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बच्चे की मेंटल हेल्थ ठीक रखने के लिए माता-पिता को करने चाहिए ये 4 काम, UNICEF ने बताए जरूरी पॉइंट्स

UNICEF से जानिए किन 4 बातों को ध्यान में रखकर पेरेंट्स बच्चे की मेंटल हेल्थ को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. इस तरह बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी पूरी सेहत बेहतर रहती है.

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Children’s Mental Health: हमारा मानसिक स्वास्थ्य ही शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ रहने में मदद करता है. एक पेरेंट के तौर पर हम अपने बच्चे की मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. बच्चे अक्सर ही जिंदगी की कशमकश और चुनौतियों से डर जाते हैं जिसका प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. ऐसे में बच्चों की मेंटल हेल्थ बिगड़ने का इंतजार ना करके हम पहले ही ऐसी सावधानियां बरत सकते हैं जिनसे बच्चे मेंटली बेहतर महसूस करें, खुश रहें और संयत रहना सीखें. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के अनुसार, ऐसी 4 बातें हैं जिनका ध्यान रखकर पेरेंट्स बच्चे की मेंटल हेल्थ को बेहतर कर सकते हैं.

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बच्चे की मेंटल हेल्थ ठीक रखने के लिए क्या करें

विवादों से साथ निपटें

बच्चे के साथ माता-पिता के अक्सर ही मतभेद हो जाते हैं. ऐसे में बच्चे को इन मतभेदों में भी अच्छे उदाहरण दें. संयम बनाने और मतभेदों का साथ हल निकालने पर आप बच्चे को महत्वपूर्ण लाइफ लेसन सिखा सकते हैं.

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अपनी भावनाएं शेयर करने के लिए कहें

माता-पिता को कोशिश करनी चाहिए कि वे बच्चों को उनकी भावनाएं साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें. बच्चों के लिए समय निकालें. बच्चों से पूछें कि उनका दिन कैसा रहा और वे दिनभर क्या कर रहे थे. बच्चों को याद दिलाएं कि आप हमेशा बच्चे के लिए अवेलेबल हैं और चाहे जो हो जाए आप सुनना चाहते हैं कि बच्चे क्या फील करते हैं और उनके दिमाग में क्या चल रहा है.

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खुद का ख्याल रखें

खुद का ख्याल रखकर आप बच्चों को सिखा सकते हैं कि सेल्फ केयर अच्छा है. इससे बच्चे भी आपको देखकर अपना ख्याल रखना सीख सकेंगे. दिनभर में अपने लिए समय निकालें जिनमें आप अपने तनाव को सुलझा सकें और मैनेज कर सकें. इससे बच्चे भी ये सीख सीख लेंगे.

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बच्चों को करें सपोर्ट

बढ़े होते हुए जिंदगी की अनिश्चितता और ऑप्शंस की कमी बच्चे को नर्वस कर सकते हैं, कंट्रोल को लेकर उसे स्ट्रगल करना पड़ सकता है और इससे बच्चों में गुस्सा भी आ जाता है. ऐसे में माता-पिता जो बच्चों को सुनना चाहते हैं और उनके डर को दूर करना चाहते हैं वे बच्चे के दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं.

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Source - UNICEF

First published on: Sep 02, 2026 02:11 PM

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