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दवा बन सकती है जानलेवा! डॉक्टर ने कहा बच्चे को दवा पिलाने में कभी ना करें ये 4 गलतियां

Medicine Mistakes: बच्चे को सही तरह से दवाई ना दी जाए तो दवा जान का खतरा पैदा कर सकती है. ऐसे में यहां जानिए डॉक्टर के अनुसार बच्चे को किस तरह दवा पिलानी चाहिए और किस तरह नहीं.

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Healthy Tips: बच्चे को हल्की खांसी-जुकाम होता है तो उसे घर में ही कफ सिरप या कोई और दवा पिला दी जाती है. लेकिन, दवाई देने में हुई गलती उसके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है. ऐसे में बच्चे को दवा पिलाने में कौनसी गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए इसी बारे में बता रहे हैं बच्चों के डॉक्टर संदीप गुप्ता. इंस्टाग्राम पर डॉ. संदीप गुप्ता का अपना अकाउंट है जिसपर वे अक्सर ही सेहत से जुड़े टिप्स साझा करते रहते हैं. अपने ऐसे ही एक वीडियो में डॉ. संदीप ने बच्चे को दवा (Medicine) पिलाने में की जाने वाली गलतियों का जिक्र किया है. डॉक्टर ने बताया है कि बच्चे को दवा पिलाने में कौनसी 4 गलतियां (Medicine Mistakes) कभी नहीं करनी चाहिए. ये गलतियां बच्चे की सेहत को खराब कर सकती हैं.

बच्चे को दवा पिलाने में कभी ना करें ये गलतियां

दवा का कोर्स पूरा ना करना

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डॉ. संदीप ने बताया कि अक्सर ही पैरेंट्स बच्चे को पूरी दवा नहीं देते बल्कि उसका बुखार उतरते ही दवा देना बंद कर देते हैं. इससे बच्चे का एंटाबायोटिक कोर्स पूरा नहीं होता और बच्चे की तबीयत फिर बिगड़ जाती है और उसे बुखार चढ़ने लगता है. ऐसे में बुखार (Fever) चाहे उतर भी जाए तब भी बच्चे को जितनी दवा लेने के लिए डॉक्टर ने कहा है उसे उतनी पूरी दवा दें.

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चम्मच से दवाई नापना

पैरेंट्स की एक और बड़ी गलती यह है कि वे बच्चे को दवा देने के लिए उसे चम्मच से नापते हैं और चम्मच के हिसाब से ही उसे दवा देते हैं. डॉक्टर की सलाह है कि आपको ऐसा नहीं करना है बल्कि बच्चे को ड्रॉपर या दवा के साथ आने वाले मेजरिंग ढक्कर से नापकर ही दवा देनी है. इस तरह बच्चे को बिल्कुल सही अमाउंट में दवा दी जा सकती है.

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दवा देने का सही समय

पैरेंट्स को यह याद रखना जरूरी है कि डॉक्टर ने बच्चे को दवाई खाना खाने के बाद देने के लिए कहा है या उसके खाना खाने से पहले. एसिडिटी या आयरन की दवा अक्सर ही पैरेंट्स को खाना खाने से पहले दी जाती है, वहीं दर्द की दवाई या कैल्शियम की सिरप बच्चे को खाना खाने के बाद देते हैं.

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दवाई को स्टोर करने का तरीका

दवाई को सही तरह से घर पर रखना भी जरूरी है. अक्सर एंटीबायोटिक दवाओं के ऊपर लिखा होता है कि उसे कैसे खाना है. कुछ एंटीबायोटिक दवाओं में पाउडर और पानी को मिलाने के बाद फ्रिज में स्टोर करने के लिए कहा जाता है. इसीलिए दवा के ऊपर उसे स्टोर करने का जो तरीका लिखा गया है उसे मानना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Sep 30, 2025 03:03 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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