Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

राज्यसभा में कांग्रेस की पक्की सीटों में लगी सेंध! KCR के एक फैसले ने बिगाड़ा खेल

देश की 37 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में कांग्रेस की पक्की सीटों पर सेंध लगनी शुरू हो गई है. शुरुआत तेलंगाना से हुई, यहां अप्रैल में खाली हो रही राज्यसभा की जिन दो सीटों पर कांग्रेस अपनी जीत पक्की मानकर चल रही थी, BRS प्रमुख केसीआर के एक फैसले के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है.

Author
Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 23, 2026 12:33
RAJYA SABHA 2026.jpg

राज्यसभा की अप्रैल में खाली हो रही तेलंगाना की दो सीटों पर कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह आसानी से दोनों सीटें जीत लेगी, लेकिन केसीआर ने कम से कम एक उम्मीदवार मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया है. भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) किसी बड़े और चर्चित चेहरे को चुनावी रण में उतारने की तैयारी में हैं, जिससे मुकाबला अब केवल संख्या बल का नहीं, बल्कि साख की लड़ाई बन गया है.

भले ही बीजेपी इस स्थिति में नहीं है कि वह सीधे कांग्रेस को चुनौती दे सके, लेकिन बीआरएस की नजरें बीजेपी और ओवैसी के विधायकों पर टिकी हैं. यदि बीआरएस अपने बागी विधायकों को रोकने और इन अन्य दलों का समर्थन जुटाने में कामयाब रहती है, तो कांग्रेस के लिए दूसरी सीट जीतना ‘टेढ़ी खीर’ साबित हो सकता है.

---विज्ञापन---

तेलंगाना विधानसभा के गणित को समझें

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन चाहिए. BRS के पास कुल 37 विधायक होने का दावा है हालांकि 10 विधायक बागी होकर कांग्रेस में चले गए हैं और उनकी अयोग्यता का मामला चल रहा है.

अगर BRS के सभी विधायक साथ रहें तो सिर्फ 4 और विधायकों की जरूरत होगी. पार्टी इस आंकड़े को पूरा करने के लिए अन्य दलों से बातचीत कर रही है. कांग्रेस के पास 66 विधायक हैं, साथ ही CPI का एक विधायक भी समर्थन में है. पार्टी अब तक यकीन कर रही थी कि BRS मुकाबले में नहीं उतरेगी, लेकिन केसीआर ने मौका देखकर एंट्री मार दी है.

---विज्ञापन---

AIMIM और BJP की भूमिका भी अहम

राज्य में AIMIM के पास 7 विधायक हैं, जबकि BJP के पास 8. अगर समर्थन का खेल बिगड़ा तो दूसरी सीट पर मुकाबला टाइट हो सकता है. एक सीट कांग्रेस को मिल भी जाए लेकिन दूसरी अब टेढ़ी खीर बन गई है. कांग्रेस में आंतरिक कलह भी जारी है. एक सीट पर अभिषेक मनु सिंघवी को फिर भेजने की चर्चा है.

दूसरी सीट के लिए CM के सलाहकार वी. नरेंद्र रेड्डी और रिटायर्ड जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी जैसे नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन BRS के इस कदम से कांग्रेस लीडरशिप टेंशन में है. यह चुनाव अब सिर्फ संख्या का नहीं, बल्कि गठबंधन, गणित और रणनीति का मामला बन गया है. तेलंगाना में राज्यसभा की लड़ाई अब और रोमांचक हो गई है!

First published on: Feb 23, 2026 12:33 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.