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भारतीय सेना की ‘अंग्रेजी’ पर पाक सेना प्रवक्ता ने कसा तंज, तो पाकिस्तानियों ने ही लगा दी क्लास

7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें बताया गया कि कैसे भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को दहलाया और आतंकियों के लॉन्च पैड्स को खाक में मिला दिया.

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भारतीय जांबाजों के पराक्रम से जब दुश्मन का कलेजा कांपता है, तो वह अक्सर ऐसी बातें करता है जिसका न कोई सिर होता है और न पैर. कुछ ऐसा ही किया है पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखकर पाक जनरल को मिर्ची लग गई, लेकिन वजह सामरिक नहीं बल्कि ‘भाषाई’ थी.

क्या है पूरा विवाद?

7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें बताया गया कि कैसे भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को दहलाया और आतंकियों के लॉन्च पैड्स को खाक में मिला दिया. इस गौरवमयी ब्रीफिंग को देख बौखलाए DG ISPR अहमद शरीफ चौधरी ने सवाल दागा – ‘भारतीय सैन्य अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोल रहे थे? क्या वे दुनिया को अपनी कहानी सुनाना चाहते हैं?’

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अपनों ने ही धो डाला

जनरल चौधरी का यह बयान उन्हीं पर भारी पड़ गया. इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि पाकिस्तान के ही पूर्व सैन्य अधिकारी और पत्रकार मेजर आदिल फारूक राजा (रिटायर्ड) ने उन्हें आईना दिखाते हुए कहा, ‘जब आप कांच के घर में रहते हैं, तो दूसरों पर पत्थर न फेंकें.’

मेजर राजा ने पाक सेना की पोल खोलते हुए बताया कि पाकिस्तान सेना में आज भी उच्चतम से निम्नतम स्तर तक सभी निर्देश अंग्रेजी में ही दिए जाते हैं. पाक अधिकारी उर्दू का इस्तेमाल केवल अपनी अनपढ़ जनता को बेवकूफ बनाने और प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए करते हैं.

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मेजर राजा ने पूछा कि भाषा पर बहस करने के बजाय पाकिस्तान यह क्यों नहीं बताता कि भारत ने उनके 11 एयरबेस को कितना नुकसान पहुंचाया?

सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

सिर्फ पूर्व सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि आम पाकिस्तानी नागरिक भी अपने जनरल को ट्रोल करने में पीछे नहीं रहे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने लिखा, ‘नापाक सेना झूठ की फैक्ट्री है.’

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एक अन्य यूजर ने तो जनरल चौधरी की एआई-जनरेटेड फोटो शेयर कर दी, जिसमें उनका चेहरा काला दिखाया गया और उन्हें गधे पर बैठाने की बात कही गई. रेडिट पर एक यूजर ने तंज कसा, ‘उन्हें लगता है कि हम अनपढ़ गधे हैं जो उनके हर झूठ पर यकीन कर लेंगे’

कौन हैं अहमद शरीफ चौधरी?

अहमद शरीफ चौधरी, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के DG हैं. वह पाकिस्तान सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रैंक पर हैं. चौधरी UN द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी महमूद सुल्तान बशीर-उद-दीन के बेटे हैं.

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First published on: May 08, 2026 09:33 PM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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