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दोनों किडनी खराब होने के क्या संकेत हैं? जानिए कैसे दिखते हैं Kidney Failure के शुरुआती लक्षण

Kidney Failure Signs: किडनी की बीमारी में शरीर एक नहीं बल्कि कई तरह के संकेत देने लगता है. ऐसे में किडनी फेलियर की तरफ बढ़ती है तो शरीर में क्या बदलाव होते हैं और कैसे लक्षण नजर आते हैं, जानिए यहां.

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Kidney Failure Symptoms: किडनी की ज्यादातर दिक्कतों को अक्सर ही लोग नजरअंदाज कर देते हैं. शुरुआती दौर में खासतौर से ये दिक्कतें आम परेशानी लगती हैं. लेकिन, जब तक किडनी प्रॉब्लम्स डायगनॉज होती हैं यानी जबतक इनकी जांच होती है तबतक कई हद तक बीमारी (Kidney Disease) फैल चुकी होती है. किडनी शरीर का फिल्टर सिस्टम है जो शरीर से टॉक्सिंस और गंदगी को बाहर निकालती है. अगर किडनी ठीक तरह से काम नहीं करती है तो शरीर के हर एक अंग पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसीलिए शुरुआत में ही किडनी की दिक्कतों को पहचानना और इलाज शुरू करना जरूरी होता है. समय पर इलाज ना मिलने से किडनी फेलियर की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में यहां जानिए ऐसे कौन से लक्षण हैं जो बताते हैं कि किडनी की सेहत ठीक नहीं है और किडनी फेलियर की तरफ बढ़ने लगी है.

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किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षण कैसे दिखते हैं

पेशाब से जुड़ी दिक्कतें – किडनी के ठीक तरह से काम ना करने पर पेशाब से जुड़ी दिक्कतें (Urine Problems) होने लगती हैं. बार-बार पेशाब आना, पेशाब में झाग नजर आना, पेशाब की रंगत गहरी हो जाना और पेशाब में खून नजर आना किडनी की सेहत बिगड़ने के लक्षण हो सकते हैं.

सूजन आना – किडनी खराब होने पर शरीर में वॉटर रिंटेशन होने लगता है. यह एक्सेस फ्लुइड आंखों के आस-पास, पेट और पैरों पर जमने लगता है जिससे इन हिस्सों में सूजन नजर आने लगती है.

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हाई ब्लड प्रेशर – किडनी की दिक्कतें हाई ब्लड प्रेशर का भी कारण बन सकती हैं. इससे किडनी में इंफ्लेमेशन जैसी दिक्कतें भी आती हैं.

कमजोरी और थकान – किडनी खराब होती है तो शरीर में अक्सर ही थकान रहने लगती है, शरीर कमजोर महसूस करने लगता है.

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भूख में कमी – भूख में कमी आने लगती है, जी मितलाने लगता है और अक्सर ही उल्टी जैसा महसूस होता है.

त्वचा पर असर – किडनी की दिक्कतों में त्वचा पर भी लक्षण नजर आते हैं. त्वचा ड्राई होने लगती है, त्वचा पर खुजली महसूस होती है और त्वचा की रंगत गहरी नजर आ सकती है, खासकर गर्दन के पीछे कालापन नजर आता है.

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कैसे होता है किडनी की बीमारियों का इलाज

किडनी की बीमारियों में शुरुआती स्टेज में शरीर पर होने वाली दिक्कतों को कंट्रोल करने की कोशिश की जाती है. इसमें डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतों को खान-पान, दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव करके बेहतर किया जाता है. इस स्टेज में अगर मरीज का वजन ज्यादा है तो वजन कम करने पर जोर दिया जाता है.

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दिक्कत गंभीर होने लगती है तो किडनी खराब होने पर शरीर में हुए अनीमिया, इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस और एडेमा जैसी दिक्कतों को ठीक करने पर ध्यान दिया जाता है. इस दौरान किडनी फंक्शन की क्लॉज मोनिटरिंग की जाती है.

किडनी फेलियर की आखिरी स्टेज में हेमोडायलाइसिस और पेरिटोनियल डायलिसिस जैसे ट्रीटमेंट्स किए जाते हैं. इसके अलावा, इस स्टेज में किडनी ट्रांसप्लांट की कोशिश की जाती है जिससे कि मरीज की क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर हो सके.

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दोनों किडनी फेल हो जाने पर क्या होता है

  • किसी व्यक्ति की अगर दोनों किडनी फेल हो जाए तो उसके शरीर में हर समय थकान रहती है और कमजोरी महसूस होती है.
  • पैरों में सूजन नजर आती है, टखने सूज जाते हैं और चेहरा भी फूला हुआ दिखने लगता है.
  • हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें अक्सर ही झनझनाहट होने लगती है.
  • पेशाब की दिक्कतें बढ़ जाती हैं और कई बार मरीज को ना के बराबर पेशाब आता है.
  • उल्टी जैसा महसूस होता है और व्यक्ति से कुछ भी खाया नहीं जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jul 16, 2026 12:20 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.

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