तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग केस: झारखंड की अदालत ने 10 लोगों को ठहराया दोषी, 5 जुलाई को सजा ऐलान
Edited By Bhola Sharma

Tabrez Ansari Mob lynching case
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Tabrez Ansari Mob lynching case
Tabrez Ansari mob lynching case: झारखंड के बहुचर्चित तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में मंगलवार को सरायकेला अदालत का फैसला आया। अपर जिला जज प्रथम अमित शेखर की अदालत ने 10 लोगों को दोषी ठहराया है। लोक अभियोजक अशोक कुमार रे ने बताया कि आरोपियों को IPC की धारा 304, 323, 341 समेत विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है। सजा की अवधि पर सुनवाई 5 जुलाई को होगी।
अदालत ने दो आरोपियों सत्यनारायण और सुमंत प्रधान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत का यह फैसला चार साल बाद आया है।
झारखंड की सरायकेला अदालत ने 2019 तबरेज़ अंसारी लिंचिंग मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया।
इन्हें धारा 304, 323, 341 समेत विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है। सजा की अवधि पर सुनवाई 5 जुलाई को होगी: अशोक कुमार रे, लोक अभियोजक
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 27, 2023
दोषी ठहराए गए लोगों में पप्पू मंडल, भीम सिंह मंडल, कमल महतो, अतुल महली, मदन नायक, सुमंत महतो, विक्रम मंडल, चामू नायक, प्रेमचंद महली और प्रकाश महली शामिल हैं। मुख्य आरोपी पप्पू मंडल को छोड़कर सभी आरोपी जून 2019 में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर थे।
तबरेज अंसारी (23) सरायकेला के महुलडीहा गांव का रहने वाला था। 17 जून, 2018 की रात को सीनी थाना चौकी के अंतर्गत धतकीडीह गांव में भीड़ ने चोरी के आरोप में तबरेज की पिटाई कर दी थी। इससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया था। 18 जून को पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन 21 जून को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और अगली शाम सरायकेला सदर अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामनले में 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद से लगातार सुनवाई हो रही थी और आज फैसला आया है।
तबरेज अंसारी की हत्या उसके निकाह के दो महीने के बाद हो गई थी। 27 अप्रैल को उसका निकाह हुआ था। माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। तबरेज पुणे में वेल्डिंग का काम करता था।
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