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क्या बीमार इंसान ऑर्गन डोनेट कर सकता है? मैक्स के डॉक्टर से जानिए किन कंडीशन में मिलती है परमिशन

ऑर्गन डोनेट करने से पहले कुछ बातों पर ध्यान दिया जाता है. हॉस्पिटल की डॉक्टर नेफ्रोलॉजी अलका भासिन का कहना है कि अगर आपको कोई बीमारी है तो वह कितनी कंट्रोल में है और डोनेशन के बाद डोनर की सेहत पर इसका क्या असर पड़ सकता है.

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क्या किसी इंसान को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कोई दूसरी पुरानी बीमारी है तो क्या वह ऑर्गन डोनर बन सकता है? इसका जवाब हर इंसान के लिए अलग हो सकता है. हर मेडिकल कंडीशन में ऑर्गन डोनेट करने का तरीका अलग होता है. मैक्स हॉस्पिटल की डॉक्टर नेफ्रोलॉजी अलका भासिन बताती हैं कि डॉक्टर यह देखते हैं कि बीमारी कितनी है, इंसान का नॉर्मल हेल्थ कैसा है और ऑर्गन डोनेट करने के बाद इंसान को किसी भी तरह का खतरा तो नहीं होगा. अगर किसी बीमारी की वजह से ऑर्गन डोनेट करना मुश्किल है तो ऑर्गन को नहीं लिया जाता. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि कब इंसान को ऑर्गन डोनेट करना चाहिए?

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लिविंग ऑर्गन डोनेशन के रूल्स कब नहीं मिलती? 

लिविंग ऑर्गन डोनेशन में कुछ कंडीशन ऐसी होती हैं, जिनमें ऑर्गन डोनेशन नहीं किया जाता. मना कर दिया जाता है, जिनमें अनकंट्रोल्ड डायबिटीज, एक्टिव इंफेक्शन, अनकंट्रोल्ड कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, लिवर डिजीज और उस ऑर्गन से रिलेटेड कोई बीमारी शामिल हो सकती हैं, जिसे दान किया जाना है. 

कंट्रोल हाई बीपी में हो सकता है ऑर्गन डोनेशन

अगर किसी इंसान को हाई ब्लड प्रेशर है, लेकिन दवाइयों से उसका बीपी कंट्रोल में रहता है तो सिर्फ हाई बीपी की वजह से उसे डोनेशन के लिए सही नहीं माना जाता. अगर इंसान की हेल्थ ठीक है तो डॉक्टर जरूरी टेस्ट के बाद ऑर्गन डोनेशन किया जा सकता है. इस दौरान डॉक्टर यह देखते हैं कि किडनी, हार्ट और दूसरे अंग ठीक तरह से काम कर रहे हैं या नहीं और डोनेशन के बाद कोई दिक्कत तो नहीं होगी. 

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मेडिकल हिस्ट्री देखकर ही नहीं होता फैसला

किसी इंसान को सिर्फ उसकी पुरानी बीमारी या मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से डोनेशन करना है या नहीं… यह डिसाइड नहीं किया जा सकता. हर डोनर की अलग-अलग और पूरा मेडिकल चेकअप किया जाता है. इसके लिए ब्लड टेस्ट, इमेजिंग टेस्ट और ऑर्गन को चेक किया जाता है. इसी हिसाब से ही डिसाइड किया जाता है कि आप ऑर्गन डोनेट किए जा सकते हैं या नहीं. 

डोनर की सेफ्टी का भी ख्याल रखना

ऑर्गन देने का मतलब यह होता है कि किसी जरूरतमंद मरीज की जिंदगी बचाई जा सके, लेकिन इसके लिए डोनर की सेहत से समझौता नहीं किया जा सकता. डॉक्टरों की जिम्मेदारी यह होती है कि डोनर को आगे जाकर किसी भी तरह की परेशानी न हो और वो आसानी से ठीक हो जाए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- Max Health Care 

First published on: Aug 30, 2026 11:28 AM

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