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हर साल यहां क्यों गिरने लगते हैं सैकड़ों पक्षी? जानिए असम के जटिंगा का रहस्य

Jatinga Village: असम के जटिंगा में हर साल पक्षियों के गिरने की घटना रहस्यमयी जरूर लगती है, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इसके पीछे आत्महत्या नहीं बल्कि नेचुरल haijr 

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Jatinga Village History: असम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चाय के बागानों और जैव विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर है. वैसे तो यहां पर कई जगहें मौजूद है, लेकिन आज हम आपको एक अनोखे गांव की कहानी पता होना चाहिए. हर साल मानसून के अंत में यहां रात के समय बड़ी संख्या में पक्षी नीचे गिरते हुए दिखाई देते हैं. इसी वजह से जटिंगा को अक्सर पक्षियों का सुसाइड पॉइंट भी कहा जाता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह गांव कहां पर है और इसका का रहस्य है.

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कहां है जटिंगा?

जटिंगा असम के दीमा हसाओ जिले में स्थित एक छोटा-सा पहाड़ी गांव है. यह समुद्र तल से करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और चारों ओर घने जंगलों से घिरा हुआ है. 

कब होती है यह रहस्यमयी घटना?

यह घटना हर साल सितंबर से नवंबर के बीच देखने को मिलती है. खासतौर पर बारिश के मौसम के बाद, अंधेरी रातों में और शाम लगभग 6 बजे से 10 बजे के बीच यह ज्यादा देखने को मिलती है. 

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आखिर पक्षी नीचे क्यों गिरते हैं?

वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे कई प्राकृतिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे 

  • बारिश, तेज हवा और घने कोहरे की वजह से पक्षियों का दिशा ज्ञान प्रभावित हो जाता है. ऐसे में वे भ्रमित होकर नीचे की ओर उड़ने लगते हैं. 
  • रात में गांवों या लोगों द्वारा जलाई गई तेज रोशनी पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. भ्रमित पक्षी रोशनी की दिशा में उड़ते हुए पेड़ों, खंभों या जमीन से टकरा जाते हैं.. 
  • इस दौरान कई स्थानीय और कुछ प्रवासी पक्षी मौसम के कारण अपना रास्ता भटक जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं. 

क्या सच में पक्षी आत्महत्या करते हैं? 

विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवा और कृत्रिम रोशनी मिलकर ऐसी परिस्थितियां बना देती हैं, जिनमें पक्षी भ्रमित होकर नीचे गिर जाते हैं. इसलिए पक्षियों का सुसाइड कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जाता. 

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किन पक्षियों पर पड़ता है असर?

इस घटना में लगभग 40 से अधिक प्रजातियों के पक्षी प्रभावित होते देखे गए हैं. इनमें अधिकतर छोटे जंगलों में रहने वाले पक्षी शामिल होते हैं, जबकि ऊंची उड़ान भरने वाले बड़े पक्षी आमतौर पर इससे प्रभावित नहीं होते

क्या अब भी होती है यह घटना?

पहले के मुकाबले अब ऐसी घटनाओं की संख्या कम हो गई है इसकी एक वजह वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जागरूकता फैलाना है. अब लोगों को पक्षियों को नुकसान न पहुंचाने और तेज रोशनी का इस्तेमाल क्रम कर दिया है.

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First published on: Jul 12, 2026 10:12 AM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर (Senior Sub Editor) हैं. दिल्ली की रहने वाली शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. शादमा मुस्कान का कुल अनुभव  कुल अनुभव - 5 साल डिग्री- शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से बीजेएमसी (BJMC) और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई भी की है. पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की। इसके बाद हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया के हरजिंदगी में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. तहजीब टीवी में भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम की बेसिक समझ हासिल की. अब ज्यादा फोकस हेल्थ और लाइफस्टाइल की बीट पर है. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर गाइड के विषय में भी विशेषज्ञों से बातचीत के साथ विस्तृत लेखन में महारत हासिल है.

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