Urine Problems: आजकल लोग यूरिन को रोककर काफी-काफी देर तक बैठ जाते हैं क्योंकि वे अपना काम कर रहे होते हैं। बिजी लोगों के बीच पेशाब को रोकने वाली आदत हमेशा बनी रहती है, जिससे कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यूरिन को होल्ड करके बैठने से यूटीआई से लेकर स्टोन की बीमारी भी हो सकती है। सोनिया नारंग, जो कि एक मशहूर डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट हैं, बताती हैं कि पी होल्ड करना कितना गंभीर हो सकता है।
क्या कहती हैं हेल्थ एक्सपर्ट?
सोनिया नारंग कहती हैं कि पेशाब रोकना सही आदत नहीं है। दरअसल, हमारा यूरिनरी ब्लैडर एक छोटा और खोखला अंग होता है, जिसका आकार नाश्पाती जैसा दिखाई देता है। इसलिए, इस छोटे आकार के अंग में लंबे समय तक यूरिन को रोकना बीमारियों और इंफेक्शन का बुलावा हो सकता है। एक्सपर्ट से जानते हैं कि कितनी देर तक यूरिन रोकने से क्या-क्या बीमारियां हो सकती हैं।
कितनी देर यूरिन रोकने से क्या रिस्क?
1. 10 मिनट तक रोकना- अगर आप अपने यूरिन को 10 मिनट तक कंट्रोल करके बैठते हैं, तो इससे आपके ब्लैडर पर असर पड़ता है और वहां की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। यह एक प्रकार का मैसेज होता है कि आपको पेशाब जाना चाहिए।
2. 1 घंटा- अगर आप पेशाब को 1 घंटे तक रोकते हैं, तो इससे किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। दरअसल, पेशाब को लंबे समय तक रोकने से पेशाब रिवर्स होकर ब्लैडर में भर जाता है।
3. 3 घंटे- सोनिया नारंग बताती हैं कि अगर हम पेशाब को पूरे 3 घंटे तक रोककर बैठते हैं, तो इससे मेजर किडनी इश्यूज हो सकते हैं, किडनी स्टोन हो सकते हैं या फिर यूटीआई की समस्या हो सकती है।
4. 6 घंटे- अगर कोई पेशाब को लगातार 6 घंटे तक रोककर रखता है, तो इससे UTI से संबंधित डिजीज का रिस्क दोगुना बढ़ जाता है, खासतौर पर महिलाओं में यह ज्यादा होता है।
5. 8 घंटे- हालांकि, कोई इतनी देर तक अपना यूरिन होल्ड नहीं कर सकता है लेकिन फिर भी अगर कोई ऐसा करता है तो उसे किडनी स्टोन, किडनी डैमेज, डायबिटीज से लेकर शरीर के अन्य अंगों से संबंधित रोग हो सकते हैं।
क्या करें?
डॉक्टर कहती हैं कि पेशाब को हमें ज्यादा देर तक रोकना नहीं चाहिए। कोशिश करें कि किसी ऐसी जगहों पर जाने से पहले, जहां आस-पास रेस्टरूम्स न हों, तो एकबार घर से ही पेशाब करके निकलें।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।