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अजित पवार का Learjet-45 प्लेन कितना था फिट? कंपनी VSR एविएशन के मालिक ने खुद बताया

अजित पवार वाले प्लेन को पायलट सुमित कपूर और सांभवी पाठक उड़ा रहे थे. कंपनी के मालिक सिंह ने कहा कि विमान को उड़ाने वाले पायलट कपूर को 16 हजार घंटे उड़ान का अनुभव था.

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Edited By : Arif Khan Updated: Jan 28, 2026 18:09
साल 2023 में भी इस कंपनी का एक और 'लियरजेट-45' विमान हादसे का शिकार हो गया था.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जिस ‘लियरजेट 45’ प्लेन में यात्रा कर रहे थे, वह VSR एविएशन कंपनी का प्लेन था. यह प्लेन बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई. साल 2023 में भी इस कंपनी का एक और ‘लियरजेट-45’ विमान मुंबई एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो गया था.

दिल्ली की प्राइवेट कंपनी VSR एविएशन के मालिक वीके सिंह ने दावा किया है कि विमान बिल्कुल सही हालत में था, उसमें कोई समस्या नहीं थी, ना ही कोई तकनीकी खामी थी.

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यह भी पढ़ें : कौन थीं अजित पवार की फ्लाइट उड़ाने वाली पायलट शांभवी पाठक? जानें ट्रेनिंग से कॉकपिट तक की पूरी कहानी

इस कंपनी के सात लियरजेट्स-45 प्लेन हैं. जब उसके मालिक से पूछा गया कि क्या कंपनी अपने बचे हुए प्लेन को ग्राउंड करने की योजना बना बना रही है, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इसके जवाब में ‘ना’ बोल दिया. उन्होंने कहा कि मैं बचे हुए विमान को क्यों रोकूं. ये सारे प्लेन फिट हैं.

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उन्होंने यह भी कहा कि लियरजेट को दुनिया भर में एक ‘बहुत, बहुत भरोसेमंद विमान’ माना जाता है.

लियरजेट- एक स्विस लड़ाकू विमान के मॉडल पर आधारित है. इसमें आठ लोग बैठ सकते हैं. इस ब्रांड को साल 1990 में कनाडाई निर्माता ‘बॉम्बार्डियर’ ने अधिग्रहित कर लिया था. कभी बेहद अमीरों की लग्जरी सफर के लिए इस विमान को जाना जाता था. लियरजेट प्लेन का प्रोडेक्शन साल 2021 में रोक दिया गया था.

यह भी पढ़ें : 18 महीने पहले भी बाल-बाल बचे थे अजित पवार, तब फडणवीस ने दी थी हिम्मत; बादलों में खो गया था हेलीकॉप्टर

अजित पवार वाले प्लेन को पायलट सुमित कपूर और सांभवी पाठक उड़ा रहे थे. कंपनी के मालिक सिंह ने कहा कि विमान को उड़ाने वाले पायलट कपूर को 16 हजार घंटे उड़ान का अनुभव था. वहीं, उन्होंने बताया कि को-पायलट सांभवी को 1500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव था.

जो विमान हादसे का शिकार हुआ, उसका निर्माण 2010 में हुआ था. इसके पास सितंबर 2026 तक ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (ARC) था. इस हादसे की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने जांच शुरू कर दी है.

First published on: Jan 28, 2026 06:09 PM

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