बरसाती मौसम में बच्चे को इंफेक्शंस से बचाने के लिए जरूर खिलाएं ये 3 चीजें, बीमारियां आस-पास भी नहीं भटकेंगी

Monsoon Diet For Kids: बच्चे मौसमी बीमारियों की चपेट में तेजी से आते हैं. ऐसे में मानसून में बच्चे की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है. यहां जानिए इस मौसम में बच्चे को क्या खिलाएं और क्या नहीं.

Monsoon Diet For Kids

बारिश के मौसम में बच्चों को क्या खिलाना चाहिए?

Monsoon Tips: मानसून अपने साथ कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी लेकर आता है. ऐसे में बच्चे मानसून की चपेट में जल्दी आते हैं. कभी स्कूल से आते हुए बच्चे भीग जाते हैं तो कभी शौक से बारिश में नहाने से बीमार हो जाते हैं. वहीं, मौसम बदलने पर सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें भी बच्चों को सबसे पहले होती हैं. बच्चों की सेहत (Children’s Health) दुरुस्त रहे और बरसाती मौसम उनके लिए मुसीबत का सबब ना बन जाए इसके लिए बच्चों की डाइट को अच्छा रखना सबसे जरूरी है. यहां जानिए बच्चों को बरसात में कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं, बच्चों की डाइट कैसी रखें और कौन सी चीजें बच्चों को खिलाने से परहेज करें.

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बच्चों को मानसून में कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं

  • बच्चों को बारिश के मौसम में सीजनल फ्लू, कमजोर इम्यूनिटी के कारण मौसमी इंफेक्शन (Infections) और बुखार, खांसी या जुकाम की दिक्कत हो सकती है.
  • बच्चों को खराब पानी और खानपान के कारण दस्त या पेट की दिक्कतें हो सकती हैं.
  • इस मौसम में जगह-जगह मच्छर पनपने से डेंगू और मलेरिया की दिक्कत हो सकती है.
  • स्किन इंफेक्शंस भी बच्चों को घेर सकते हैं. इसीलिए फंगल इंफेक्शंस से बच्चों को बचाए रखना जरूरी है.
  • टायफॉयड का खतरा भी इस मौसम में रहता है.

बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उसे क्या खिलाएं

बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) दुरुस्त रहेगी तो उसका शरीर खुद ही बीमारियों से लड़ लेगा. ऐसे में बच्चों की डाइट को बैलेंस्ड रखना जरूरी है. बच्चे को संतरा, अमरूद, पपीता और विटामिन सी से भरपूर अन्य फूड्स जरूर खिलाएं. इसके अलावा, बच्चे को हल्दी और अदरक वाली चीजें खिलाएं. सब्जी, सूप या परांठे में हल्दी और अदरक को डाला जा सकता है. बच्चे को आप अदरक और कच्ची हल्दी वाला काढ़ा या हल्दी वाला दूध भी पीने के लिए दे सकते हैं.

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मानसून में बच्चे को क्या ना खिलाएं

बच्चों को इस मौसम में बाहर का स्ट्रीट फूड ना खाने दें. स्ट्रीट फूड हाइजीनिक ना हो तो गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है. बच्चे को स्ट्रीट फूड के कारण पेट के इंफेक्शंस (Stomach Infections) हो सकते हैं. कच्ची चीजें खिलाने से परहेज करें. बरसात में कच्ची चीजें खाने पर इंफेक्शंस का खतरा बढ़ता है. इसके अलावा, पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियां इस मौसम में कम ही घर लाएं.

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इन बातों का भी रखें ध्यान

  • बच्चा बाहर से खेलकर आए तो उसके हाथ अच्छे से धुलवाएं.
  • बच्चे को कीचड़ वाली जगह या जहां गंदा पानी जमा हो वहां खेलने से मना करें.
  • बच्चों को मच्छरदानी में सुलाएं और खिड़कियों को ज्यादा देर खुला ना रहने दें
  • बाहर खेलने जाते हुए बच्चे को पूरे कपड़े पहनाकर भेजें जिससे मच्छर बच्चे को ना काट सकें.
  • बच्चे को वॉटरप्रूफ सैंडल या जूते पहनाएं जिससे बच्चे के पैरों में बारिश का पानी ज्यादा देर तक जमा ना रहे.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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