क्या कोरोना जैसी महामारी बन जाएगा हंता वायरस? जानिए संक्रमण के बाद कैसे नजर आते हैं लक्षण, WHO ने जारी की एडवाइजरी

Hantavirus Symptoms: हंता वायरस एक नया वायरस है जिसने दुनियाभर में एकबार फिर डर की स्थिति पैदा कर दी है. ऐसे में कई सवाल उठते हैं कि हंता वायरस कैसे फैलता है, किन लोगों को हो सकता है, इसके लक्षण कैसे नजर आते हैं और क्या यह दूसरी महामारी बन सकता है या नहीं. आइए जानते हैं क्या है सही जवाब.

Hantavirus symptoms

क्या हंतावायरस एक महामारी है?

What Is Hantavirus: हंता वायरस जूनोटिक वायरसेस हैं जोकि चूहे या रोडेंट्स से इंसानों में फैलते हैं. इंसानों को अगर हंता वायरस संक्रमण हो जाए तो तबीयत जरूरत से ज्यादा बिगड़ सकती है और जान भी जा सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार यह बीमारी अलग-अलग जगह पर अलग-अलग तरह से प्रभावित कर सकती है. अमेरिका में हंता वायरस से संक्रमण के कारण हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) हो सकता है जोकि ऐसी कंडीशन है जिसमें फेफड़ों और दिल पर असर पड़ता है. वहीं, यूरोप और एशिया में हंता वायरस के कारण हेमोरॉजिक फीवर विद रेनल सिंड्रोम (HFRS) हो सकता है जो किडनी और रक्त धमनियों को प्रभावित करता है. ऐसे में समय रहते हंता वायरस को पहचानना जरूरी है. यहां जानिए कैसे दिखते हैं हंता वायरस के लक्षण.

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हंता वायरस के लक्षण कैसे दिखते हैं

इंसानों में हंता वायरस के लक्षण संक्रमण के 1 से 8 हफ्तों के बीच नजर आते हैं. ये लक्षण वायरस के टाइप पर निर्भर करते हैं और इनमें बुखार, सिर में दर्द, मसल्स में दर्द, पेट की दिक्कतें, पेट में दर्द, जी मितलाना और उल्टी आना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं.

HCPS में बीमारी तेजी से बढ़ती है और खांसी, सांस फूलना और फेफड़ों में फ्लुइड जमने के अलावा शॉक की स्थिति पैदा हो सकती है.

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HFRS में स्टेज गंभीर होने पर लो ब्लड प्रेशर, ब्लीडिंग डिसोर्डर या किडनी फेल हो सकती है.

कैसे फैलता है हंता वायरस

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हंता वायरस संक्रमित चूहों के थूक, पेशाब या शरीर से निकले अन्य कणों के सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है. इन चूहों के काटने पर भी संक्रमण की संभावना रहती है. वहीं, बिना वेंटिलेशन वाली जगह की सफाई करते हुए या खेती के दौरान या फिर रोडेंट्स से संक्रमित जगह पर सोने से भी हंता वायरस संक्रमण हो सकता है.

किस तरह होती है हंता वायरस की पहचान

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हंता वायरस की शुरुआत में ही पहचान करना मुश्किल होता है क्योंकि इसके लक्षण आम दिक्कतों जैसे ही नजर आते हैं. ऐसे में व्यक्ति चूहों के संपर्क में आया है या नहीं या फिर उसकी ट्रैवल हिस्ट्री क्या है इसके आधार पर हंता वायरस की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है.

हंता वायरस का इलाज क्या है

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अबतक हंता वायरस का कोई इलाज नहीं है ना ही इस इंफेक्शन के लिए कोई वैक्सीन है. ऐसे में व्यक्ति हंता वायरस की चपेट में आता है तो उसे सपोर्टिव केयर दी जाती है और उसकी क्लीनिकल मोनिटरिंग की जाती है. खासतौर से श्वसन तंत्र संबंधी दिक्कतों, किडनी और दिल की दिक्कतों को मैनेज करने की कोशिश की जाती है. अगर शुरू में ही इंटेसिव केयर दी जाए तो हंता वायरस के लक्षणों को गंभीर होने से रोक सकते हैं.

हंता वायरस से कैसे करें बचाव

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  • हंता वायरस से बचाव के लिए अपने आस-पास की जगह को साफ रखें. अपने घर और काम की जगह पर चूहे ना हों इसका ध्यान रखना जरूरी है.
  • चूहे किसी खुली जगह से बिल्डिंग में ना आएं यह सुनिश्चित करें.
  • खाना सही तरह से स्टोर करके रखें.
  • चूहों के मल को वैक्यूम से साफ करने से बचें.
  • चूहों वाली जगह को साफ करने से पहले उस जगह को गीला कर दें जिससे संक्रमित कण हवा में ना मिलें.
  • हाथों को साफ रखें, किसी बाहरी या संक्रमित सतह को छूने के बाद हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं.
  • अगर हंता वायरस आउटब्रेक की खबर मिले तो घर पर रहें और खुद को आइजोलेट कर लें.

क्या हंता वायरस महामारी बन सकता है?

WHO के अनुसार, हंता वायरस आउटब्रेक कोविड महामारी से बेहद अलग है. ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोनावायरस से अलग हंता वायरस आसानी से नहीं फैलता है और यह करीबी, इंटिमेट कोन्टेक्ट में आने पर ही अपनी चपेट में लेता है. व्यक्ति के खांसने ये छींकने भर से यह दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता बल्कि चूहों के मल, थूक या अन्य द्रव के कोन्टेक्ट में आने पर ही फैलता है. वहीं, अमेरिका में यह म्यूटेट होकर एंडीस वायरस बन चुका है जिसमें अगर व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के साथ कई घंटों तक रहता है तब ही इस वायरस से संक्रमित हो सकता है. ऐसे में हंता वायरस के दूसरी महामारी बनने की संभावना कम है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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