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फेफड़े खराब होने के लक्षण क्या होते हैं? यहां जानिए कैसे दिखते हैं फेफड़ों की बीमारी के शुरुआती लक्षण

Warning Signs Of Lung Disease: फेफड़ों की दिक्कतों को शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो बीमारी को पनपने से रोका जा सकता है. ऐसे में यहां जानिए फेफड़ों की बीमारी के शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं.

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Lung Damage Symptoms: फेफड़े शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक होते हैं. अगर फेफड़ों का सही तरह से ध्यान ना रखा जाए और फेफड़े खराब हो जाएं तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है. ऐसे में फेफड़े की बीमारियों (Lung Disease) को पनपने से पहले ही पहचान लेना चाहिए. अक्सर ही लोगों को लगता है कि सांस लेने में परेशानी होना, सांस फूलना या खांसी आना आम दिक्कतें हैं. लेकिन, यही आम दिक्कतें फेफड़ों की बीमारी का लक्षण हो सकती हैं. ऐसे में यहां जानिए फेफड़े खराब होने के शुरुआती लक्षण (Fefde Kharab Hone Ke Lakshan) क्या होते हैं.

यह भी पढ़ें – Prostate Cancer है या नहीं कैसे पता करें? जानिए प्रोस्टेट कैंसर के 5 मुख्य चेतावनी संकेत क्या हैं

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फेफड़े खराब होने के शुरुआती लक्षण क्या हैं

लगातार खांसी होना – 5 से 6 हफ्तों तक अगर लगातार खांसी बनी हुई है तो इसे क्रोनिक खांसी कहते हैं. इस तरह अगर लंबे समय तक खांसी बनी रहे तो यह फेफड़े खराब होने का लक्षण हो सकता है.

सांस फूलने लगती है – अगर बिना ज्यादा कुछ मेहनत का काम किए भी आपकी अक्सर ही सांस फूलती है तो यह फेफड़ों के खराब होने का संकेत हो सकता है.

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खांसते हुए खून निकलना – फेफड़ों की बीमारी में खांसते हुए खून निकल सकता है. अगर आपको खांसने पर खून निकलने की दिक्कत होती है तो यह फेफड़ों के खराब होने का लक्षण हो सकता है.

हमेशा बलगम बनता है – फेफड़ों के खराब होने पर हमेशा ही बलगम निकलता है. यह बिना किसी इंफेक्शन भी हो सकता है.

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व्हीजिंग – सांस लेते हुए या बोलते हुए अगर मुंह से अजीब सी आवाज निकले तो श्वसन नली की दिक्कत या फेफड़ों की दिक्कत का लक्षण हो सकता है.

छाती में दर्द – हर समय छाती में दर्द (Chest Pain) रहना फेफड़ों की बीमारी के चलते हो सकता है. फेफड़ों में पनप रही कोई दिक्कत छाती में दर्द की वजह बन सकती है.

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फेफड़े खराब होने के क्या कारण होते हैं

  • वायु प्रदुषण फेफड़ों की गड़बड़ी का सबसे बड़ा कारण बनता है. अगर जरूरत से ज्यादा वायु प्रदूषण की चपेट में आया जाए तो फेफड़ों को नुकसान होने लगता है.
  • तंबाकू के सेवन और धूम्रपान करने से फेफड़े खराब हो सकते हैं. इससे फेफड़ों के कैंसर(Lung Cancer) की संभावना भी बढ़ने लगती है.
  • टीबी या न्यूमोनिया के कारण फेफड़े खराब हो सकते हैं. खासकर मौसमी इंफेक्शन बार-बार होते रहें तो फेफड़ों को नुकसान होने लगता है.
  • खराब लाइफस्टाइल, बुरी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी की कमी फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है जिससे फेफड़े डैमेज की तरह बढ़ते हैं.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Mar 30, 2026 06:23 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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