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पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ भारतीय वायुसेना ने जो 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था, उसे आज एक साल पूरा हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय वायुसेना ने एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो को जारी करते हुए वायुसेना ने लिखा, 'भारत कुछ नहीं भूलता भारत कुछ भी माफ नहीं करता.'
PoK में बने 9 आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना का हमला

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1 मिनट 28 सेकंड का यह वीडियो ठीक 1 बजकर 5 मिनट पर X पर पोस्ट किया. पिछले साल 6-7 मई की रात को 1 बजकर 5 मिनट को ही ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ था. करीब 25 मिनट तक पाकिस्तान और PoK में बने 9 आतंकी ठिकानों पर वायुसेना ने बमबारी की थी और 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया था. (फोटो- AI)
भारत ने चलाया था ऑपरेशन सिंदूर

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वीडियो की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान है जिसमें उन्होंने आतंकियों और उनके आकाओं को चेतावनी दी थी. इस वीडियो में दिखाया गया है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम अटैक के बाद भारत और भारतीय सेना ने कैसे ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी की और पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को ढेर कर दिया. इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और उसके सैन्य ठिकानों की तबाही की तस्वीर भी दिखाई गई है. (फोटो- AI)
25 मिनट, 9 आतंकी ठिकाने

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पहलगाम अटैक के बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था. भारतीय सेना ने करीब 25 मिनट में पाकिस्तान और PoK में बने 9 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया था.
वायुसेना ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों को तबाह कर दिया था. वायुसेना के इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. जैश सरगना और मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के 10 रिश्तेदारों की भी इसमें मौत हो गई थी.
भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया था. पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. भारत ने पलटकर पाकिस्तान को ऐसा जवाब दिया कि उसकी हालत खराब हो गई. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के एयरबेस और अहम ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. जबकि, पाकिस्तान से दागी जा रही मिसाइलों को भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया.
भारतीय सेना से पाकिस्तान 4 दिन तक उलझता रहा. लेकिन जब उसकी हालत पतली हो गई तो उसने सीजफायर का अनुरोध किया. पाकिस्तान के अनुरोध पर 10 मई को भारत ने भी सीजफायर कर दिया. (फोटो- AI)
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने इन हथियारों का किया इस्तेमाल

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ब्रह्मोस: ब्रह्मोस मिसाइल इस ऑपरेशन में भारत का प्राथमिक स्ट्राइक हथियार था, जिसने भारतीय सेना को एक सामरिक बढ़त दी.
लॉइटरिंग म्युनिशंस: इन्हें सुसाइड ड्रोन या कामिकाजे ड्रोन के रूप में भी जाना जाता है, जो अपने लक्ष्य को खोजकर उस पर हमला करने में सक्षम हैं. इनका इस्तेमाल पाकिस्तानी हवाई ठिकानों (जैसे नूर खान और रहीम यार खान) पर सटीक हमले करने और दुश्मन के रडार तथा मिसाइल प्रणालियों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए किया गया. यह हमला करने से पहले लक्ष्य के ऊपर हवा में चक्कर लगा सकते हैं और सही समय देखकर लक्ष्य, जैसे दुश्मन के रडार या मिसाइल सिस्टम की पहचान करके ही उस पर अचूक वार करते हैं. (फोटो- AI)
लंबी दूरी के ड्रोन और युद्ध सामग्री

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आधुनिक स्वदेशी तकनीक से लैस इन हथियारों ने भारतीय हमलों को बिना किसी नुकसान के प्रभावी बनाया. भारत ने पाकिस्तान के फाइटर जेट्स और ड्रोन्स को बहकाने के लिए इस्राइल से खरीदे गए हारोप ड्रोन्स को भी उतारा. इन ड्रोन्स ने न सिर्फ लड़ाकू विमानों को भटकाया, बल्कि भारत के हमलों को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई. इतना ही नहीं इन ड्रोन्स में खुद ही दुश्मन के निशाने से टकराकर उन्हें तबाह करने की क्षमता होती है. इस क्षमता का भारत ने जबरदस्त इस्तेमाल भी किया. (फोटो- AI)
आकाश मिसाइल सिस्टम

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यह स्वदेशी रूप से विकसित कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SRSAM) प्रणाली है. इसने हवाई हमलों के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता का प्रदर्शन किया. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ग्रुप मोड या ऑटोनॉमस मोड (स्वचालित) में एक साथ कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेद सकती है और इसमें दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक हमलों को नाकाम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीकों को अपनाने की सुविधा पहले से ही मौजूद है. (फोटो- AI)
इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS)

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इस आधुनिक नेटवर्क सिस्टम ने थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी वायु रक्षा उपकरणों को आपस में जोड़कर बेहद आधुनिक बचाव क्षमता प्रदान की, जिसने भारत की सुरक्षा को अभेद्य दीवार में बदल दिया. (फोटो- AI)
एंटी-ड्रोन सिस्टम और काउंटर-यूएएस ग्रिड

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पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए ड्रोनों और मिसाइलों को बेअसर करने के लिए इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस (मानवरहित हवाई प्रणालियां) ग्रिड का इस्तेमाल किया गया, जिसकी क्षमताओं का पाकिस्तान को कोई अंदाजा नहीं था. इस अभेद्य स्वदेशी प्रणाली ने 7-8 मई की रात को पाकिस्तान द्वारा भारत के अलग-अलग सैन्य ठिकानों, जैसे श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर आदि) पर दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को ट्रैक करके पूरी तरह बेअसर कर दिया. (फोटो- AI)
पारंपरिक और वायु रक्षा हथियार

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श्मन के हमलों को नाकाम करने के लिए पेचोरा, ओसा-एके (OSA-AK) और लो-लेवल एयर डिफेंस गन्स (LLAD) का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया.
कंधे से दागे जाने वाले हथियार: रक्षा की बहु-स्तरीय प्रणाली के हिस्से के रूप में मैनपैड्स का भी इस्तेमाल किया गया. (फोटो- AI)
लड़ाकू विमान और मिसाइलें

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इसके अलावा भारत ने राफेल, सुखोई 30एमकेआई, मिराज 2000 और कुछ अन्य लड़ाकू विमानों में लगे सिस्टम के जरिए पाकिस्तान के अहम आतंकी और सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया. जहां राफेल में लगी स्कैल्प (SCALP) लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल ने दुश्मन के किलों को सटीकता से भेदा तो वहीं, हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल ने 100 किलोमीटर दूर लक्ष्य को निशाना बनाया. (फोटो- AI)