Pet Ke Cancer Ke Lakshan: पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है. इस कैंसर के शुरुआती लक्षण आमतौर पर लोग इग्नोर कर देते हैं क्योंकि इसके लक्षण ज्यादातर आम दिक्कतों जैसे ही नजर आते हैं. ऐसे में जबतक कैंसर की जांच हो पाती है तबतक ट्यूमर कई हद तक बढ़ चुका होता है. इसीलिए पेट के कैंसर को समय रहते पहचानना और इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है. यहां जानिए पेट का कैंसर होने पर सबसे पहले 5 लक्षण कौन से नजर आते हैं.
यह भी पढ़ें - Sanjay Dutt को हुआ था फेफड़ों का कैंसर, बताया Stage 4 Lung Cancer को कैसे दी मात
पेट के कैंसर के 5 लक्षण | 5 Early Symptoms Of Stomach Cancer
पेट में दर्द होना
पेट के कैंसर की शुरुआत में पेट में अक्सर ही दर्द महसूस होता है. कई बार यह दर्द पेट खराब होने के दर्द जैसा लगता है और इसीलिए व्यक्ति इसे बहुत गंभीरता से नहीं लेता है. लेकिन, अगर पेट मोटा होने लगा है और पेट में दर्द महसूस होता है तो इसे नजरअंदाज ना करें.
सीने में जलन और अपच
आयदिन सीने में जलन महसूस होना और अपच हो जाना आम दिक्कत नहीं है. अगर अक्सर ही ऐसा महसूस होता है तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.
भूख में कमी आ जाना
पेट के कैंसर की शुरुआत में भूख में कमी आ सकती है. व्यक्ति को पेट में भारीपन महसूस होता है और अक्सर ही खाना खाने की इच्छा नहीं होती है.
मल में कालापन
पेट के कैंसर के लक्षण मल में भी नजर आते हैं. व्यक्ति को काला मल आ सकता है. यह इंटर्नल ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है. अगर मल में कालापन नजर आए या सामान्य से हटकर कोई लक्षण दिखे तो इस दिक्कत को इग्नोर ना करें.
थकान महसूस होना
कैंसर होने पर शरीर के सेल्स प्रभावित होने लगते हैं. इससे हर समय शरीर में थकान महसूस होने लगती है. इसके अलावा, कमजोरी हो सकती है और बिना वजह वजन कम हो सकता है.
पेट के कैंसर की जांच कैसे होती है
- पेट के कैंसर की जांच के लिए क्लीनिकल इवेलुएशन और इमेजिंग टेस्ट होते हैं. इसके लिए एंडोस्कॉपी की जा सकती है जिसमें कैमरा को फ्लेक्सिबल ट्यूब की मदद से पेट में डाला जाता है और पेट की परत की जांच होती है.
- बायोप्सी की जाती है जिसमें कैंसर सेल्स को कंफर्म करने के लिए एंडोस्कॉपी से लिए गए सैंपल टिशूज की जांच होती है.
- इमेजिंग टेस्ट में सीटी, एमआरई या पीईटी स्कैन भी किया जा सकता है.
पेट के कैंसर का ट्रीटमेंट
पेट के कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए सर्जरी की जा सकती है. सर्जरी में प्रभावित हिस्से को निकाल दिया जाता है. कीमोथेरैपी या रेडिएशन थेरैपी दी जा सकती है जिससे कैंसर की सेल्स को डिस्ट्रॉय किया जा सके. इसके अलावा, टार्गेटेड थेरैपी और इम्यूनोथेरैपी से स्पेसिफिक गैस्ट्रिक कैंसर को टार्गेट किया जाता है.
यह भी पढ़ें - दोनों किडनी खराब होने के क्या संकेत हैं? जानिए कैसे दिखते हैं Kidney Failure के शुरुआती लक्षण
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Pet Ke Cancer Ke Lakshan: पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है. इस कैंसर के शुरुआती लक्षण आमतौर पर लोग इग्नोर कर देते हैं क्योंकि इसके लक्षण ज्यादातर आम दिक्कतों जैसे ही नजर आते हैं. ऐसे में जबतक कैंसर की जांच हो पाती है तबतक ट्यूमर कई हद तक बढ़ चुका होता है. इसीलिए पेट के कैंसर को समय रहते पहचानना और इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है. यहां जानिए पेट का कैंसर होने पर सबसे पहले 5 लक्षण कौन से नजर आते हैं.
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पेट के कैंसर के 5 लक्षण | 5 Early Symptoms Of Stomach Cancer
पेट में दर्द होना
पेट के कैंसर की शुरुआत में पेट में अक्सर ही दर्द महसूस होता है. कई बार यह दर्द पेट खराब होने के दर्द जैसा लगता है और इसीलिए व्यक्ति इसे बहुत गंभीरता से नहीं लेता है. लेकिन, अगर पेट मोटा होने लगा है और पेट में दर्द महसूस होता है तो इसे नजरअंदाज ना करें.
सीने में जलन और अपच
आयदिन सीने में जलन महसूस होना और अपच हो जाना आम दिक्कत नहीं है. अगर अक्सर ही ऐसा महसूस होता है तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.
भूख में कमी आ जाना
पेट के कैंसर की शुरुआत में भूख में कमी आ सकती है. व्यक्ति को पेट में भारीपन महसूस होता है और अक्सर ही खाना खाने की इच्छा नहीं होती है.
मल में कालापन
पेट के कैंसर के लक्षण मल में भी नजर आते हैं. व्यक्ति को काला मल आ सकता है. यह इंटर्नल ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है. अगर मल में कालापन नजर आए या सामान्य से हटकर कोई लक्षण दिखे तो इस दिक्कत को इग्नोर ना करें.
थकान महसूस होना
कैंसर होने पर शरीर के सेल्स प्रभावित होने लगते हैं. इससे हर समय शरीर में थकान महसूस होने लगती है. इसके अलावा, कमजोरी हो सकती है और बिना वजह वजन कम हो सकता है.
पेट के कैंसर की जांच कैसे होती है
- पेट के कैंसर की जांच के लिए क्लीनिकल इवेलुएशन और इमेजिंग टेस्ट होते हैं. इसके लिए एंडोस्कॉपी की जा सकती है जिसमें कैमरा को फ्लेक्सिबल ट्यूब की मदद से पेट में डाला जाता है और पेट की परत की जांच होती है.
- बायोप्सी की जाती है जिसमें कैंसर सेल्स को कंफर्म करने के लिए एंडोस्कॉपी से लिए गए सैंपल टिशूज की जांच होती है.
- इमेजिंग टेस्ट में सीटी, एमआरई या पीईटी स्कैन भी किया जा सकता है.
पेट के कैंसर का ट्रीटमेंट
पेट के कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए सर्जरी की जा सकती है. सर्जरी में प्रभावित हिस्से को निकाल दिया जाता है. कीमोथेरैपी या रेडिएशन थेरैपी दी जा सकती है जिससे कैंसर की सेल्स को डिस्ट्रॉय किया जा सके. इसके अलावा, टार्गेटेड थेरैपी और इम्यूनोथेरैपी से स्पेसिफिक गैस्ट्रिक कैंसर को टार्गेट किया जाता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.