Sote Samay Khujli Hona: बहुत से लोग रात में सोते हुए खुजली महसूस करते हैं या कह सकते हैं कि जैसे ही वे बिस्तर पर लेटते हैं खुजली होना शुरू हो जाती है. यह खुजली कभी हाथों में होती है, कभी पैरों में तो कभी सिर पर महसूस होने लगती है. कई बार तो लोगों को लगने लगता है कि वे इस खुजली को बस इमेजन कर रहे हैं और असल में खुजली नहीं हो रही है. लेकिन, क्या सचमुच ऐसा है? यहां जानिए शारीरिक दिक्कतों से हटकर वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से रात के समय व्यक्ति को शरीर पर खुजली (Itching At Night) महसूस होती है.
यह भी पढ़ें - शरीर में ये 7 बदलाव हो सकते हैं कैंसर का पहला संकेत, ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताए लक्षण
रात में क्यों होती है खुजली
दिमाग चीजों को ज्यादा नोटिस करता है
रात के समय शांत माहौल होता है. इस माहौल में दिमाग शरीर को सेलेक्टिव अटेंशन देने लगता है. दिनभर में दिमाग अपने काम में, ट्रैफिक, फोन, ऑफिस या बातों में लगा होता है, लेकिन रात के समय दिमाग का पूरा फोकस शरीर पर होता है. ऐसे में छोटी सी दिक्कत भी बड़ी लग सकती है और इसीलिए रात में थोड़ी सी भी खुजली हो तो लगता है जैसे पूरा शरीर खुजलाहट महसूस करने लगा है.
शुरू हो जाती है इच-स्क्रैच साइकिल
इच स्क्रैच साइकिल का मतलब है कि अगर आपको थोड़ी सी खुजली हुई है और आप त्वचा के उस हिस्से को खरोंच देते हैं तो इससे स्किन इरिटेट होती है. इस इरिटेशन के कारण त्वचा और ज्यादा खुजलाने लगती है. ऐसे में इच-स्क्रैच साइकिल के कारण त्वचा पर जरूरत से ज्यादा खुजलाहट होने लगती है.
स्ट्रेस से ट्रिगर हो जाती है खुजली
स्ट्रेस का असर सिर्फ आपके दिमाग पर ही नहीं पड़ता है बल्कि इसका असर शरीर पर भी महसूस होने लगता है. स्ट्रेस के दौरान शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है और सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करता है. हालांकि, स्ट्रेस से सीधेतौर पर खुजली शुरू नहीं होती है लेकिन इससे थोड़ी-बहुत खुजली भी इंटेंस लग सकती है. रात के समय अगर व्यक्ति ज्यादा तनाव में होता है तो छोटी दिक्कतें भी बड़ी लग सकती हैं.
सूर्यास्त के बाद शरीर में होते हैं बदलाव
सूरज ढल जाने के बाद शरीर में कई बदलाव देखे जाते हैं. शरीर की इंटर्नल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम शरीर के तापमान, हार्मोनल लेवल्स, इम्यून एक्टिविटी और स्किन से वॉटर लॉस को इंफ्लुएंस करती है. इससे रात के समय स्किन का तापमान बढ़ सकता है जिससे स्किन से मॉइस्चर कम होता है. इससे स्किन सेंसिटिव हो सकती है और खुजली शुरू हो सकती है. इसीलिए सोते समय शरीर पर खुजली महसूस होती है.
यह भी पढ़ें - टांगों का मुलायम और चमकदार नजर आना हो सकता है इस बीमारी का संकेत, वैस्कुलर सर्जन ने किया एक्सप्लेन
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Sote Samay Khujli Hona: बहुत से लोग रात में सोते हुए खुजली महसूस करते हैं या कह सकते हैं कि जैसे ही वे बिस्तर पर लेटते हैं खुजली होना शुरू हो जाती है. यह खुजली कभी हाथों में होती है, कभी पैरों में तो कभी सिर पर महसूस होने लगती है. कई बार तो लोगों को लगने लगता है कि वे इस खुजली को बस इमेजन कर रहे हैं और असल में खुजली नहीं हो रही है. लेकिन, क्या सचमुच ऐसा है? यहां जानिए शारीरिक दिक्कतों से हटकर वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से रात के समय व्यक्ति को शरीर पर खुजली (Itching At Night) महसूस होती है.
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रात में क्यों होती है खुजली
दिमाग चीजों को ज्यादा नोटिस करता है
रात के समय शांत माहौल होता है. इस माहौल में दिमाग शरीर को सेलेक्टिव अटेंशन देने लगता है. दिनभर में दिमाग अपने काम में, ट्रैफिक, फोन, ऑफिस या बातों में लगा होता है, लेकिन रात के समय दिमाग का पूरा फोकस शरीर पर होता है. ऐसे में छोटी सी दिक्कत भी बड़ी लग सकती है और इसीलिए रात में थोड़ी सी भी खुजली हो तो लगता है जैसे पूरा शरीर खुजलाहट महसूस करने लगा है.
शुरू हो जाती है इच-स्क्रैच साइकिल
इच स्क्रैच साइकिल का मतलब है कि अगर आपको थोड़ी सी खुजली हुई है और आप त्वचा के उस हिस्से को खरोंच देते हैं तो इससे स्किन इरिटेट होती है. इस इरिटेशन के कारण त्वचा और ज्यादा खुजलाने लगती है. ऐसे में इच-स्क्रैच साइकिल के कारण त्वचा पर जरूरत से ज्यादा खुजलाहट होने लगती है.
स्ट्रेस से ट्रिगर हो जाती है खुजली
स्ट्रेस का असर सिर्फ आपके दिमाग पर ही नहीं पड़ता है बल्कि इसका असर शरीर पर भी महसूस होने लगता है. स्ट्रेस के दौरान शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है और सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करता है. हालांकि, स्ट्रेस से सीधेतौर पर खुजली शुरू नहीं होती है लेकिन इससे थोड़ी-बहुत खुजली भी इंटेंस लग सकती है. रात के समय अगर व्यक्ति ज्यादा तनाव में होता है तो छोटी दिक्कतें भी बड़ी लग सकती हैं.
सूर्यास्त के बाद शरीर में होते हैं बदलाव
सूरज ढल जाने के बाद शरीर में कई बदलाव देखे जाते हैं. शरीर की इंटर्नल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम शरीर के तापमान, हार्मोनल लेवल्स, इम्यून एक्टिविटी और स्किन से वॉटर लॉस को इंफ्लुएंस करती है. इससे रात के समय स्किन का तापमान बढ़ सकता है जिससे स्किन से मॉइस्चर कम होता है. इससे स्किन सेंसिटिव हो सकती है और खुजली शुरू हो सकती है. इसीलिए सोते समय शरीर पर खुजली महसूस होती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.