Skin Cancer Symptoms: स्किन शरीर का सबसे बड़ा ऑर्गन है. शरीर के अंदर कोई दिक्कत पनपती है तो स्किन पर भी इसके प्रभाव नजर आने लगते हैं. त्वचा की रंगत बदलने से लेकर दाने या मस्से (Warts) निकलने और त्वचा पर खुजली होने तक की दिक्कत बता देती है कि शरीर में कोई बीमारी जन्म लेने लगी है. लेकिन, स्किन पर होने वाली दिक्कतें कई बार स्किन कैंसर का लक्षण (Skin Cancer Ke Lakshan) भी हो सकती हैं. ज्यादातर लोग स्किन की दिक्कतों को गंभीरता से नहीं लेते और आम परेशानी समझकर इग्नोर करते रहते हैं. ऐसे में स्किन कैंसर बढ़ने लगता है. इसीलिए स्किन कैंसर को समय रहते या कहें शुरुआती स्टेज में ही पहचानना बेहद जरूरी है. यहां जानिए स्किन पर दिखने वाले वो कौन से 7 वॉर्निंग साइन हैं जो बताते हैं कि शायद कुछ गड़बड़ है और स्किन कैंसर पनपने लगा है.
स्किन कैंसर के 7 वॉर्निंग साइन | 7 Warning Signs Of Skin Cancer
कोई नया तिल या मस्सा जो अलग दिखे
शरीर के ज्यादातर तिल छोटे होते हैं बचपन या युवावस्था से पहले ही निकल जाते हैं. लेकिन, अगर अचानक से ही कभी नया तिल निकल आए और यह बाकी सभी तिलों से अलग दिखे तो इसकी जांच होना जरूरी है. स्किन कैंसर को ABCDE से समझा जा सकता है –
A. असिमेट्री – तिल या मस्से का आधा हिस्सा दूसरे आधे हिस्से से बिल्कुल अलग नजर आता है
B. बोर्डर – मस्से के बोर्डर इर्रेग्युलर होते हैं, घिसे हुए या धुंधले नजर आते हैं
C. कलर – मस्से या तिल का रंग पूरा एक जैसा नहीं होता, यह कहीं से काला, कहीं भूरा, कहीं लाल, सफेद या नीला दिख सकता है
D. डाइमीटर – स्किन पर नजर आ रहा है यह धब्बा 6mm से बड़ा होता है
E. इवोल्विंग – यह तिल-मस्सा या निशान समय के साथ ही बढ़ता जाता है, इसके रंग और आकार में बदलाव नजर आता है.
अपने तिल (Moles) को देखें कि उसके पास की स्किन कैसी है. अगर यह स्किन लाल नजर आने लगी है और यह मस्से के आस-पास एक लाल गोला सा बना रही है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. लाल निशान के साथ ही सूजन और इरिटेशन होना एक गंभीर समस्या है.
हर तिल काला या ब्राउन ही नहीं दिखता है. कैंसर के तिल पिंक, लाल, सफेद या नीले रंग के नजर आ सकते हैं. अगर किसी मस्से या तिल का रंग बदल जाए या कोई मस्सा मल्टीकलर का हो तो यह कैंसर का एक बड़ा संकेत हो सकता है. इसे डर्मेटोलॉजिस्ट से चेक कराएं.
त्वचा पर छाला (Sore) निकल आता है जो ठीक नहीं होता है. यह बेजल सेल कार्सिनोमा या स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है. यह छाला कुछ हफ्तों तक भी ठीक नहीं होता है. अगर शरीर पर कहीं भी लाल चकत्ता, खरोंच, खुला घाव या फोड़ा निकल आए जो हफ्तों तक भी ठीक नहीं हो रहा है तो जांच कराने में देरी ना करें.
खुजली, दर्द और त्वचा का नाजुक महसूस होना
स्किन कैंसर में होने वाले ज्यादातर बदलाव बिना दर्द वाले हो सकते हैं, लेकिन कुछ दिक्कतों में दर्द हो सकता है. स्किन में दर्द महसूस होना, खुजली होना या सूजन आ जाना स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल है.
त्वचा के टेक्सचर का बदलना
त्वचा का टेक्सचर भी स्किन कैंसर का लक्षण दे सकता है. त्वचा का स्केली, खुरदुरा, दानेदान या पपड़ी जमने जैसा दिखना स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा या किसी और स्किन कैंसर का लक्षण हो सकता है. कुछ कैंसर स्किन पर खुरदुरे पैचेस जैसे दिख सकते हैं जो लंबे समय तक ठीक नहीं होते हैं. कुछ मामलों में त्वचा पर चिकनाहट और वैक्सी टेक्सचर भी नजर आता है.
त्वचा के अंदर गांठ (Lump) बनना कैंसर का लक्षण हो सकता है. अगर यह गांठ गर्दन, बगलों या जननांगों के पास निकली है और यह एक से ज्यादा गांठें हैं तो जांच जरूर कराएं. स्किन कैंसर में गांठ अचानक निकलती है, सूजन होती है और यह कई हफ्तों तक भी नहीं जाती है.
कैंसर की जांच के लिए डॉक्टर से कब मिलें इसकी कोई फिक्स्ड टाइमिंग नहीं हैं. जब भी आपको अपनी त्वचा पर कोई नई गांठ, धब्बा, चकत्ते, तिल या मस्से नजर आते हैं और नॉर्मल नहीं लगते हैं तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराएं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.