---विज्ञापन---

लाइफस्टाइल

माथे पर इस जगह लगाएं ये खास चंदन, गायब हो जाएगी सारी टेंशन; पूजा में मन लगाने का है अचूक तरीका

अगर आपको भी चंदन का टीका लगाना बहुत पसंद है और साथ आप चाहते हैं कि यह चंदन एक शुद्ध और आयुर्वेदिक हो तो पतंजलि का आस्था चंदन आपके लिए बेहद खास साबित हो सकता है. आइए जानते हैं इसके गुणों के बारे में.

Author
Written By: Bhawna Dubey Updated: Feb 24, 2026 14:19

Worship Tips: ज्यादातर लोग भगवान को चंदन का टीका लगाना पसंद करते हैं साथ ही खुद के लिए भी चंदन का टीका इस्तेमाल करते हैं लेकिन उनको बाजार में प्राकृतिक चंदन नहीं मिल पाता है. अगर आप भी इस्तेमाल करने के लिए शुद्ध और आयुर्वेदिक चंदन चाहते हैं तो बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने आस्था चंदन खास आपके लिए बनाया है जो कि पूरी तरह से शुद्ध होता है साथ ही इसके इस्तेमाल से दिमाग शांत रहता है.

पूजा करते समय भगवान को टीका जरूर लगाना पड़ता है. टीका लगाने के लिए लोग चंदन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन अगर चंदन शुद्ध न हो या केमिकल वाला हो तो भगवान की मूर्ति काली पड़ जाती है तो इसके लिए आप पतंजलि के आस्था चंदन का इस्तेमाल कर सकते हैं. जिससे न तो मूर्ति काली पड़ेगी और न ही उसपर दाग पड़ेगा.आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में और इस्तेमाल करने का सही तरीका.

---विज्ञापन---

पतंजलि आस्था चंदन के फायदे

  • आस्था चंदन की प्राकृतिक सुगंध मन को शांत करती है और तनाव कम करने में सहायक मानी जाती है.
  • इसके इस्तेमाल से माथे पर से ठंडक महसूस होती है, जिससे गर्मी या चिड़चिड़ापन कम हो सकता है.
  • आयुर्वेद के अनुसार चंदन त्वचा को ठंडा रखने और हल्की जलन या लालिमा में कम करने में मदद करता है.
  • धार्मिक दृष्टि से चंदन का टीका शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.
  • आस्था चंदन इसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे दिनभर ताजगी का अनुभव होता है.

इसमें पाए जाने वाले तत्व

आस्था चंदन में प्राकृतिक चंदन का उपयोग किया गया है इसमें मुख्य रूप से अल्फा-सैंटालोल और बीटा-सैंटालोल, सैंटालीन, एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. यह घटक चंदन को सुगंधित, शीतल और मन को शांत करने वाला बनाते हैं.

इस तरह से करें इस्तेमाल

पतंजलि आस्था चंदन को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. सबसे पहले आप चेहरा या माथे को साफ पानी से धो लें और हल्का सुखा लें. फिर थोड़ी-सी मात्रा में उंगली या लकड़ी की छोटी डंडी से लेकर माथे पर टीका लगाएं. यदि यह पाउडर या ठोस चंदन है, तो उसमें 1–2 बूंद साफ पानी या गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें, फिर लगाएं. पूजा के समय इसे भगवान को अर्पित करने के बाद स्वयं भी टीका लगा सकते हैं. आप इसको रोजाना इस्तेमाल कर सकते हैं.

---विज्ञापन---
First published on: Feb 24, 2026 12:49 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.