मेघायल के शिलॉन्ग में हनीमून पर पति राजा रघुवंशी के मर्डर की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को बड़ी राहत दी है। बेंच ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन नोटिस जारी करके सोनम से पूछा है कि क्यों न उसकी जमानत रद्द कर दी जाए? सोनम की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर अब अगले गुरुवार 9 जुलाई को सुनवाई होगी।
यूपी पुलिस की किस चूक से सोनम रघुवंशी को मिली जमानत? पति की हत्या का इल्जाम
अगली सुनवाई तक मिली सोनम को राहत
सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, लेकिन शिलॉन्ग पुलिस ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सोनम की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि सोनम जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हो चुकी है और उसकी रिहाई में अब दखल देना सही नहीं होगा। अगली सुनवाई तक सोनम जेल से बाहर ही रहेगी। पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश की।
पुलिस को सोनम के फरार होने की आशंका
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सोनम पर गंभीर आरोप लगे हैं। उसकी जमानत याचिकाएं निचली अदालत खारिज कर चुकी है। पुलिस का तर्क है कि अगर सोनम जेल से बाहर रही तो वह फरार हो सकती है। केस से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है। वहीं सोनम के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी के दौरान सोनम को वकील नहीं मिला था और न ही पुलिस ने गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट किए थे, बल्कि एक खाली प्रोफार्मा दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस वर्किंग वर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सवाल किया कि अगर मुद्दा इतना संवेदनशील है तो सोनम की जेल से रिहाई से पहले क्यों नहीं उठाया गया? अगर हाई कोर्ट ने जमानत तकनीकी आधार पर दी है तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है? सोनम के वकील ने दलील दी कि मामले में अब कोई बरामदगी बाकी नहीं और सोनम पर पहले से ही सख्त शर्तें लागू हैं। वह शिलॉन्ग में ही रह रही है, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ का डर नहीं।
सोनम रघुवंशी के 3 अटैंप्ट फेल, फिर ‘हनीमून पर जेल’, चार्जशीट में पुलिस ने रिवील की प्लानिंग
29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने दी जमानत
बता दें कि सोनम रघुवंशी को 29 जून 2026 को मेघालय हाई कोर्ट ने जमानत दी थी। हाई कोर्ट के जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह ने सोनम को निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत के फैसले को सही ठहराया था। साथ ही राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। वहीं राजा रघुवंशी के परिवार ने भी सोनम की जमानत का विरोध किया था और मध्य प्रदेश-मेघायल सरकार ने जमानत रद्द कराने की मांग की थी।
मेघायल के शिलॉन्ग में हनीमून पर पति राजा रघुवंशी के मर्डर की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को बड़ी राहत दी है। बेंच ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन नोटिस जारी करके सोनम से पूछा है कि क्यों न उसकी जमानत रद्द कर दी जाए? सोनम की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर अब अगले गुरुवार 9 जुलाई को सुनवाई होगी।
यूपी पुलिस की किस चूक से सोनम रघुवंशी को मिली जमानत? पति की हत्या का इल्जाम
अगली सुनवाई तक मिली सोनम को राहत
सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, लेकिन शिलॉन्ग पुलिस ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सोनम की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि सोनम जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हो चुकी है और उसकी रिहाई में अब दखल देना सही नहीं होगा। अगली सुनवाई तक सोनम जेल से बाहर ही रहेगी। पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश की।
पुलिस को सोनम के फरार होने की आशंका
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सोनम पर गंभीर आरोप लगे हैं। उसकी जमानत याचिकाएं निचली अदालत खारिज कर चुकी है। पुलिस का तर्क है कि अगर सोनम जेल से बाहर रही तो वह फरार हो सकती है। केस से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती है। वहीं सोनम के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी के दौरान सोनम को वकील नहीं मिला था और न ही पुलिस ने गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट किए थे, बल्कि एक खाली प्रोफार्मा दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस वर्किंग वर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सवाल किया कि अगर मुद्दा इतना संवेदनशील है तो सोनम की जेल से रिहाई से पहले क्यों नहीं उठाया गया? अगर हाई कोर्ट ने जमानत तकनीकी आधार पर दी है तो क्या कानून पुलिस को दोबारा गिरफ्तारी से रोकता है? सोनम के वकील ने दलील दी कि मामले में अब कोई बरामदगी बाकी नहीं और सोनम पर पहले से ही सख्त शर्तें लागू हैं। वह शिलॉन्ग में ही रह रही है, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ का डर नहीं।
सोनम रघुवंशी के 3 अटैंप्ट फेल, फिर ‘हनीमून पर जेल’, चार्जशीट में पुलिस ने रिवील की प्लानिंग
29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने दी जमानत
बता दें कि सोनम रघुवंशी को 29 जून 2026 को मेघालय हाई कोर्ट ने जमानत दी थी। हाई कोर्ट के जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह ने सोनम को निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत के फैसले को सही ठहराया था। साथ ही राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। वहीं राजा रघुवंशी के परिवार ने भी सोनम की जमानत का विरोध किया था और मध्य प्रदेश-मेघायल सरकार ने जमानत रद्द कराने की मांग की थी।