सोते समय पूरे शरीर में खुजली क्यों होती है? जानिए बिस्तर पर लेटते ही Itching होने के क्या कारण हैं

Itching At Night: ऐसे बहुत से लोग हैं जो रात में सोने के लिए जैसे ही बिस्तर पर लेटते हैं वैसे ही शरीर में खुजली होने लगती है. ऐसा क्यों होता है और यह दिक्कत सेहत के बारे में क्या बताती है, जानिए यहां.

Itching At Night

रात में क्यों होती है ज्यादा खुजली, यहां जानिए वजह.

Sote Samay Khujli Hona: बहुत से लोग रात में सोते हुए खुजली महसूस करते हैं या कह सकते हैं कि जैसे ही वे बिस्तर पर लेटते हैं खुजली होना शुरू हो जाती है. यह खुजली कभी हाथों में होती है, कभी पैरों में तो कभी सिर पर महसूस होने लगती है. कई बार तो लोगों को लगने लगता है कि वे इस खुजली को बस इमेजन कर रहे हैं और असल में खुजली नहीं हो रही है. लेकिन, क्या सचमुच ऐसा है? यहां जानिए शारीरिक दिक्कतों से हटकर वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से रात के समय व्यक्ति को शरीर पर खुजली (Itching At Night) महसूस होती है.

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रात में क्यों होती है खुजली

दिमाग चीजों को ज्यादा नोटिस करता है

रात के समय शांत माहौल होता है. इस माहौल में दिमाग शरीर को सेलेक्टिव अटेंशन देने लगता है. दिनभर में दिमाग अपने काम में, ट्रैफिक, फोन, ऑफिस या बातों में लगा होता है, लेकिन रात के समय दिमाग का पूरा फोकस शरीर पर होता है. ऐसे में छोटी सी दिक्कत भी बड़ी लग सकती है और इसीलिए रात में थोड़ी सी भी खुजली हो तो लगता है जैसे पूरा शरीर खुजलाहट महसूस करने लगा है.

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शुरू हो जाती है इच-स्क्रैच साइकिल

इच स्क्रैच साइकिल का मतलब है कि अगर आपको थोड़ी सी खुजली हुई है और आप त्वचा के उस हिस्से को खरोंच देते हैं तो इससे स्किन इरिटेट होती है. इस इरिटेशन के कारण त्वचा और ज्यादा खुजलाने लगती है. ऐसे में इच-स्क्रैच साइकिल के कारण त्वचा पर जरूरत से ज्यादा खुजलाहट होने लगती है.

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स्ट्रेस से ट्रिगर हो जाती है खुजली

स्ट्रेस का असर सिर्फ आपके दिमाग पर ही नहीं पड़ता है बल्कि इसका असर शरीर पर भी महसूस होने लगता है. स्ट्रेस के दौरान शरीर कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करता है और सिंपेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिवेट करता है. हालांकि, स्ट्रेस से सीधेतौर पर खुजली शुरू नहीं होती है लेकिन इससे थोड़ी-बहुत खुजली भी इंटेंस लग सकती है. रात के समय अगर व्यक्ति ज्यादा तनाव में होता है तो छोटी दिक्कतें भी बड़ी लग सकती हैं.

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सूर्यास्त के बाद शरीर में होते हैं बदलाव

सूरज ढल जाने के बाद शरीर में कई बदलाव देखे जाते हैं. शरीर की इंटर्नल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम शरीर के तापमान, हार्मोनल लेवल्स, इम्यून एक्टिविटी और स्किन से वॉटर लॉस को इंफ्लुएंस करती है. इससे रात के समय स्किन का तापमान बढ़ सकता है जिससे स्किन से मॉइस्चर कम होता है. इससे स्किन सेंसिटिव हो सकती है और खुजली शुरू हो सकती है. इसीलिए सोते समय शरीर पर खुजली महसूस होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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