Gall Bladder Stones: पथरी की समस्या इन दिनों काफी बढ़ गई है। किडनी स्टोन के बाद पित्त में पथरी यानी गॉलब्लैडर की पथरी की समस्या बढ़ गई है। इसमें पित्त के अंदर पथरी होती है। हमारे लिवर के पास एक छोटा सा अंग होता है, जिसे पित्ताशय कहते हैं। पित्ताशय का काम होता है शरीर में फैट को घोलना और पाचन करने में मदद करना। जब इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो इससे कोलेस्ट्रॉल ठोस रूप में जम जाता है। इस ठोस पदार्थ को पित्त की पथरी कहते हैं। आइए जानते हैं इसका कारण, संकेत और बचाव के उपाय।
कैसे बनते हैं गॉलब्लैडर स्टोन?
डॉक्टर सुभाष गोयल के मुताबिक, अगर पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह पित्त की पथरी का कारण बन सकता है। खून में बिलीरुबिन की मात्रा ज्यादा होती है, यह पीला हानिकारक पदार्थ होता है, जो कई बार पीलिया का भी कारण बनता है। इसके संकेतों में पेट के दाहिने हिस्से में दर्द होता है। कई बार यह दर्द तेज हो जाता है, जिसे सहन करना मुश्किल हो जाता है। पीठ और कंधे में भी इसका दर्द होता है।
ये 3 संकेत सबसे गंभीर
1.जी मिचलाना- अगर पित्त में पथरी होती है, तो इंसान को बहुत ज्यादा घबराहट, जी मिचलाने और उल्टी जैसा महसूस होता है। हेल्दी इंसान में यह लक्षण आम नहीं होते हैं इसलिए इस संकेत को सामान्य न समझें।
2.पेट दर्द- यह दर्द आमतौर पर पेट के दाहिनी हिस्से में महसूस होता है, खासकर खाना खाने के बाद ऐसा दर्द ज्यादा होता है। यह दर्द कई घंटों तक भी जारी रह सकता है।
3.पेट फूलना- खाना खाने के बाद पेट फूलना और दर्द या सूजन होना भी पित्त की पथरी का लक्षण है, जिसे इग्नोर करना सही नहीं होता है।
एक्सपर्ट की टिप्स
डॉक्टर सुभाष गोयल कहते हैं कि हमें इस समस्या में खाने-पीने की कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए, जैसे कि छोले, राजमा, आलू, चावल, मसूर दाल आदि को खाने से बचना चाहिए। ये चीजें समस्या को बढ़ा सकते हैं। इन लोगों को हल्दी वाला दूध पीना चाहिए, सादा दूध नुकसान पहुंचा सकता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।