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डिमेंशिया का डायबिटीज, बीपी और धूम्रपान से संबंध, स्टडी ने बताया किन लोगों को है ज्यादा खतरा

Dementia Risk Factors: डिमेंशिया याद्दाश्त कमजोर होने की कंडीशन है जो बढ़ती उम्र में लोगों को प्रभावित करती है. हालिया स्टडी का कहना है कि डिमेंशिया का खतरा कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से बढ़ सकता है.

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Dementia Memory Loss: डिमेंशिया पर एक हालिया स्टडी में डिमेंशिया को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. यूएस बेस्ड एथेरोस्क्लेरोसिस रिस्क इन कम्यूनिटीज (ARIC) की स्टडी में 12,409 वयस्कों पर 26.3 सालों तक रिसर्च की गई. रिसर्च में पाया गया कि डायबिटीज (Diabetes), हाइपरटेंशन और स्मोकिंग की आदत वैस्कुलर रिस्क को बढ़ाती है. स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों में बीपी की दिक्कत नहीं है, डायबिटीज नहीं है और जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं वे बिना डिमेंशिया 13 सालों तक ज्यादा जीते हैं बजाय उनके जिनमें ये तीनों फैक्टर्स हैं.

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डिमेंशिया का खतरा बढ़ाते हैं ये फैक्टर्स

स्टडी में जिक्र किया गया है कि ये तीनों फैक्टर्स – डायबिटीज, बीपी और स्मोकिंग वैस्कुलर रिस्क बर्डन को बढ़ाते हैं और व्यक्ति में डिमेंशिया होने का खतरा भी वैस्कुलर रिस्क बर्डन से बढ़ जाता है. खासतौर से यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी उम्र ज्यादा है. इन तीनों फैक्टर्स के साथ डिमेंशिया का रिस्क 55 साल की उम्र में 23% और 75 साल की उम्र में 37% तक बढ़ जाता है.

कैसे कम होगा डिमेंशिया का खतरा

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अपडेटेड गाइडलाइंस के अनुसार, कुछ रिस्क फैक्टर्स जैसे हाई बीपी, डायबिटीज, स्मोकिंग और फिजिकल इनएक्विटी को दूर करके या मैनेज करके डिमेंशिया के खतरे को 45 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है. गाइडलाइंस में एयर पॉल्युशन से बचकर रहने की सलाह भी दी गई है.

AIIMS, न्यूकोलॉजी डिपार्टमेंट हेड डॉ. मंजरी त्रिपाठी के अनुसार, “मिडलाइफ से ही ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल करना, स्मोकिंग और बहुत ज्यादा एल्कोहल के सेवन से बचना, हेल्दी वेट मैनेज करना, फिजिकली एक्टिव रहना और कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल करना जरूरी है.”

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डिमेंशिया क्या होता है

डिमेंशिया एक ऐसी कंडीशन है जिसमें व्यक्ति की याद्दाश्त चली जाती है, भाषा और प्रॉब्लम सोल्विंग एबिलिटी कम होने लगती है या चली जाती है. डिमेंशिया का सबसे सामान्य कारण अल्जाइमर्स है. डिमेंशिया कोई एक बीमारी नहीं है बल्कि अलजाइमर्स जैसी बीमारियों के लक्षणों का समूह है.

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डिमेंशिया के क्या लक्षण होते हैं

अलजाइमर्स एसोसिएशन के अनुसार डिमेंशिया के ये लक्षण (Dementia Symptoms) नजर आ सकते हैं –

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  • याद्दाश्त कमजोर होने लगती है
  • अपने पर्स या वॉलेट को अक्सर ही कहीं रखकर भूल जाना
  • बिल चुकाना भूलना
  • खाना कब बनाना है या कैसे बनाना है यह भूल जाना
  • अपोइनमेंट्स याद रखना मुश्किल हो जाना
  • अपने घर का रास्त भूलना और पड़ोस में कहीं निकल जाना.

डिमेंशिया के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं और दिमागी शक्ति को प्रभावित करते हैं जो वक्त के साथ खराब होती चली जाती है. ऐसे में डिमेंशिया के लक्षण आप में या आपके किसी अपने में दिखने लगे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी ना करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Aug 20, 2026 12:29 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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