गठिया के शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं? अपोलो अस्पताल के डॉक्टर ने बताए शरीर में होने वाले बदलाव

Arthritis Symptoms: अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दे दिया जाए तो बीमारी काफी बाद तक कंट्रोल की जा सकती है. अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रोफेसर राजू वैश्य का कहना है कि बीमारी की सही वजह पता लगाने और आगे होने वाले जोड़ों के नुकसान में मदद मिल सकती है. 

Arthritis Symptoms

शुरुआत में शरीर में दिख सकते हैं ये बदलाव. Image Credit- Freepik

जोड़ों में कभी-कभार दर्द होना आम बात है, लेकिन अगर दर्द और जकड़न बार-बार होने लगे, सुबह उठने के बाद शरीर में अकड़न महसूस हो या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में परेशानी हो… तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसे गठिया कह सकते हैं. इसके शुरुआती संकेत आपको धीरे धीरे परेशान कर सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रोफेसर राजू वैश्य का कहना है कि गठिया एक ही बीमारी नहीं बल्कि कई तरह की परेशानियां हैं, जिसमें जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न जैसी समस्या हो सकती है. खासकर रुमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की गलती से जोड़ों की अंदरूनी लेयर इफेक्ट करने लगती है. इसकी शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय पर पहचान और इलाज न होने पर जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. 

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शुरुआत में शरीर में दिख सकते हैं ये बदलाव

सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न- गठिया के शुरुआती लक्षणों में सुबह के समय हाथ-पैर या दूसरे जोड़ों में जकड़न महसूस होना शामिल है. कई बार कुछ देर चलने-फिरने के बाद यह परेशानी कम हो जाती है. लंबे समय तक बैठने या आराम करने के बाद भी ऐसी जकड़न महसूस हो सकती है. 

बिना किसी चोट के जोड़ों में दर्द होना 

अगर घुटने, हाथ, कलाई, पैर या दूसरे जोड़ों में बार-बार दर्द हो रहा है और इसके पीछे कोई चोट या स्पष्ट वजह नहीं है, तो इसे सिर्फ थकान समझकर छोड़ना सही नहीं है. गठिया में दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है और रोजाना की चीजें इफेक्ट हो सकती हैं. 

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जोड़ों के आसपास सूजन और गर्माहट होना 

जोड़ों में सूजन, लालिमा या दूसरे हिस्से का नॉर्मल से ज्यादा गर्म महसूस होना भी गठिया का संकेत हो सकता है. रुमेटॉइड आर्थराइटिस में खासकर कई छोटे जोड़ों में सूजन दिखाई दे सकती है. 

हाथों और उंगलियों के काम में परेशानी

शुरुआती रुमेटॉइड आर्थराइटिस में उंगलियों, हाथों और कलाई के छोटे जोड़ इफेक्ट हो सकते हैं. ऐसे में मुट्ठी बंद करने, बोतल का ढक्कन खोलने या लंबे समय तक किसी चीज को पकड़कर रखने में परेशानी महसूस हो सकती है. 

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सीढ़ियां चढ़ने या चलने में दर्द होना 

घुटनों और पैरों के जोड़ों में परेशानी होने पर सीढ़ियां चढ़ते समय, ज्यादा चलने पर या उठने-बैठने के दौरान दर्द बढ़ सकता है. सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द और चलने-फिरने में परेशानी गठिया के लक्षणों में शामिल हैं. 

जोड़ों की मूवमेंट कम होना

अगर पहले की तुलना में हाथ-पैर या किसी जोड़ को पूरी तरह मोड़ने या सीधा करने में परेशानी होने लगे तो यह भी ध्यान देने वाली बात है. गठिया में समय के साथ जॉइन रेंज ऑफ मोशन कम हो सकती है. 

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क्या हर जोड़ों का दर्द गठिया होता है?

जोड़ों में दर्द चोट, मांसपेशियों पर दबाव, उम्र बढ़ने के साथ होने वाले बदलाव भी परेशानी पैदा कर सकते हैं. हालांकि, सिर्फ जोड़ों में दर्द होने से यह नहीं बताता कि इंसान को रूमेटिक बीमारी है. गठिया के भी कई प्रकार होते हैं. ऑस्टियोआर्थराइटिस में आमतौर पर कार्टिलेज के धीरे-धीरे घिसने से दर्द और जकड़न होती है, जबकि रुमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source- Apollo

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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