Whom Mosquito Bites More: बरसात के मौसम में जगह-जगह पानी इकट्ठा होने पर मच्छर पनपने लगते हैं और लोगों को जमकर काटते हैं. लेकिन, अक्सर महसूस किया जाता है कि कुछ लोगों को अन्य लोगों के मुकाबले मच्छर ज्यादा काटते हैं. अगर ग्रूप में भी बैठा जाए तो वहां भी 1-2 लोगों को मच्छर ज्यादा काट रहे होते हैं और कुछ लोगों को मच्छर छूते भी नहीं हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? यहां जानिए मच्छर कुछ लोगों को अन्य लोगों के मुकाबले अपना शिकार ज्यादा क्यों बनाते हैं.
सांसों से आकर्षित होते हैं मच्छर

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इंसानों की सांस में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड से मच्छरों को संकेत मिलता है कि आस-पास शिकार मौजूद है. यह संकेत मिलते ही मच्छर सक्रिय हो जाते हैं और अपने शिकार की ओर बढ़ते हैं.
शरीर की गर्मी भी निभाती है भूमिका

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शरीर की गर्मी और नमी भी मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती है. कार्बन डाइऑक्साइड के कारण शरीर की गर्मी बढ़ती है जिससे मच्छर काटने के लिए आने लगते हैं. इसीलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को मच्छर ज्यादा काटते हैं.
शरीर की गंध और मच्छर

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आपके शरीर से निकलने वाली गंध भी मच्छरों को अट्रैक्ट करती है. जब शरीर से पसीना निकलता है तो साथ ही केमिकल्स रिलीज होते हैं जैसे, कार्बोक्सिलिक एसिड, अमोनिया और लैक्टिक एसिड. कई लोगों के शरीर से ये तीनों केमिकल सही कोंबिनेशन में निकलते हैं जिससे मच्छर ज्यादा अट्रैक्ट होते हैं.
ब्लड टाइप

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रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों का ब्लड ग्रूप O है उन्हें एडीज एजिप्ती मच्छर ज्यादा काटते हैं. वहीं, जिन लोगों का ब्लड ग्रूप A है उन्हें मच्छर कम काटते हैं.
त्वचा के बैक्टीरिया से पास आते हैं मच्छर

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नीदरलैंड्स वागेनिंगेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में पाया कि जिन लोगों को मलेरिया फैलाने वाले मच्छर ज्यादा काटते हैं या उनसे अट्रैक्ट होते हैं उनके शरीर पर बैक्टीरिया की संरचना अन्य लोगों से अलग थी. उनकी त्वचा पर बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा थी लेकिन बैक्टीरिया की किस्मों में विविधता कम थी.