हाई BP खानदानी है? घबराएं नहीं, लाइफस्टाइल से कंट्रोल हो सकता है खतरा
Genetic High Blood Pressure: फैमिली हिस्ट्री जरूर जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन सही समय पर सावधानी, हेल्दी लाइफस्टाइल और रेगुलर बीपी चेकअप के जरिए इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: May 17, 2026 11:21
Share :
जेनेटिक्स बढ़ाते हैं खतरा, लाइफस्टाइल तय करती है असर- Image Credit- Freepik
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के कारण और बचाव
डॉ. गीतिका जस्सल के अनुसार, फैमिली हिस्ट्री हाई बीपी का जोखिम बढ़ा सकती है, लेकिन यह तय नहीं करती कि हर व्यक्ति को हाइपरटेंशन होगा ही।
हाइपरटेंशन को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के कई वर्षों तक अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन मोटापा, गतिहीन जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर खानपान, तंबाकू और अत्यधिक शराब के सेवन को हाई बीपी के प्रमुख कारणों में मानता है।
जोखिम कम करने के उपाय
2.7 लाख से अधिक लोगों पर हुई एक स्टडी में पाया गया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर कम रहने और हाई बीपी का खतरा घटने की संभावना अधिक थी।
Genetic High Blood Pressure Causes: कई लोग यह मानकर चलते हैं कि अगर परिवार में किसी को हाई बीपी है तो आगे चलकर उन्हें भी हो जाएगा. घर में हाई बीपी, स्ट्रोक या हार्ट डिजीज की हिस्ट्री होने पर लोगों की चिंता बढ़ ही जाती है. इसमें दो राय नहीं है कि फैमिली हिस्ट्री जरूर जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन यह तय नहीं करता कि हर व्यक्ति को हाइपरटेंशन होगा ही. इसको लेकर डॉक्टर गीतिका जस्सल (मेडिकल स्पोक्सपर्सन, क्रायोवाइवा लाइफ साइंसेज) का कहना है कि अगर सही समय पर सावधानी, हेल्दी लाइफस्टाइल और रेगुलर बीपी चेकअप के जरिए इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. फैमिली हिस्ट्री को डर की तरह नहीं, बल्कि समय रहते सतर्क होने के संकेत की तरह देखना चाहिए. हालांकि, हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के कई वर्षों तक हार्ट, ब्रेन, किडनी और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता रहता है.
जेनेटिक्स बढ़ाते हैं खतरा, लाइफस्टाइल तय करती है असर
हाइपरटेंशन अक्सर जेनेटिक और खराब लाइफस्टाइल दोनों के मेल से होता है. अगर किसी व्यक्ति के परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री है, तो उसका जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि जीन शरीर में नमक के असर, ब्लड वेसल्स की कठोरता, किडनी और हार्मोन कंट्रोल को प्रभावित कर सकते हैं.
हाई बीपी के कारण क्या हो सकते हैं?
ज्यादा नमक का सेवन, बढ़ता वजन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब नींद, जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन, स्मोकिंग, लगातार तनाव और प्रोसेस्ड फूड जैसी आदतें हाइपरटेंशन के खतरे को तेजी से बढ़ा सकती हैं, खासकर उन लोगों में जिनमें पहले से जेनेटिक रिस्क मौजूद हो. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी मोटापा, बैठकर रहने वाली लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, टोबैको और अत्यधिक शराब के सेवन को दुनियाभर में बढ़ते हाई बीपी के प्रमुख कारणों में शामिल मानता है.
Image Credit- Freepik
क्या लाइफस्टाइल से कम हो सकता है जेनेटिक रिस्क?
अच्छी लाइफस्टाइल हर व्यक्ति में जेनेटिक रिस्क को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती, लेकिन यह हाई बीपी के खतरे को काफी हद तक कम जरूर कर सकती है. हेल्दी आदतें अपनाने से हाइपरटेंशन जल्दी नहीं बढ़ता और जिन लोगों में जेनेटिक रिस्क ज्यादा होता है, उनमें भी बीमारी की गंभीरता घटाई जा सकती है. 2.7 लाख से अधिक लोगों पर हुई एक बड़ी स्टडी में पाया गया कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर कम रहने और हाई बीपी का खतरा घटने की संभावना ज्यादा थी.
