कि वह कितना मोटा है उसे कोई पसंद नहीं करता है. आपको अपने बच्चे को उदारता सिखानी है. यह सिखाना है कि सभी का शरीर अलग होता है.

नेगेटिव सेल्फ टॉक

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खुद के बारे में बुरा-भला ना कहें. बच्चे के सामने यह ना कहें कि मैं बेवकूफ हूं. इसके बजाय कहें कि मुझसे गलती हुई है जिसे मैं सुधार दूंगा.

बड़ों की चिंताएं

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बच्चे से ये ना कहें कि दुनिया कितनी बड़ी और बुरी है और मुझे तुम्हारी चिंता हो रही है. बच्चे को विश्वास दिलाएं कि कुछ भी हो आप उसकी हमेशा रक्षा करेंगे.

रिलेशनशिप्स की लड़ाई

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तुम्हारी मां या पापा फिर कुछ भूल गए या लापरवाह हैं जैसी बातें बच्चे के सामने ना कहें. बच्चे के सामने न्यूट्रल रहें और कोई कोन्फ्लिक्ट हो तो उसे प्राइवेटली डिस्कस करके सोर्ट करने की कोशिश करें.

तलाक या ब्रेकअप पर बात

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अपने बच्चे के सामने इस तरह की बातें ना कहें कि तुम्हारे पापा के साथ रहना बहुत मुश्किल है या मैं तुम्हारी मां से परेशान हूं. इन चीजों को एज एप्रोप्रिएट (Age Appropriate) रखें. अगर बच्चा ये चीजें समझ सकता है तभी कहें वर्ना ये बातें खुद तक रखें.

काम को लेकर चिंता जताना

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बच्चे के सामने अपने काम को लेकर फ्रस्ट्रेशन ना दिखाएं. मेरा बॉस बहुत बुरा है, काम करना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता जैसी बातें बच्चे के सामने ना कहें. अपनी फ्रस्ट्रेशन को प्राइवेट रखें और बच्चे के सामने प्रोब्लम सोल्विंग कैरेक्टर बनाए रखें.

दोस्तों और रिश्तेदारों की बुराई

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आपको अपने बच्चे के सामने किसी और की बुराई वाली बातें नहीं कहनी चाहिए. बच्चों को सिखाएं कि उसे अपनी आदतों को सही रखने पर फोकस करना है और सभी की कुछ ना कुछ स्ट्रेंथ या कमजोरी होती है लेकिन उसके लिए उसपर कमेंट करना जरूरी नहीं है.

पॉलीटिक्स की बातें

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छोटे बच्चों के सामने सरकार की बुराई या अपने पॉलीटिकल ऑपिनियन पर चर्चा ना करें. बच्चों को उम्र के अनुसार ही टीवी पर डिबेट वगैरह दिखाएं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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