भारतीय चुनावी सिस्टम के कायल हुए डोनाल्ड ट्रंप, बोले- 'भारत में होते हैं अमेरिका से ज्यादा सुरक्षित इलेक्शन'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था की तारीफ की. इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया. ट्रंप ने भारत के वोटर आईडी सिस्टम को अमेरिका में चुनावी नियमों को सख्त करने के अपने तर्क के समर्थन में पेश किया.

TRUMP.jpg_39678d

फोटो- ANI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनाव प्रणाली की सराहना की. ट्रंप ने कहा कि भारत में अमेरिका से ज्यादा सुरक्षित चुनाव होते हैं. उनके अनुसार भारत में इस बार (लोक सभा चुनाव में) 646 मिलियन मतदाताओं ने वोट दिया और हर एक के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पूछा, ‘बिना वैध फोटो ID के अमेरिका में चुनाव कैसे हो सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब पहले से कहीं ज्यादा ‘Save America Act’ की जरूरत है.

विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के 2024 लोकसभा चुनाव का आंकड़ा भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि उस चुनाव में करीब 64.6 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया था और 1% से भी कम लोगों ने मेल के जरिए वोट डाला. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रत्येक मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी था. इसी उदाहरण के आधार पर ट्रंप ने अमेरिका में चुनावी नियमों को और मजबूत करने की बात कही.

विज्ञापन

क्या है ‘SAVE America Act’?

ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर ‘SAVE America Act’ को लेकर उनके अभियान से जुड़ा है. जिसका अर्थ अमेरिका को बचाना है. इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अमेरिका में मतदाता पंजीकरण के दौरान नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण और मतदान के समय फोटो पहचान पत्र की आवश्यकता को मजबूत करना है. ट्रंप लंबे समय से अमेरिकी चुनावों में मतदाता पहचान से जुड़े नियमों को सख्त करने की वकालत करते रहे हैं. बता दें कि इस कानून को लेकर अमेरिका में राजनीतिक मतभेद भी हैं. समर्थकों का तर्क है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सुरक्षा मजबूत होगी, जबकि आलोचकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में गैर-नागरिकों के मतदान पर पहले से प्रतिबंध है और अतिरिक्त दस्तावेजों की अनिवार्यता से कुछ पात्र मतदाताओं के लिए मतदान मुश्किल हो सकता है.

विज्ञापन

बयान में कहा गया कि भारत और ब्राजील में मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ा गया है. इसके विपरीत, अमेरिका में नागरिकता से जुड़ी जानकारी के लिए बड़ी हद तक मतदाता की ओर से दी गई जानकारी पर निर्भरता है. जर्मनी और कनाडा में मतदान के लिए पेपर बैलेट का इस्तेमाल होता है. दावे में कहा गया है कि अमेरिका में बैलेट की सुरक्षा और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट और सख्त व्यवस्था नहीं है. वहीं, डेनमार्क और स्वीडन में मेल से मतदान की सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए होती है, जो मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट नहीं डाल सकते हैं. इन देशों में चुनाव खत्म होने के बाद पहुंचने वाले बैलेट को गिना नहीं जाता है, जबकि अमेरिका में ऐसा नहीं है.

ज्ञानेश कुमार की अमेरिकी प्रशासन से मुलाकात क्यों अहम?

ट्रंप का बयान ऐसे समय परआया है, जब ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की थी. दोनों पक्षों ने चुनाव प्रबंधन और चुनावी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी. भारत की चुनाव व्यवस्था को लेकर ज्ञानेश कुमार पहले भी इसे दुनिया की विश्वसनीय चुनाव प्रणालियों में शामिल करार दे चुके हैं.

विज्ञापन

वहीं, जुलाई में उन्होंने कहा था कि भारत में मतदान अनिवार्य नहीं होने के बावजूद कई अनिवार्य मतदान वाले देशों की तुलना में यहां मतदान प्रतिशत अधिक रहता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के भरोसे को दिखाता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