क्या है एक्सपर्ट की राय?
सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि अगर आज बीपी नॉर्मल है तो भविष्य में कोई खतरा नहीं होगा. हाइपरटेंशन धीरे-धीरे और बिना लक्षण के विकसित हो सकता है. जिन लोगों के परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री हो, उन्हें शुरुआती उम्र से ही रेगुलर स्क्रीनिंग शुरू कर देनी चाहिए. घर पर बीपी मॉनिटरिंग भी शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने में मदद कर सकती है, ताकि गंभीर जटिलताओं से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Genetic High Blood Pressure Causes: कई लोग यह मानकर चलते हैं कि अगर परिवार में किसी को हाई बीपी है तो आगे चलकर उन्हें भी हो जाएगा. घर में हाई बीपी, स्ट्रोक या हार्ट डिजीज की हिस्ट्री होने पर लोगों की चिंता बढ़ ही जाती है. इसमें दो राय नहीं है कि फैमिली हिस्ट्री जरूर जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन यह तय नहीं करता कि हर व्यक्ति को हाइपरटेंशन होगा ही. इसको लेकर डॉक्टर गीतिका जस्सल (मेडिकल स्पोक्सपर्सन, क्रायोवाइवा लाइफ साइंसेज) का कहना है कि अगर सही समय पर सावधानी, हेल्दी लाइफस्टाइल और रेगुलर बीपी चेकअप के जरिए इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. फैमिली हिस्ट्री को डर की तरह नहीं, बल्कि समय रहते सतर्क होने के संकेत की तरह देखना चाहिए. हालांकि, हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के कई वर्षों तक हार्ट, ब्रेन, किडनी और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता रहता है.
जेनेटिक्स बढ़ाते हैं खतरा, लाइफस्टाइल तय करती है असर
हाइपरटेंशन अक्सर जेनेटिक और खराब लाइफस्टाइल दोनों के मेल से होता है. अगर किसी व्यक्ति के परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री है, तो उसका जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि जीन शरीर में नमक के असर, ब्लड वेसल्स की कठोरता, किडनी और हार्मोन कंट्रोल को प्रभावित कर सकते हैं.
हाई बीपी के कारण क्या हो सकते हैं?
ज्यादा नमक का सेवन, बढ़ता वजन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब नींद, जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन, स्मोकिंग, लगातार तनाव और प्रोसेस्ड फूड जैसी आदतें हाइपरटेंशन के खतरे को तेजी से बढ़ा सकती हैं, खासकर उन लोगों में जिनमें पहले से जेनेटिक रिस्क मौजूद हो. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी मोटापा, बैठकर रहने वाली लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, टोबैको और अत्यधिक शराब के सेवन को दुनियाभर में बढ़ते हाई बीपी के प्रमुख कारणों में शामिल मानता है.
---विज्ञापन---
Image Credit- Freepik
क्या लाइफस्टाइल से कम हो सकता है जेनेटिक रिस्क?
अच्छी लाइफस्टाइल हर व्यक्ति में जेनेटिक रिस्क को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती, लेकिन यह हाई बीपी के खतरे को काफी हद तक कम जरूर कर सकती है. हेल्दी आदतें अपनाने से हाइपरटेंशन जल्दी नहीं बढ़ता और जिन लोगों में जेनेटिक रिस्क ज्यादा होता है, उनमें भी बीमारी की गंभीरता घटाई जा सकती है. 2.7 लाख से अधिक लोगों पर हुई एक बड़ी स्टडी में पाया गया कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर कम रहने और हाई बीपी का खतरा घटने की संभावना ज्यादा थी.
क्या है एक्सपर्ट की राय?
सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि अगर आज बीपी नॉर्मल है तो भविष्य में कोई खतरा नहीं होगा. हाइपरटेंशन धीरे-धीरे और बिना लक्षण के विकसित हो सकता है. जिन लोगों के परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री हो, उन्हें शुरुआती उम्र से ही रेगुलर स्क्रीनिंग शुरू कर देनी चाहिए. घर पर बीपी मॉनिटरिंग भी शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने में मदद कर सकती है, ताकि गंभीर जटिलताओं से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.