World Anesthesia Day: एनेस्थीसिया किसे नहीं दिया जा सकता है और किन लोगों पर नहीं होता इसका असर

Anaesthesia Side Effects: एनेस्थीसिया बेहोशी की दवा है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किन लोगों को एनेस्थीसिया नहीं दिया जाना चाहिए या यह किन लोगों पर अप्राभी हो सकता है? आपके सभी सवालों का जवाब यहां दिया गया है.

Anaesthesia

World Anesthesia Day 2025: हर साल 16 अक्टूबर के दिन विश्व एनेस्थीसिया डे मनाया जाता है. 16 अक्टूबर के ही दिन साल 1846 में पहली बार एनेस्थीसिया का सफल इस्तेमाल हुआ था और इसीलिए यही दिन एनेस्थीसिया डे मनाने के लिए चुना गया. एनेस्थीसिया (Anesthesia)को लेकर लोगों को जागरुक करने, जरूरी जानकारी देने और इसके इस्तेमाल के फायदे या साइड इफेक्ट्स बताने के मकसद के साथ हर साल यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है. एनेस्थीसिया में एक तरह का ड्रग इस्तेमाल किया जाता है जिसे एनेस्थेटिक्स कहते हैं. मेडिकल प्रोसीजर के दौरान एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें शरीर के किसी एक हिस्से को सुन्न कर दिया जाता है जिससे सर्जरी बिना दर्द महसूस किए हो सकती है. वहीं, जनरल एनेस्थीसिया में मरीज बेहोश हो जाता है या गहरी नींद में सो जाता है. यहां जानिए किन लोगों को एनेस्थीसिया नहीं दिया जा सकता है और किन लोगों पर इसका असर नहीं होता.

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किन लोगों को एनेस्थीसिया नहीं दिया जा सकता है

एनेस्थीसिया सभी को दिया जाता है लेकिन कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें है जिनमें व्यक्ति को एनेस्थीसिया देने पर कोंप्लिकेशंस आ सकती हैं.

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ज्यादा उम्र – जिनकी उम्र ज्यादा है उन्हें एनेस्थीसिया देने में दिक्कत आती है.
डायबिटीज – डायबिटीज की कंडीशन में भी एनेस्थीसिया देने से पहले सोचना पड़ता है.
किडनी की दिक्कतें – अगर व्यक्ति को किडनी की दिक्कतें हों तो एनेस्थीसिया देना मुश्किल होता है.
एनेस्थीसिया एलर्जी – जिन लोगों को एनेस्थीसिया की एलर्जी हो या फिर जिनके परिवार में किसी को मलाइनेंट हाइपरथर्मिया या एनेस्थीसिया की एलर्जी रही हो उन्हें एनेस्थीसिया देने से परहेज किया जाता है.

इन दिक्कतों में भी एनेस्थीसिया देने से पहले सोचना पड़ता है –

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  • जिन लोगों को फेफड़ों की बीमारी जैसे अस्थमा या क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज हो.
  • दिल की दिक्कतें हों, हाई ब्लड प्रेशर हो या फिर स्ट्रोक्स का खतरा हो
  • स्लीप एपनिया की दिक्कत होना
  • धूम्रपान करने वाली लोग
  • सीजर्स आना या न्यूरोलॉजिकल डिसोर्डर होना.

किन लोगों पर एनेस्थीसिया का असर नहीं होता

यह बेहद रेयर है कि लोगों पर एनेस्थीसिया का असर नहीं होता है. लेकिन, कुछ कंडीशंस हैं जिनमें एनेस्थीसिया की आम डोज से ज्यादा डोज मरीज को देनी पड़ सकती है. जेनेटिक म्यूटेशन में जिन नर्व्स को एनेस्थीसिया टार्गेट करता है वो नर्व्स कम रिस्पोंसिव होती हैं. जिन लगों की मलाइनेंट हाइपरथर्मिया की फैमिली हिस्ट्री रही हो उनपर एनेस्थीसिया का बुरा असर दिख सकता है या असर नहीं होता है.

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मेटाबॉलिज्म, नियमित रूप से सिगरेट या शराब पीने वाले या जिन्हें कई बीमारियां हैं और वो इन सब बीमारियों की दवा ले रहे हैं, उनपर एनेस्थीसिया का असर ( Anesthesia Effect) निर्धारित नहीं किया जा सकता है.

एनेस्थीसिया के साइड इफेक्ट्स क्या होते हैं

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मरीज को एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद शरीर पर कुछ लक्षण या साइड इफेक्ट्स नजर आ सकते हैं –

  • मसल्स में दर्द होना
  • पीठ में दर्द होना
  • पेशाब करने में दिक्कत होना
  • थकान होना
  • सिर में दर्द
  • ठंड लगना
  • खुजली होना
  • उल्टी होना, जी मितलाना
  • इंजेक्शन जिस हिस्से पर लगा है वहां दर्द होना और त्वचा का लाल पड़ना
  • गले में दर्द महसूस होना.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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