Shortness Of Breathing Causes: सांस फूलने की समस्या आम है लेकिन गंभीर है। इस समस्या में लोगों को हवा का प्रवेश शरीर के अंदर करने में समस्या महसूस होती है। सर्दियों में यह समस्या ज्यादा परेशान करती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसका कारण, संकेत व बचाव।
Shortness Of Breathing Causes: सांस की बीमारियों का रिस्क अब ज्यादा बढ़ने लगा है। इसके पीछे कारण है, लोगों की बिगड़ती लाइफस्टाइल, जिसमें ऐसे लोग जो ज्यादा धूम्रपान करते हैं या जो ज्यादा शराब पीते हैं। सांस फूलने की समस्या उन लोगों को भी होती है, जिनके शरीर में खून की कमी होती है या जो हाइड्रेटेड नहीं होते हैं यानी जो कम पानी पीते हैं। जो लोग पहले से हार्ट डिजीज या बीपी के मरीज हैं, उन्हें भी सांस फूलने की समस्या होती है। मगर क्या आप जानते हैं सेहत अच्छी या कोई भी रोग न होने के बाद भी अगर हमें सांस फूलने या लेने में दिक्कत होती है, तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं, इसके बारे में सबकुछ।
सांस फूलने की समस्या कितनी गंभीर
SAAOL हार्ट सेंटर नामक यूट्यूब पेज पर एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें सांस फूलने की समस्या को लेकर बात की गई है। 42 वर्षीय सुधीर कुमार सिंह बताते हैं कि उन्हें सांस फूलने की समस्या रहती थी, उनकी यह समस्या इतनी गंभीर है, जिसमें उन्हें बंद कमरे से सांस लेने में दिक्कत आती है, खाना पकाते समय मसालों का धुंआ आने पर सांस लेने में परेशानी होती थी और बाहर धूल-मिट्टी में सांस लेने में भी परेशानी होती थी। यह बेहद कॉमन स्पॉट्स हैं, जहां अमूमन लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
सुधीर को डॉक्टरों ने वीटी नामक एक मेडिकल कंडिशन के बारे में बताया कि वह उस समस्या से पीड़ित हैं। वीटी (VT) यानी वेंट्रिक्युलर टैकार्डिया है। यह दिल की धड़कनों से जुड़ी समस्या है। सुधीर को डॉक्टरों ने बताया कि यह एक मेंटल डिसऑर्डर होता है, जिसमें इंसान को अचानक चक्कर भी आ जाता है।
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क्या है वेंट्रिकुलर टेकीकार्डिया?
यह मेडिकल स्थिति है, जिसमें सांस फूलने के अधिकांश मामले दिल या फेफड़ों की बीमारी के कारण होते हैं। इसमें आपका दिल और फेफड़े आपके टिशू सेल्स तक ऑक्सीजन पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं और इनमें से किसी भी प्रक्रिया में समस्या होने पर आपकी सांस लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
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ऐसे होते हैं संकेत
हल्का-फुल्का तेज चलने के बाद भी सांस फूलना।
कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस फूलना।
सर्दियों में कुछ लोगों को सुबह के समय सांस लेने में दिक्कत होती है।
घर में खाना पकाते समय आने वाले धूएं से सांस लेने में परेशानी होना।
रनिंग करने में समस्या होना।
नाक से सांस लेने में परेशानी होना।
रात को सांस लेने में परेशानी महसूस करना।
बचाव के उपाय
रोजाना योग करें, सांस लेने वाले व्यायामों को शामिल करें।
सुबह से लेकर रात तक के डिनर का समय निर्धारित करें, कोशिश करें कि आप रोजाना एक समय पर ही खाना खाएं।
प्रदूषित वातावरण से दूर रहें।
ब्रोकली, पालक और गाजर जैसी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं।
पहाड़ी इलाकों में घूमने जाएं तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।