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पद्म भूषण लेने व्हीलचेयर पर क्यों आईं अल्का याग्निक? यहां जानिए किस बीमारी से गुजर रही हैं सुरों की मल्लिका

What Happend To Alka Yagnik: पद्मभूषण से सम्मानित अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इस बात का जिक्र किया था कि वे किस बीमारी से गुजर रही हैं. इस बीमारी के चलते ही वे हाल ही में व्हीलचेयर पर नजर आई थीं.

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Alka Yagnik Disease: सुरों की मल्लिका अलका याग्निक को भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया है. अल्का याग्निक के फैंस ने जहां अपनी फेवरेट सिंगर को सम्मान मिलने पर खुशी जताई तो वहीं उन्हें व्हीलचेयर पर देखकर चिंतित भी हो गए हैं. असल में सोशल माडिया पर अल्का के ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जहां वे अवॉर्ड लेने वेन्यू पर व्हीलचेयर में आती देखी गईं. एक दिन बाद खुद अल्का ने अपने इंस्टाग्राम अकांउट से पद्म भूषण (Padma Bhushan) लेते हुए पोस्ट शेयर किया और कैप्शन में अपनी तबीयत ठीक ना होने का जिक्र किया.

अल्का ने अपने पोस्ट में लिखा, “पिछले दो सालों से मैं स्पॉटलाइट से, पब्लिक अपीयरेंस से और अपनी जर्नी को शेयर करने से दूर रही हूं. आप में से कई लोगों को पता था कि मैं बुरे स्वास्थ्य से गुजर रही थी, लेकिन आपके प्यार, दुआएं, संदेश और ना डगमगाने वाला सहारा मेरे साथ हर कदम पर रहा.”

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अल्का याग्निक को क्या हुआ है

अल्का याग्निक ने साल 2024 में अपनी एक फोटो शेयर करते हुए सभी को बताया था कि वह एक रेयर हियरिंग डिसोर्डर से गुजर रही हैं. यह दुर्लभ बीमारी सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss) है जोकि कानों की अंदरूनी नस से जुड़ी बीमारी है.

अपने पोस्ट में अल्का ने लिखा था, “कुछ हफ्तों पहले जब में फ्लाइट से उतरी तो मैंने महसूस किया कि मैं कुछ भी नहीं सुन पा रही हूं” बीमारी को लेकर अल्का ने लिखा, “मेरे डॉक्टर्स ने जांच की और बताया कि यह एक रेयर सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस है जोकि एक वायरल अटैक के कारण हुआ है.”

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अल्का ने पोस्ट के कैप्शन में लोगों से अपने लिए दुआ करने के लिए कहा था. साथ ही अपने फैंस और कुलीग्स को यह सलाह भी दी कि वे बहुत लाउड म्यूजिक और हेडफोन्स से दूर रहें.

सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस क्या है

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सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस (SNHL) एक कॉमन टाइप का परमानेंट हियरिंग लॉस है. यह तब होता है जब कान का अंदरूनी हिस्सा डैमेज हो जाता है, खासकर छोटे हेयर सेल्स या ऑडिटरी नर्व जो साउंड सिग्नल्स को कान से दिमाग तक पहुंचाती हैं. जब ये हेयर सेल्स या नर्व्स डैमेज हो जाती हैं तो खुद को रिपेयर नहीं कर पातीं. सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस एक या दोनों कानों को प्रभावित कर सकता है. यह एकदम से हो सकता है या सालों में पनप सकता है.

सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं

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  • बातों को समझने में दिक्कत आने लगती है और बार-बार दूसरे व्यक्ति को दोबारा कहने के लिए बोलना पड़ता है
  • टीवी, रेडिया या फोन का वॉल्यूम बहुत ज्यादा बढ़ाना पड़ता है
  • हाई पिच्ड साउंड्स को सुनने में दिक्कत आती है
  • ऐसा महसूस होता है कि लोग ठीक से नहीं बोल रहे हैं
  • शरीर का बैलेंस बनाने में दिक्कत आने लगती है
  • रिंगिंग, बजिंग या फिर हिस्सिंग साउंड कान के अंदर सुनाई देने लगता है
  • लोगों की बातें लंबे समय तक सुनते हुए थकान या तनाव महसूस होने लगता है.

किन लोगों को हो सकता है सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस

  • उम्र बढ़ने पर इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है
  • रोजाना तेज आवाज में गाने सुनना, कॉन्सर्ट में जाना या हर समय हेडफोन्स पर गाने सुनना
  • किसी वायरल बीमारी या कान के इंफेक्शन के कारण
  • परिवार में किसी को हियरिंग लॉस रहा हो
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या ओटोइम्यून बीमारी के कारण
  • स्मोकिंग या कार्डियोवेस्कुलर हेल्थ बिगड़ने से ब्लड सप्लाई कम होने के कारण
  • सुनने की क्षमता कम करने वाली दवाओं के कारणभी इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है.

यह भी पढ़ें – रातभर में क्यों बढ़ जाता है कंधे का दर्द, डॉक्टर ने बताया यह किस दिक्कत का है संकेत, कब कराएं जांच

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.  

First published on: Jun 25, 2026 11:37 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.ए. और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. दिल्ली प्रेस और डायमंड पब्लिशिंग हाउस के लिए मैग्जीन में काम करने के बाद NDTV में साढ़े तीन साल कार्यरत रहीं. लाइफस्टाइल और सेहत बीट में गहन रुचि और लगभग छह साल का अनुभव लेकर न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर लिख रही हैं.

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