Silent Symptoms Of Acid Reflux: एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत में अक्सर ही कुछ गलत खा लेने पर पेट में एसिड बनने लगता है, जलन होने लगती है और ऐसा लगता है जैसे जहरीली गैस गले तक आ रही है. लेकिन, कई बार व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स होता तो है लेकिन समझ नहीं आता है. इन्हें ही एसिड रिफ्लक्स के साइलेंट लक्षण कहते हैं. ऐसे में यहां जानिए एसिड रिफ्लक्स होने पर शरीर पर और कौन-कौन सी दिक्कतें होने लगती हैं और किस तरह एसिडिटी (Acidity) से छुटकारा पाया जा सकता है.
एसिड रिफ्लक्स के साइलेंट लक्षण कौन-कौन से हैं
सीने में जलन - एसिडिटी में आमतौर पर पेट और सीने में जलन होने लगती है. ऐसा लगता है जैसे गले तक जलन वाली गैस ऊपर आ रही है.
बार-बार गला साफ करना - अगर हर कुछ देर में गला साफ करना पड़ता है तो यह एसिड रिफ्लक्स का लक्षण हो सकता है.
आवाज बदल जाना - आवाज बदली हुई लगती है, खासतौर से सुबह के समय आवाज बदली हुई सुनाई पड़ती है.
गले में जलन होना - गले में जलन होने लगती है और खराश रहती है.
निगलने में दिक्कत- कुछ निगलने में दिक्कत आ सकती है. निगलने में दिक्कत होना भी एसिडिटा का संकेत हो सकता है.
मुंह का स्वाद बिगड़ना - मुंह में गंदा स्वाद आता है और कई बार यह रोज की दिक्कत बन जाती है.
बार-बार डकार आना - एसिडिटी होने का एक संकेत यह भी है कि बार-बार डकार आने लगती है. पेट फूला हुआ रहता है.
एसिड रिफ्लक्स होने के क्या कारण हैं?
- खाना अगर बहुत मसालेदार हो, तला हुआ हो, फैटी हो, एसिडिक हो या फिर कुछ कैफीन वाला हो तो एसिडिटी हो सकती है.
- खाना खाते ही तुरंत लेट जाने पर या फिर बहुत ज्यादा खाने पर या रात में बहुत देरी से कुछ खाने पर एसिडिटी हो सकती है.
- मोटापा और गलत पोस्चर में बैठकर खाने से भी एसिडिटी हो जाती है.
- बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने पर एसिडिटी हो सकती है.
एसिडिटी से कैसे मिलेगी राहत?
एसिडिटी से राहत पाने के लिए केला, ओटमील, हरी सब्जियां जैसे ब्रोकली, केल, पालक, और खीरा, प्रोटीन वाले फूड्स, ब्राउन राइस, किनोआ या अदरक का सेवन किया जा सकता है. ये फूड्स एसिडिटी से राहत दिलाते हैं.
एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए?
इस बात का ध्यान रखें कि एसिडिटी से राहत पाने के लिए आपको खाने की कुछ चीजों से परहेज भी जरूर करना चाहिए, जैसे संतरा, तली हुई चीजें, कॉफी, चाय, सोडा, एल्कोहल और चॉकलेट.
एसिडिटी से कैसे रहें बचकर?
एसिडिटी से बचकर रहने के लिए एकसाथ बहुत सारा खाना खाने से परहेज करें. हैवी मील्स एसिडिटी को ट्रिगर करते हैं. इसके बजाय दिनभर में स्मॉल मील्स लें जिससे पेट भरा भी रहे और खराब भी ना हो.
अपनाएं ये ईटिंग हैबिट्स
खाना खाने का तरीका सही हो तो एसिडिटी नहीं होती है. इसीलिए कोशिश करें कि आप धीरे-धीरे खाएं और खाने को अच्छी तरह से चबाने के बाद ही निगलें. बहुत जल्दी-जल्दी खाने पर व्यक्ति कई बार जरूरत से ज्यादा खा लेता है और इससे पेट में एसिड्स ज्यादा बनते हैं. खाना खाते समय अपनी चम्मच को प्लेट पर रखें और फिर खाना चबाएं. हाथ में चम्मच पकड़े रहने से आदतन व्यक्ति जल्दी-जल्दी खाने लगता है. इसके अलावा, खाना खाने के तुरंत बाद ना लेटें. खाना खा लेने के बाद कम से कम 2 घंटे तक ना लेटें.
