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PCOD और PCOS में क्या अंतर? दोनों एक दूसरे से अलग कैसे, जानें लक्षण और बचाव

PCOS Control Tips: आजकल की खराब लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं को पीसीओएस की समस्या होना आम हो गया है। इस बीमारी में महिलाओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें पीरियड्स भी सही समय पर नहीं आते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस समस्या से महिलाएं कैसे राहत पा सकती हैं?

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PCOS Control Tips: खराब लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं को पीरियड्स के दौरान कई समस्याओं से गुजरना पड़ता है। कुछ महिलाओं को तो पीरियड्स से जुड़ी कई गंभीर बीमारियां भी होती हैं। उन्हीं में से एक पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) है। यह डिजीज हार्मोन लेवल के बिगड़ने से होती है। वैसे तो इस बीमारी का कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है, लेकिन इस बीमारी को कंट्रोल करने का सबसे अच्छा तरीका हेल्दी लाइफस्टाइल है। ऐसे में आज हम आपको इस बीमारी के लक्षण और इसे कंट्रोल करने का बेस्ट तरीका बताएंगे।

पीसीओएस के लक्षण

  • थकान महसूस होना
  • पेट दर्द
  • इर्रेगुलर पीरियड्स
  • कमजोरी
  • मुंह और शरीर में अनचाहे बाल आना
  • प्रेग्नेंसी में दिक्कत

पीसीओएस को कैसे करें कंट्रोल?

डाइट

अगर आपको भी पीसीओएस की समस्या है तो आप एक हेल्दी डाइट लेना शुरू कर दें। आप प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर फूड्स का सेवन करें। इससे आपके हार्मोन का लेवल संतुलित रहेगा और आपको पीरियड्स में दिक्कत भी नहीं होगी। कोशिश करें कि आप एक दिन में 30 ग्राम फैट, 50 ग्राम प्रोटीन और 30 ग्राम फाइबर का सेवन करें।

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एक्सरसाइज

एक्सरसाइज करने से भी हार्मोन लेवल संतुलित रहता है। इसके लिए आप सुबह-शाम वॉक कर सकते हैं। साथ ही कुछ योग भी कर सकते हैं। इससे पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पीरियड्स में होने वाली समस्याओं से राहत मिलती है।

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साइकिल सिंकिंग

पीसीओएस की समस्या में अक्सर पीरियड्स नहीं आते हैं। वहीं कुछ महिलाओं को हर 24 दिन के बाद पीरियड्स आते हैं। इस 24 दिन की साइकिल में 4 फेज होते हैं। मेंस्ट्रुअल, फॉलिक्युलर, ओवुलेटरी और ल्यूटियल। इन चारों फेज के दौरान महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि इन चारों फेज में महिलाओं को क्या करना चाहिए?

मेंस्ट्रुअल फेज- इस दौरान महिलाओं को पीरियड्स होते हैं। इस फेज में महिलाओं को आराम करने की सलाह दी जाती है।

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फॉलिक्युलर फेज- यह फेज 13 से 15 दिन तक रहता है। इस फेज में महिलाएं खुश और एनर्जेटिक रहती हैं, इसलिए उन्हें इस दौरान एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है।

ओवुलेटरी फेज- यह फेज पीरियड्स आने से 2 हफ्ते पहले शुरू हो जाता है। ऐसे में कोशिश करें कि आप बाहर का अनहेल्दी फूड न खाएं।

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ल्यूटियल फेज- इस दौरान महिलाओं को ज्यादा काम नहीं करना चाहिए। वे मेडिटेशन या वॉक कर सकती हैं।

उपरोक्त सभी टिप्स फॉलो करने से आप पीसीओएस की समस्या से राहत पा सकती हैं। आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल भी फॉलो कर पाएंगी।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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First published on: Aug 09, 2024 03:16 PM

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