हम दिन में तीन बार कुछ ना कुछ खाते हैं. दोपहर और रात में प्रॉपर मील खाया जाता है. इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हम रोज क्या खा रहे हैं, क्योंकि इसका असर सिर्फ वजन और पाचन पर नहीं पड़ता, बल्कि एक वक्त के बाद हेल्थ पर भी दिखता है. इसलिए एक्सपर्ट हमेशा हेल्दी खाने की सलाह देते हैं. हमारी थाली को लेकर ICMR यानी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खान-पान से जुड़े कुछ फैक्टर कैंसर के खतरे को इफेक्ट कर सकते हैं. इसलिए थाली में पौष्टिक और फाइबर से भरपूर चीजों को जगह देना और कुछ चीजों को सीमित रखना चाहिए. ये चीजें कौन सी हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
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थाली में क्या रखें?
- फल और सब्जियां- कैंसर इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रेश सब्जियां और फल अच्छी डाइट का अहम हिस्सा हैं. इसलिए इंसान को रोज हरी सब्जियां अपने आहार में शामिल करनी चाहिए. गाजर, कद्दू, शकरकंद जैसे नारंगी और लाल रंग के फल-सब्जियों में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है.
- साबुत अनाज चुनें- मैदा और ज्यादा रिफाइंड फूड की जगह होल ग्रेन को खाने की सलाह दी गई है. इनमें बाजरा, ज्वार, मक्का और जौ जैसे अनाज शामिल किए जा सकते हैं, जो फाइबर के स्रोत हैं.
- फाइबर वाली चीजों को करें शामिल- कम फाइबर वाली डाइट की तुलना में फाइबर से भरपूर आहार बेहतर ऑप्शन है. इसलिए साबुत अनाज, फल और सब्जियों को थाली हिस्सा बनाया जा सकता है.
किन चीजों को करें कम?
- तला हुआ खाना- अपनी थाली से तला हुआ खाना बिल्कुल निकाल दें. समोसा, कचौड़ी, पूरी और भटूरे जैसे फूड को कम या बिल्कुल न खाएं. यह शरीर को फैटी लुक देने का काम करेगा.
- ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स- थाली में ज्यादा कैलोरी व वसा वाले फूड्स का सेवन कम करने की सलाह दी गई है. केक, कुकीज और डोनट जैसी चीजें खाने से सिर्फ वजन बढ़ता है, शरीर को कोई लाभ नहीं मिलता.
- रेड मीट- रेड मीट और साल्ट से भरपूर चीजें कम खाएं. इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर रेड मीट, इसके अधिक सेवन से स्टमक और बाउल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
कैसी हो सकती है आपकी रोज की थाली?
एक आसान तरीका यह है कि थाली में सब्जियां और फल, साबुत अनाज या पौष्टिक खाद्य को अपनी थाली में शामिल करें. इससे आपकी हेल्थ को काफी हद तक फायदा हो सकता है.
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