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तुलसी के पौधे के पास कौन-कौन सा पौधा गलती से भी नहीं लगाना चाहिए?

Tulsi Plant Care Tips: भारतीय घरों में तुसली के पौधे को लेकर बहुत मान्यताएं है, लेकिन अक्सर लोग पौधे के पास कुछ ऐसे अन्य पौधे उगाने की कोशिश करते हैं, जिससे तुसली का लाभकारी पौधा सूखने लगता है या फिर उसकी ग्रोथ में असर पड़ने लगता है. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि तुसली के पास कौन सा पौधा लगाना चाहिए और कौन सा नहीं.

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Plants Not To Grow With Basil: आजकल लोग अपने घर की बालकनी, छत या आंगन में छोटा सा किचन गार्डन बनाना पसंद करते हैं. इनमें तुलसी का पौधा लगभग हर घर में जरूर होता है. कई लोग जगह बचाने के लिए तुलसी के पास दूसरे पौधे भी लगा देते हैं, लेकिन बिना जानकारी के ऐसा करना तुलसी के पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि हर पौधे की मिट्टी, पानी और धूप की जरूरत अलग होती है. अगर गलत पौधे साथ लगा दिए जाएं तो तुलसी की ग्रोथ रुक सकती है या दूसरा पौधा भी ठीक से नहीं बढ़ पाता. इसलिए गार्डनिंग करते समय यह जानना जरूरी है कि कौन से पौधे तुलसी के पास लगाने चाहिए और किनसे दूरी रखनी चाहिए, ताकि सभी पौधे स्वस्थ रह सकें.

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धार्मिक आस्था के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है तुलसी

तुलसी को भारत में सिर्फ एक पौधा नहीं बल्कि पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. कई घरों में रोज सुबह-शाम तुलसी की पूजा की जाती है, धार्मिक मान्यताओं के अलावा तुलसी के कई औषधीय फायदे भी हैं. आयुर्वेद में तुलसी को हजारों सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है, बता दें कि यह पौधा इम्युनिटी बढ़ाने वाला माना गया है. इसके पत्तों का सेवन सर्दी, खांसी और गले की परेशानी में लाभ देता है और साथ ही तुलसी हवा को शुद्ध करने में भी मदद करती है. यही कारण है कि लोग इसे अपने घर के आसपास जरूर लगाते हैं. लेकिन अगर इसके पास ऐसे पौधे लगा दिए जाएं जो इसकी ग्रोथ को प्रभावित करते हों, तो तुलसी कमजोर भी हो सकती है, इस स्टोरी में हम इन्हीं पौधों के बारे में जानेंगे.

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इन पौधों को तुलसी से दूर रखें और किन्हें साथ लगा सकते हैं Tulsi Ke Paas Kaun Sa Paudha Na Lagaye

सेज (Sage):

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सेज और तुलसी की देखभाल का तरीका अलग होता है. सेज को कम पानी और सूखी मिट्टी चाहिए होती है, जबकि तुलसी को हल्की गीली और उपजाऊ मिट्टी चाहिए. साथ लगाने पर दोनों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है.

सौंफ (Fennel):

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सौंफ को गार्डन में थोड़ा अलग लगाना चाहिए, क्योंकि यह मिट्टी में ऐसे तत्व छोड़ती है जो आसपास के पौधों की बढ़त को धीमा कर सकते हैं. तुलसी के पास लगाने से उसका विकास कमजोर पड़ सकता है और पौधा सूख भी सकता है.

खीरा (Cucumber):

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खीरे का पौधा ज्यादा पानी और पोषक तत्व लेता है, वहीं, तुलसी के साथ लगाने पर दोनों के बीच पोषण की प्रतिस्पर्धा हो सकती है, जिससे दोनों की ग्रोथ में रुकावट आ सकता है.

पत्तागोभी (Cabbage):

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पत्तागोभी ठंडे मौसम में अच्छी बढ़ती है, जबकि तुलसी को गर्म मौसम बढ़ता है. अलग-अलग मौसम की जरूरत होने की वजह से दोनों को साथ लगाना सही नहीं माना जाता.

तुलसी के साथ ये पौधे लगा सकते हैं:

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टमाटर (Tomato):

टमाटर और तुलसी साथ लगाने से दोनों को फायदा मिल सकता है, माना जाता है कि इससे टमाटर का स्वाद बेहतर होता है और कीड़े भी कम लगते हैं.

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गेंदा (Marigold):

गेंदे का फूल कीड़ों को दूर रखने में मदद करता है, ऐसे में तुलसी के साथ इसे लगाने से आपका गार्डन ज्यादा सुरक्षित और खूबसूरत दिखेगा.

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जीनिया और कैमोमाइल:

ये फूल तुलसी के साथ अच्छी तरह बढ़ते हैं और गार्डन की सुंदरता भी बढ़ाते हैं, इससे आपके तुसली के पौधे को कोई खतरा नहीं होगा.

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First published on: Mar 30, 2026 10:38 AM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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