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भारत ने बना रखा था पाकिस्तान पर आखिरी वार का प्लान! ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS अनिल चौहान का बड़ा खुलासा

Operation Sindoor: पूर्व CDS ने भारत की पिछली सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जमीनी रास्ते का इस्तेमाल किया था.

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पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने 6 मई, 2025 ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. भारतीय सेना के हमलों के आगे घुटने टेकने को मजबूर पाकिस्तान की हालत पस्त हो गई. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारतीय कार्रवाई को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन का प्लान बनाते समय इस बात पर जोर दिया गया था कि आखिरी वार भारत का ही होना चाहिए, न की पाकिस्तान का.

ऑपरेशन सिंदूर कई मायनों दूसरे ऑपरेशन से अलग

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की योजना बताने समय एक क्लियर ‘एस्केलेशन मैट्रिक्स’ तैयार की थी. इसकी ठोस वजह ये थी कि संघर्ष की स्थिति में आखिरी हमला भारत की तरफ से होना चाहिए, न कि पाकिस्तान को आखिरी वार का मौका दिया जाए. जनरल चौहान के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर कई मायनों में पहले के सैन्य अभियानों से अलग था. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान तीनों सेनाओं ने अपनी क्षमताओं और कमियों को लेकर राजनीतिक लीडरशिप के सामने किसी तरह की असहमति या कमजोरी नहीं दिखाई.

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सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक बदली रणनीति

पूर्व CDS ने भारत की पिछली सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जमीनी रास्ते का इस्तेमाल किया था. इसके बाद पुलवामा हमले के बाद बालाकोट कार्रवाई में एयरफोर्स की शक्ति का इस्तेमाल किया गया और बड़े स्तर पर हवाई अभियान चलाया गया. जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने एक अलग ऑप्शन चुना और ऑपरेशन सिंदूर के लिए निचले एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई गई.

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‘आखिरी वार हमारी तरफ से होगा’

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैयार की गई रणनीति के बारे में जनरल चौहान ने कहा कि एस्केलेशन मैट्रिक्स के पीछे कुछ स्पष्ट सिद्धांत थे. इनमें सबसे जरूरी यह था कि संघर्ष के दौरान आखिरी हमला या ‘विनिंग नोट’ भारत की तरफ से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई केवल हथियारों के इस्तेमाल तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य भी जुड़े होते हैं.

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First published on: Aug 25, 2026 10:14 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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