महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया. इस सेंटर में धारावी के प्रस्तावित पुनर्विकास की तस्वीर को मॉडल, डिजिटल डिस्प्ले और इंटरैक्टिव एग्जिबिट के जरिए समझाया गया है. इस दौरान सीएम फडणवीस ने धारावी पर तैयार किए गए एक एंथम का अनावरण किया और इलाके पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी जारी की.
करीब 22,500 वर्ग फीट में तैयार किए गए एक्सपीरियंस सेंटर में लोगों को प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को करीब से समझने का मौका मिलेगा. यहां बनाए गए लाइफ-साइज मॉडल के जरिए लोग यह देख सकेंगे कि पुनर्विकास के बाद मिलने वाले घर किस तरह के होंगे. सेंटर में 350 वर्ग फीट और 500 वर्ग फीट के अपार्टमेंट के फर्निश्ड और अनफर्निश्ड मॉडल तैयार किए गए हैं. लोग इन घरों के भीतर जाकर प्रस्तावित लेआउट और उपलब्ध जगह को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकते हैं.
विस्तृत 3D वॉकथ्रू भी तैयार किया गया
सेंटर में एक विस्तृत 3D वॉकथ्रू भी तैयार किया गया है. इसके जरिए धारावी के प्रस्तावित नए स्वरूप में रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र, सड़कें, परिवहन व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाएं और खुले स्थानों को दिखाया गया है. इंटरैक्टिव एग्जिबिट के जरिए धारावी के इतिहास के साथ-साथ यहां लंबे समय से चल रहे कारोबार और उद्यमिता की जानकारी भी दी गई है.
पुनर्विकास योजना में धारावी में घर और रोजगार के बीच मौजूद मौजूदा संबंध को बनाए रखने पर जोर दिया गया है. इसके साथ स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, धार्मिक स्थल, सार्वजनिक परिवहन, पार्क और अन्य सामाजिक बुनियादी ढांचे को विकसित करने का प्रस्ताव है. योजना में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब भी शामिल है, जिसका उद्देश्य परिवहन के अलग-अलग साधनों को एक जगह जोड़कर कनेक्टिविटी बेहतर करना है.
धारावी में करीब 40,000 पेड़ लगाने का लक्ष्य
एक्सपीरियंस सेंटर में मीठी नदी के पुनर्जीवन, धारावी में करीब 40,000 पेड़ लगाने और 3.3 किलोमीटर लंबे सार्वजनिक रिवरफ्रंट से जुड़ी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया है. इसके अलावा पार्क और खुले स्थान विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे इलाके में हरित क्षेत्र और सार्वजनिक जगहों में बढ़ोतरी हो सके. सेंटर में डिजिटल और सहायता आधारित माध्यमों से सर्वे, पात्रता, दस्तावेज और पुनर्वास प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसका उद्देश्य लोगों को प्रस्तावित पुनर्विकास के तहत उनके घर और आजीविका से जुड़े प्रावधानों और प्रक्रियाओं को समझने में मदद करना है.