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Microplastics का दिमाग पर कैसा असर पड़ रहा? रिसर्च में हुआ खुलासा

Microplastics Side Effects: माइक्रोप्लास्टिक्स का शरीर पर नेगेटिव प्रभाव पड़ता है लेकिन हमारे दिमाग पर भी इसका क्या इफेक्ट होता है? इस पर हाल ही में हुई एक रिसर्च क्या बताती है? चलिए जानते हैं।

Microplastics Side Effects: प्लास्टिक दुनिया में प्रदूषण बढ़ने का एक आम कारण है। इसका असर हमारी सेहत पर भी होता है। माइक्रोप्लास्टिक यानी प्लास्टिक के छोटे कण जो आंखों से दिखाई नहीं देते हैं। माइक्रोप्लास्टिक से शरीर के अंगों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है, जिसमें लिवर, खून, किडनी के साथ पेट भी शामिल है। ये कण शरीर के अंदर सांसों के जरिए पहुंचते हैं। खाने से भी यह कण बॉडी में प्रवेश करते हैं। माइक्रोप्लास्टिक स्किन पर भी जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा का इंफेक्शन होता है। इस पर हुई एक नई रिसर्च कहती है कि माइक्रोप्लास्टिक्स का हमारे दिमाग पर भी असर पड़ता है। आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में।

क्या कहती है यह रिसर्च?

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार, JAMA की रिपोर्ट बताती है कि माइक्रोप्लास्टिक्स जैसे कि पॉलीप्रोपाइलीन और नायलॉन हमारे शरीर में सांसों के जरिए जाते हैं, जो कि दिमाग पर असर डालते हैं। दरअसल, रिसर्च में इंसानों के मस्तिष्क में इन माइक्रोप्लास्टिक की खोज हुई थी, जिसके बाद मस्तिष्क अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है। जर्नल ऑफ साइंस एडवांस में भी पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोप्लास्टिक ब्रेन तक पहुंचकर हमारे लाइफ स्पैन को इफेक्ट करते हैं। यह रिसर्च चीन में हुई है, जहां इस अध्ययन को चूहों पर किया गया था। चूहों के मस्तिष्क में प्लास्टिक को ट्रैक किया गया है।

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चूहों में पाया गया यह प्लास्टिक

रिसर्च के मुताबिक, चूहों के दिमाग में फ्लोरोसेंट पॉलीस्टाइनिन नामक प्लास्टिक के कण मिले हैं। यह प्लास्टिक के कण खिलौने और प्लास्टिक के पैकेट को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इन प्लास्टिक कणों की मौजूदगी से चूहों के सिर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। साथ ही, यह नर्वस सिस्टम को भी डैमेज करता है। चूहों के खून में कुछ असामान्य पार्टिकल्स भी देखे गए थे। चूहों की याददाश्त कमजोर होने की भी पुष्टि की गई है और उनमें स्ट्रोक के रिस्क को भी बढ़ा हुआ पाया गया था।

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Mental Health Disorders

Microplastics के नुकसान

  • याददाश्त में कमजोरी और फोकस में कमी।
  • न्यूरोलॉजिक्ल प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ता है।
  • बच्चों की मेंटल हेल्थ ग्रोथ पर नकारात्मक प्रभाव।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

First published on: Feb 03, 2025 09:29 AM

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About the Author

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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