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ड्रैगन का बड़ा कबूलनामा… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तानी एयरबेस पर मौजूद थे चीनी इंजीनियर, भारत के खिलाफ की थी मदद

यह खुलासा भारत के उन दावों की पुष्टि करता है जिसमें कहा गया था कि चीन, पाकिस्तान का इस्तेमाल अपनी सैन्य तकनीक को परखने के लिए एक 'लाइव लैब' की तरह कर रहा है.

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भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चीन का कबूलनामा सामने आया है. चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि पिछले साल भारत के साथ चले संघर्ष के दौरान उसके सैन्य विशेषज्ञ और इंजीनियर पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद थे और वे सीधे तौर पर युद्ध की तैयारियों में मदद कर रहे थे.

50 डिग्री तापमान और युद्ध का शोर

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के सरकारी चैनल CCTV पर ‘एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना’ के इंजीनियरों ने इस गुप्त मिशन की जानकारी साझा की है. चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि मई के महीने में पाकिस्तान के एयरबेस पर तापमान 50 डिग्री के पार था. हम लगातार फाइटर जेट्स की गर्जना और हवाई हमले के सायरन सुन रहे थे. यह हमारे लिए मानसिक और शारीरिक रूप से एक कठिन परीक्षा थी, लेकिन हमारा मकसद अपने J-10CE विमानों को पूरी क्षमता से संचालित करना था.

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किस्तान बना चीन की ‘लाइव लैब’

यह खुलासा भारत के उन दावों की पुष्टि करता है जिसमें कहा गया था कि चीन, पाकिस्तान का इस्तेमाल अपनी सैन्य तकनीक को परखने के लिए एक ‘लाइव लैब’ की तरह कर रहा है. पाकिस्तान की सेना आज 81 प्रतिशत चीनी हथियारों पर निर्भर है. चीन ने अपने सबसे आधुनिक 4.5 जेनरेशन के फाइटर जेट J-10CE को पहली बार भारत जैसी ताकतवर वायुसेना के खिलाफ इसी संघर्ष में परखा.

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भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने पहले ही खुलासा किया था कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य बातचीत चल रही थी, तब चीन पाकिस्तान को भारतीय वेक्टर्स की ‘लाइव लोकेशन’ मुहैया करा रहा था.

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पहलगाम का बदला और चीन की चुनौती

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. इसमें जैश और लश्कर के 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. चीन की यह स्वीकारोक्ति बताती है कि भारत उस वक्त सिर्फ पाकिस्तान से नहीं, बल्कि चीनी तकनीक और रणनीतिकारों से भी मुकाबला कर रहा था.

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खतरनाक है यह ‘नापाक’ जुगलबंदी

चीन ने 2015 से अब तक पाकिस्तान को 8.2 बिलियन डॉलर के हथियार बेचे हैं. वर्तमान में पाकिस्तान, चीन के कुल हथियार निर्यात का 63% हिस्सा अकेले खरीदता है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अब केवल हथियार नहीं बेच रहा, बल्कि युद्ध के मैदान में पाकिस्तान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, जो भारत के लिए एक ‘टू-फ्रंट वॉर’ जैसी स्थिति है.

First published on: May 08, 2026 11:53 PM

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