टीनएजर्स में बढ़ रही सोशल मीडिया की लत, Meta पर लगे गंभीर आरोप, एक्सपर्ट से जानिए कैसे करें कंट्रोल?
Social Media Addiction Prevent Tips: मेटा पर फिर आरोप लगे हैं कि वह टीनएजर्स को सोशल मीडिया की लत लगा रहा है. इसके बाद मेटा ने भी अपनी फीडबैक दी है, लेकिन सबसे जरूरी है कि टीनएजर्स और बाकी लोग इसका लिमिटेड इस्तेमाल करें, ताकि आदत लगने से बचा जा सके.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jul 22, 2026 11:37
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सोशल मीडिया की लत क्यों बढ़ रही है? Image Credit- Freepik
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Social Media Addiction: आजकल सोशल मीडिया लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लोग अपनी लाइफस्टाइल से जुड़ी हर चीज का सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम और लगातार इंस्टाग्राम से जुड़े रहने की वजह से टीनएजर्स सबसे ज्यादा इफेक्ट हो रहे हैं. इसकी लत भी टीनएजर्स में देखी जा रही है और बच्चे अपना करियर पर फोकस खत्म करते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को लेकर भी समय-समय पर आरोप सामने आते रहे हैं कि उसके कुछ प्लेटफॉर्म्स की डिजाइन यूजर्स को ध्यान में रखते हुए किया गया है. मेटा कंपनी के इंस्टाग्राम पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. यह आरोप अमेरिका के टेनेसी राज्य में लगाए गए हैं, जिसके बाद मेटा फीडबैक देते हुए नजर आया है.
अमेरिका के टेनेसी राज्य में केस किया गया है और कहा गया है कि मेटा सीधे टीनएजर्स को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. इसलिए लोगों को इसकी लत लग रही है और लोग अपनी जिंदगी से सुकून खो रहे हैं. इसको लेकर कई एक्सपर्ट का कहना है कि चाहे किसी भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाए, सबसे जरूरी है कि टीनएजर्स सोशल मीडिया का कम से कम इस्तेमाल करें.
सोशल मीडिया की लत क्यों बढ़ रही है?
टेनेसी के अटॉर्नी जनरल जोनाथन स्करमेटी के ऑफिस ने मुकदमा दायर किया है और आरोप लगाए हैं. बता दें, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले लाइक्स, कमेंट्स, नोटिफिकेशन और लगातार नया कंटेंट देखने की आदत कई लोगों को बार-बार फोन चेक करने के लिए प्रेरित कर सकती है.धीरे-धीरे यह आदत पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगती है.
सोशल मीडिया एडिक्शन के संकेत
बार-बार फोन चेक करना
दूसरे कामों में मन न लगना
सोशल मीडिया इस्तेमाल न करने से बैचेन होना
फोन चलाने से नींद पूरी न होना
ऑनलाइन चीजों में ज्यादा घुलना
लोगों से बातचीत खत्म करना
सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान
केस में मेटा को एक रिसर्च के बारे में बताया गया है कि कैसे यह टीनएजर्स पर बुरा असर डाल रहा है. साथ ही, आरोप लगाए गए हैं कि जकरबर्ग ने नुकसान कम करने की कोशिशों के लिए फंडिंग नहीं दी. इसलिए प्लेटफॉर्म पर गलत चीजें लगातार बढ़ती जा रही हैं.
पढ़ाई पर असर पड़ना
नींद की खराब होना
स्ट्रेस बढ़ना
भूख कम लगना
खुद को वक्त ना देना
कैसे कम करें सोशल मीडिया?
बिना जरूरत के बिल्कुल भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें.
खुद को बिजी रखें और अगर खाली वक्त मिल रहा है तो खुद के बारे में सोचें.
एक से ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें और अगर कर रहे हैं तो नोटिफिकेशन को ऑफ कर दें.
अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है तो अपने परिवार के साथ वक्त बिताना शुरू कर दें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Social Media Addiction: आजकल सोशल मीडिया लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लोग अपनी लाइफस्टाइल से जुड़ी हर चीज का सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम और लगातार इंस्टाग्राम से जुड़े रहने की वजह से टीनएजर्स सबसे ज्यादा इफेक्ट हो रहे हैं. इसकी लत भी टीनएजर्स में देखी जा रही है और बच्चे अपना करियर पर फोकस खत्म करते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा को लेकर भी समय-समय पर आरोप सामने आते रहे हैं कि उसके कुछ प्लेटफॉर्म्स की डिजाइन यूजर्स को ध्यान में रखते हुए किया गया है. मेटा कंपनी के इंस्टाग्राम पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. यह आरोप अमेरिका के टेनेसी राज्य में लगाए गए हैं, जिसके बाद मेटा फीडबैक देते हुए नजर आया है.
अमेरिका के टेनेसी राज्य में केस किया गया है और कहा गया है कि मेटा सीधे टीनएजर्स को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. इसलिए लोगों को इसकी लत लग रही है और लोग अपनी जिंदगी से सुकून खो रहे हैं. इसको लेकर कई एक्सपर्ट का कहना है कि चाहे किसी भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाए, सबसे जरूरी है कि टीनएजर्स सोशल मीडिया का कम से कम इस्तेमाल करें.
सोशल मीडिया की लत क्यों बढ़ रही है?
टेनेसी के अटॉर्नी जनरल जोनाथन स्करमेटी के ऑफिस ने मुकदमा दायर किया है और आरोप लगाए हैं. बता दें, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले लाइक्स, कमेंट्स, नोटिफिकेशन और लगातार नया कंटेंट देखने की आदत कई लोगों को बार-बार फोन चेक करने के लिए प्रेरित कर सकती है.धीरे-धीरे यह आदत पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगती है.
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सोशल मीडिया एडिक्शन के संकेत
बार-बार फोन चेक करना
दूसरे कामों में मन न लगना
सोशल मीडिया इस्तेमाल न करने से बैचेन होना
फोन चलाने से नींद पूरी न होना
ऑनलाइन चीजों में ज्यादा घुलना
लोगों से बातचीत खत्म करना
सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान
केस में मेटा को एक रिसर्च के बारे में बताया गया है कि कैसे यह टीनएजर्स पर बुरा असर डाल रहा है. साथ ही, आरोप लगाए गए हैं कि जकरबर्ग ने नुकसान कम करने की कोशिशों के लिए फंडिंग नहीं दी. इसलिए प्लेटफॉर्म पर गलत चीजें लगातार बढ़ती जा रही हैं.
पढ़ाई पर असर पड़ना
नींद की खराब होना
स्ट्रेस बढ़ना
भूख कम लगना
खुद को वक्त ना देना
कैसे कम करें सोशल मीडिया?
बिना जरूरत के बिल्कुल भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें.
खुद को बिजी रखें और अगर खाली वक्त मिल रहा है तो खुद के बारे में सोचें.
एक से ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें और अगर कर रहे हैं तो नोटिफिकेशन को ऑफ कर दें.
अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है तो अपने परिवार के साथ वक्त बिताना शुरू कर दें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.