दिमाग की नस फटने से पहले शरीर देता है ये संकेत! जानिए कैसे दिखते हैं इसके छोटे अटैक और बचाव का तरीका
क्या आप जानते हैं दिमाग की नस फटने से पहले शरीर मरीज को कई ऐसे संकेत देता है, जिसे अक्सर लोग आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इस गलती का हर्जाना उन्हें भविष्य में गंभीर स्थित के साथ चुकाना पड़ता है. आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स से.
दिमाग हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जिसमें हल्की से गड़बड़ी पूरे शरीर की सेहत पर असर डालती है. इसलिए जरूरी है कि शरीर में किसी भी तरह की हल्का से बदलाव बड़े संकेत की ओर इशारा देते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बता दें कि कई बार शरीर बड़े स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज से पहले कुछ ऐसे छोटे संकेत देता है, जिसे अक्सर लोग मामूली समझ लेते हैं. इसमें सिर में तेज दर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण दिखाई देना भविष्य में गंभीर समस्या की चेतावनी हो सकते हैं.
आपको शायद जानकारी न हो लेकिन मिनी स्ट्रोक जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में ट्रांसिएंट इस्केमिक अटैक (TIA) कहा जाता है. इसके भी अटैक पेश आते हैं. यह स्थिति तब बनती है जब दिमाग के किसी हिस्से तक कुछ समय के लिए खून और ऑक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं पहुंच पाती. इसके कारण शरीर में स्ट्रोक जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन अक्सर कुछ मिनटों या घंटों बाद ये अपने आप ठीक हो जाते हैं और कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाते. हालांकि, इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि TIA आने वाले बड़े स्ट्रोक का संकेत हो दे सकता है.
मिनी स्ट्रोक के प्रमुख लक्षणों के समझे तो इसमें;
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चेहरे का एक तरफ झुक जाना या कमजोरी महसूस होना
हाथ या पैर में अचानक सुन्नपन या ताकत कम होना
बोलने में परेशानी या शब्दों का साफ न निकलना
अचानक चक्कर आना या चलने में संतुलन बिगड़ना
देखने में परेशानी या धुंधला दिखाई देना
दिमाग की नस फटने से पहले कौन-कौन से संकेत मिल सकते हैं?
ब्रेन एन्यूरिज्म (Brain Aneurysm) या नस कमजोर होने की स्थिति में कई बार शरीर पहले से संकेत देना शुरू कर सकता है. बस जरूरी होता है कि हम वक्त रहते उन संकेतों को समझ लें. इसमें सबसे पहले अचानक होने वाला बहुत तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास दर्द, रोशनी से परेशानी, धुंधला दिखना या गर्दन में अकड़न जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. कुछ लोगों में बिना किसी स्पष्ट कारण के मतली, उल्टी, आवाज में बदलाव, बोलने में मुश्किल या व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है. अगर ये लक्षण अचानक शुरू हों, बार-बार हों या तेजी से बढ़ रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच जरूरी है, ताकि स्थिति को काबू में किया जा सके.
क्या है ब्रेन एन्यूरिज्म?
आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ब्रेन एन्यूरिज्म (Brain Aneurysm) क्या होता है, ब्रेन एन्यूरिज्म तब होता है जब दिमाग की किसी नस की दीवार कमजोर हो जाती है और उसमें गुब्बारे जैसी सूजन या उभार बन जाता है. खून के लगातार दबाव के कारण यह हिस्सा धीरे-धीरे बड़ा हो सकता है और अगर यह उभार फट जाए, तो दिमाग के अंदर खून बहने लगता है, जिसे ब्रेन हेमरेज या स्ट्रोक कहा जाता है.
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ब्रेन स्ट्रोक और नस फटने के खतरे को कैसे कम करें?
अब सवाल उठता है कि आखिर हम ब्रेन स्ट्रोक और नस फटने के खतरे को कैसे कम कर सकते हैं. ये बात जान लीजिए कि हर मामले में ब्रेन एन्यूरिज्म (Brain Aneurysm) या स्ट्रोक को पूरी तरह रोकना संभव नहीं होता, क्योंकि उम्र, जेनेटिक्स कारण और कुछ पुरानी बीमारियां भी इसमें भूमिका निभाती हैं. लेकिन अच्छी जीवनशैली अपनाकर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
ब्लड प्रेशर को हमेशा कंट्रोल में रखें
धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें
रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग करें
ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज को भोजन में शामिल करें