यह भी पढ़ें - अर्थराइटिस के मरीज को क्या-क्या नहीं खाना चाहिए? ऑर्थेपेडिक सर्जन ने बताया डाइट में क्या ना करें शामिल
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Silent Symptoms Of Acid Reflux: एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत में अक्सर ही कुछ गलत खा लेने पर पेट में एसिड बनने लगता है, जलन होने लगती है और ऐसा लगता है जैसे जहरीली गैस गले तक आ रही है. लेकिन, कई बार व्यक्ति को एसिड रिफ्लक्स होता तो है लेकिन समझ नहीं आता है. इन्हें ही एसिड रिफ्लक्स के साइलेंट लक्षण कहते हैं. ऐसे में यहां जानिए एसिड रिफ्लक्स होने पर शरीर पर और कौन-कौन सी दिक्कतें होने लगती हैं और किस तरह एसिडिटी (Acidity) से छुटकारा पाया जा सकता है.
एसिड रिफ्लक्स के साइलेंट लक्षण कौन-कौन से हैं
सीने में जलन – एसिडिटी में आमतौर पर पेट और सीने में जलन होने लगती है. ऐसा लगता है जैसे गले तक जलन वाली गैस ऊपर आ रही है.
बार-बार गला साफ करना – अगर हर कुछ देर में गला साफ करना पड़ता है तो यह एसिड रिफ्लक्स का लक्षण हो सकता है.
आवाज बदल जाना – आवाज बदली हुई लगती है, खासतौर से सुबह के समय आवाज बदली हुई सुनाई पड़ती है.
गले में जलन होना – गले में जलन होने लगती है और खराश रहती है.
निगलने में दिक्कत- कुछ निगलने में दिक्कत आ सकती है. निगलने में दिक्कत होना भी एसिडिटा का संकेत हो सकता है.
मुंह का स्वाद बिगड़ना – मुंह में गंदा स्वाद आता है और कई बार यह रोज की दिक्कत बन जाती है.
बार-बार डकार आना – एसिडिटी होने का एक संकेत यह भी है कि बार-बार डकार आने लगती है. पेट फूला हुआ रहता है.
एसिड रिफ्लक्स होने के क्या कारण हैं?
- खाना अगर बहुत मसालेदार हो, तला हुआ हो, फैटी हो, एसिडिक हो या फिर कुछ कैफीन वाला हो तो एसिडिटी हो सकती है.
- खाना खाते ही तुरंत लेट जाने पर या फिर बहुत ज्यादा खाने पर या रात में बहुत देरी से कुछ खाने पर एसिडिटी हो सकती है.
- मोटापा और गलत पोस्चर में बैठकर खाने से भी एसिडिटी हो जाती है.
- बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने पर एसिडिटी हो सकती है.
एसिडिटी से कैसे मिलेगी राहत?
एसिडिटी से राहत पाने के लिए केला, ओटमील, हरी सब्जियां जैसे ब्रोकली, केल, पालक, और खीरा, प्रोटीन वाले फूड्स, ब्राउन राइस, किनोआ या अदरक का सेवन किया जा सकता है. ये फूड्स एसिडिटी से राहत दिलाते हैं.
एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए?
इस बात का ध्यान रखें कि एसिडिटी से राहत पाने के लिए आपको खाने की कुछ चीजों से परहेज भी जरूर करना चाहिए, जैसे संतरा, तली हुई चीजें, कॉफी, चाय, सोडा, एल्कोहल और चॉकलेट.
एसिडिटी से कैसे रहें बचकर?
एसिडिटी से बचकर रहने के लिए एकसाथ बहुत सारा खाना खाने से परहेज करें. हैवी मील्स एसिडिटी को ट्रिगर करते हैं. इसके बजाय दिनभर में स्मॉल मील्स लें जिससे पेट भरा भी रहे और खराब भी ना हो.
अपनाएं ये ईटिंग हैबिट्स
खाना खाने का तरीका सही हो तो एसिडिटी नहीं होती है. इसीलिए कोशिश करें कि आप धीरे-धीरे खाएं और खाने को अच्छी तरह से चबाने के बाद ही निगलें. बहुत जल्दी-जल्दी खाने पर व्यक्ति कई बार जरूरत से ज्यादा खा लेता है और इससे पेट में एसिड्स ज्यादा बनते हैं. खाना खाते समय अपनी चम्मच को प्लेट पर रखें और फिर खाना चबाएं. हाथ में चम्मच पकड़े रहने से आदतन व्यक्ति जल्दी-जल्दी खाने लगता है. इसके अलावा, खाना खाने के तुरंत बाद ना लेटें. खाना खा लेने के बाद कम से कम 2 घंटे तक ना लेटें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.