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गेहूं की रोटी हर किसी के लिए नहीं! जानें किन बीमारियों में करना चाहिए परहेज

घरों में गेंहू की रोटी खाना बहुत आम है, लेकिन कुछ लोगों को इस आटे की रोटी से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसका सेवन उनको कई तरह की मुश्किलों में डाल सकता है. आइए जानते हैं किन लोगों को गेहूं की रोटी नहीं खानी चाहिए?

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Gehun Ki Roti Kinhe Nhi Kaani Chaiye: भारतीय घरों में गेहूं की रोटी खाना बहुत आम बात है. सुबह की शुरुआत में पराठे की शक्ल से लेकर रात की थाली तक गंहू की रोटी जरूर से होती है. गेहूं की रोटी फाइबर, प्रोटीन और जरूरी विटामिन से भरपूर होती है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखती है, ऊर्जा देती है और दिल व वजन नियंत्रण में मदद करती है. लेकिन इसके इतने सारे गुण होने के बावजूद कुछ लोगों के लिए इसका सेवन अच्छा नहीं माना जाता है, दूसरी शब्दों में कहें तो उनके लिए गेंहू की रोटी जहर से कम नहीं है. आइए जानते हैं आखिर किन्हें नहीं खाना चाहिए गेंहु की बनी रोटी और क्यों?

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ग्लूटेन से जुड़ी समस्या वाले लोग

गेहूं में मौजूद ग्लूटेन कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. सीलिएक डिजीज (Celiac Disease) एक ऐसी ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर ग्लूटेन (Gluten) को सहन नहीं कर पाता और छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है. इससे शरीर जरूरी पोषक तत्व ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे एनीमिया (Anemia) और हड्डियों की कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इसके अलावा, नॉन-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी (Non-celiac gluten sensitivity) में भी पेट फूलना, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, इसलिए ऐसे लोगों को गेहूं से परहेज करना चाहिए.

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पीसीओडी, पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलन

आजकल कई महिलाओं में पीसीओडी और पीसीओएस (PCOD and PCOS) की समस्या बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक ग्लूटेन और रिफाइंड आटे का सेवन शरीर में सूजन बढ़ा सकता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस की परेशानी बढ़ सकती है. इससे वजन घटाना भी मुश्किल हो जाता है. इसलिए ऐसी स्थिति में संतुलित आहार और दूसरे अनाज, जैसे ज्वार, बाजरा आदि को अपनाना फायदेमंद हो सकता है.

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डायबिटीज और वजन बढ़ने का खतरा

जिन लोगों को डायबिटीज (Diabetes) या इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) की समस्या है, उनके लिए गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर माना जाता है. गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम से ऊंचा हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. ज्यादा रिफाइंड आटा खाने से वजन बढ़ने और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की आशंका भी रहती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ज्वार, बाजरा या मल्टीग्रेन आटा का सेवन करें, यह गेंहू से ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

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आईबीएस और पाचन संबंधी दिक्कतें

इरिटेबल बॉउल सिंड्रोम (IBS) या अन्य पाचन समस्याओं से जूझ रहे लोगों को गेहूं की रोटी खाने के बाद गैस, पेट फूलना या कब्ज की शिकायत हो सकती है. गेहूं में मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट्स आंत में फर्मेंट होकर असहजता पैदा कर सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह से दूसरे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी अपनाई जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Feb 28, 2026 12:51 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधित खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य संबंधित खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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