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बरसात के मौसम में नवजात बच्चे की देखरेख के लिए ध्यान रखें ये 5 बातें, मासूम की सेहत नहीं होगी खराब

Monsoon Care For Babies: बारिश के मौसम में छोटे बच्चे बीमारियों की चपेट में तेजी से आते हैं. ऐसे में बच्चों की सेहत का सही तरह से ख्याल रखना जरूरी होता है. यहां जानिए बच्चे की सेहत ना बिगड़े इसके लिए क्या करना चाहिए.

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Monsoon Baby Care Tips: मानसून में तापमान बदलता है और हवा में ह्यूमिडिटी आ जाती है जिस कारण इस मौसम में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. इसीलिए इस मौसम में खासतौर से बच्चे की सही देखरेख करना जरूरी है. बच्चे को इस मौसम में कैसे कपड़े पहनाने चाहिए, बच्चों का कमरा कैसा होना चाहिए और बच्चे के शरीर को कैसे साफ रखें यह पता होना जरूरी है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप बच्चे की सही देखरेख कर सकते हैं जिससे बच्चा मौसमी दिक्कतों की चपेट में ना आने से बचता है.

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कैसे रखें मानसून में बच्चे का ख्याल

  • घर में नमी ना रहने दें. घर को हमेशा सूखा रखें और साफ रखें. बच्चे के कमरे में प्रोपर वेंटिलेशन का ख्याल रखें.
  • बच्चे को आप रोजाना नहला सकते हैं. इससे बच्चे का शरीर साफ रहता है. बच्चे को गर्म रखें लेकिन उसे ब्रीदेबल कपड़े पहनाएं जिससे शरीर पर हवा लगती रहे.
  • इस बात का ध्यान रखें कि आप बच्चे को बहुत ज्यादा कपड़े ना पहनाएं. बच्चे को मोटे कपड़े पहनाने से बचें क्योंकि पसीना आने से बच्चे के शरीर पर रैशेज हो सकते हैं.
  • बच्चे को मच्छर ना काटें इसके लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. मच्छरदानी से अन्य कीड़े भी बच्चे के आस-पास नहीं आ सकेंगे.
  • बाहर बच्चे का ध्यान रखने के लिए भीड़ से बचें. नवजात बच्चे को भीड़ वाली जगह लेकर जाने के बजाय घर पर ही मिलने वालों को बुला लें.

बच्चे के शरीर को कैसे रखें साफ

बच्चे के शरीर को साफ करने के लिए उसे अच्छे से नहलाएं. बच्चे के अंडरआर्म्स, जननांग, गर्दन और शरीर के अन्य फोल्ड्स को अच्छे से साफ करें. इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे के शरीर पर नमी ना जमी रहे. बच्चे को मॉइस्चराइजर लगाएं जिससे स्किन रैशेज से बचे रहे.

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मां को भी रखना होगा अपना ख्याल

बच्चे की सेहत अच्छी रहे इसके लिए मां को भी अपना ख्याल रखना होगा. नवजात बच्चे मां के दूध पर ही निर्भर करते हैं. इसीलिए मां को संक्रमित पानी पीने से बचना चाहिए. साफ पानी या पानी को गर्म करके पिएं जिससे मां मौसमी इंफेक्शंस से बचें और बच्चा भी इफेंक्शंस की चपेट में आने से बचा रहे.

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बच्चे में इन लक्षणों का रखें ध्यान

अगर बच्चे को बुखार आ जाए, खांसी होने लगे या शरीर पर रैशेज दिखने लगें तो अपने पीडियाट्रिशियन की सलाह लें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Jul 11, 2026 03:10 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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