बची हुई चायपत्ती कचरा नहीं है बल्कि खजाना है, इन 5 कामों में करें इस्तेमाल

Leftover Tea Leaves: रोज फेंकी जाने वाली बची हुई चायपत्ती आपकी सोच से कहीं ज्यादा काम की हो सकती है. घर के कई रोजमर्रा के कामों के लिए इसे इस्तेमाल करने के आसान तरीके जानिए यहां.

Bachi chaipatti uses

बची हुई चाय पत्ती का क्या करें?

विज्ञापन

Used Chaipatti: ज्यादातर भारतीय घरों में सुबह की चाय के बाद एक चीज ऐसी है जो बिना कुछ सोचे कूड़ेदान में फेंक दी जाती है, वह है बची हुई चायपत्ती (Leftover Chai Patti). अक्सर लोग इसे बेकार समझते हैं, लेकिन वे यह नहीं जानते कि यह मामूली-सी बची हुई चायपत्ती घर की सफाई से लेकर पौधों की देखभाल जैसे कामों में बड़ी मददगार होती है. बाजार से महंगे क्लीनर खरीदने के बजाय बची हुई चायपत्ती का इस्तेमाल किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि रोज फेंकी जाने वाली चायपत्ती को घर के किन 5 कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें – सफेद प्लास्टिक की कुर्सी पड़ गई है पीली? घर की ये 3 चीजें वापस लाएंगी पुरानी चमक

विज्ञापन

बची चायपत्ती का इन 5 कामों में करें इस्तेमाल

चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती का ऐसे ही इस्तेमाल नहीं करना है. इस्तेमाल करने से पहले पत्ती में मौजूद दूध और चीनी के अंश निकाल लें. इसके लिए पत्ती को साफ पानी से अच्छी तरह धो लीजिए. अगर चाहें तो इसे धूप में सुखाकर भी रख सकते हैं.

कांच के बर्तन और खिड़कियों की चमक बढ़ाने के लिए

कांच पर लगे दाग और धूल को हटाने के लिए चायपत्ती का पानी मददगार हो सकता है. इसके लिए धुली हुई चायपत्ती को पानी में उबालकर उसका घोल तैयार कर लें. घोल को ठंडा होने के बाद स्प्रे बोतल में भर लें या फिर किसी सूती कपड़े की मदद से कांच पर लगाएं. इसके बाद कांच को कपड़े या अखबार से पोंछ दीजिए. ऐसा करने से कांच चमक उठेगा.

विज्ञापन

काले पड़े बर्तनों को साफ करने का घरेलू तरीका

कई बार स्टील और एल्युमिनियम के बर्तनों का रोज इस्तेमाल करने से उन पर जिद्दी चिकनाई या कालापन जमा हो जाता है जो आसानी से नहीं छूटता. इससे छुटकारा पाने के लिए धुली हुई चायपत्ती को बर्तन साफ करने वाले लिक्विड के साथ मिलाकर उससे बर्तन धो लीजिए. इस तरीके से गंदगी हटाने में काफी मदद मिल सकती है.

विज्ञापन

पुराने लकड़ी के फर्नीचर में चमक लौटाने में मददगार

समय के साथ अक्सर लकड़ी के फर्नीचर पर धूल और फीकापन नजर आने लगता है. इससे बचने के लिए धुली हुई चायपत्ती को पानी में उबालकर उसका पानी ठंडा कर लें. इसके बाद इस पानी में मुलायम कपड़ा भिगोकर फर्नीचर को साफ करें. ऐसा करने से लकड़ी की ऊपरी सतह पर फिर से चमक नजर आने लगेगी.

विज्ञापन

गमलों के पौधों के लिए बनाएं प्राकृतिक खाद

चायपत्ती में नाइट्रोजन समेत तमाम पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पौधों के लिए फायदेमंद होते हैं. पौधों के लिए चायपत्ती का इस्तेमाल करने के लिए इसे धोकर और सुखाकर मिट्टी में मिला दें. ऐसा करने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है. घर के गार्डन और छोटे गमलों के लिए यह बहुत अच्छा उपाय है.

विज्ञापन

मच्छर और छोटे कीड़ों से बचाव में करें इस्तेमाल

धूप में सुखाई हुई चायपत्ती का इस्तेमाल आप प्राकृतिक तरीके से धुआं बनाने के लिए कर सकते हैं. इस धुएं से निकलने वाली खुशबू से कुछ कीड़े दूर भागते हैं. इसलिए इसका इस्तेमाल मच्छरों और छोटे कीड़ों को दूर रखने के लिए किया जा सकता है. ध्यान रहे कि इसे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर ही इस्तेमाल करें.

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