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क्या है कीटोजेनिक डाइट? जानिए कैंसर सेल ग्रोथ को रोकने में कैसे निभा सकता है अहम भूमिका

Ketogenic Diet For Cancer Prevention: क्या आप को भी कैंसर का डर सकता रहा है कि कहीं आपको भी कैंसर न हो जाए? जानिए कैसे आप अपने अंदर से कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं.

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कैंसर एक बेहद ही गंभीर बीमारी है, जिसका शुरुआती लक्षण पहली नजर में लोगों को समझ नहीं आते और वह उसे मामूली समझकर नजरअंदाज करने लग जाते हैं. लेकिन वक्त के साथ कैंसर अपना असर दिखाने लगती है और अपनी पकड़ मजबूत कर लेती है. इसका असर यह रहता है कि बड़ी संख्या में मरीजों को अपनी जान तक गवानी पड़ती है. यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि शरीर में किसी तरह के बदलावों को मामूली न समझे और तुरंत उसकी जांच कराए. खासतौर पर अगर आपके परिवार में कैंसर का कोई इतिहास रहा हो.

आज दुनिया में गले के कैंसर, लिवर कैंसर आदि कई तरह के कैंसर है, जिसके बारे में आपने कभी सुना तक नहीं होगा. इसी कड़ी में हम कीटोजेनिक डाइटइट के बारे में बात करेंगे, जिसे लेकर कहा जाता है कि इससे कैंसर का खतरा कम होता है. आइए जानते हैं कैसे?

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एक डाइट कैसे कम कर सकती है कैंसर खतरा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए कीटोजेनिक डाइट भी फायदेमंद होता है. यह डाइट अगर नियमित रूप से लिया जाए, तो कैंसर होने की आशंका कम हो सकती है. बता दें कि कीटोजेनिक डाइट एक हाई-फैट वाली डाइट होती है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन और बेहद कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खाना होता है. इस डाइट से शरीर में एनर्जी ग्लूकोज नहीं बल्कि फैट एनर्जी बनती है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि शरीर में पनपने वाले कैंसर सेल्स को खाने से दूर रखती है और शरीर में सूजन व इंसुलिन के लेवल को कम करके कैंसर से बचाने में अहम भूमिका निभाती है.

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Pubmed की रिपोर्ट में कैंसर मरीजों पर इसका असर कैसा रहता है इसके बारे में बताया गया है. रिसर्च में पाया गया कि जिन मरीजों को इस डाइट का लंबे समय पालन कराया गया, उनका जीवनकाल अन्य कम वक्त के लिए डायट का सेवन करने वाले मरीजों के तुलना में लंबा पाया गया. हालांकि, यह कैंसर का पक्का इलाज नहीं है, इसको लेकर रिसर्च अभी जारी है.

लाइफस्टाइल में कुछ बदलावों की खास जरूरत

कैंसर के खतरे को कम करने के लिए रेड मीट का कम से कम सेवन करनी की सलाह दी जाती है. कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादा मात्रा में रेड मीट का सेवन कैंसर के रिस्क को बढ़ाती है. साथ ही, प्रोसेस्ड मीट जैसे बेकन और सॉसेज भी बड़ी आंत के कैंसर का कारण बन सकता है. इसलिए जरूरी है कि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए हर उस चीज से हाथ पीछे कर लिया जाए, जो भविष्य में आपको बड़ी मुश्किलों में डाल दे. आप चाहे तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार, कम मात्रा में सेवन कर सकते है, लेकिन तब ही, जब डॉक्टर आपको इसकी इजाजत दे.

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फिजिकल एक्टिविटी पर भी फोकस करना जरूरी है, क्योंकि शरीर अगर एक्टिव नहीं रहेगा, तो उसपर कैंसर का खतरा उतना ही ज्यादा रहेगा. जरूरी है कि अगर आप अपनी सेहत बनाए रखना चाहते हैं, और इस जानलेवा बीमारी से बचाव चाहते हैं, तो रोजाना हल्की एक्सरसाइज जरूर करें, इसके अलावा साइकिल चलाना भी काफी फायदेमंद है. इतना ही नहीं, अगर आप शराब या धूम्रपान का सेवन करते हैं, तो उससे जल्दी से जल्द रुक जाए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jul 31, 2026 02:28 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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