डेंगू में प्लेटलेट्स गिरना कितना खतरनाक? AIIMS की गाइडलाइन से समझें क्या करना चाहिए

डेंगू में एक मरीज को अपना बहुत ही ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान अपना इलाज खुद न करें, क्योंकि ऐसा करने से बीमारी और गंभीर हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि पहले आप अपने डॉक्टर से बात करें. 

What is the platelet count for dengue

कितने प्लेटलेट्स पर खतरा बढ़ जाता है? Image Credit- News24

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Dengue Fever: बारिश के मौसम में डेंगू के मामले बढ़ने के साथ ही मरीजों और घरवालों की सबसे बड़ी चिंता अक्सर प्लेटलेट्स को लेकर ही होती है. जैसे ही ब्लड टेस्ट में प्लेटलेट्स कम दिखाई देती हैं तो कई लोग घबरा जाते हैं और प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत समझने लगते हैं. हालांकि, डेंगू में सिर्फ प्लेटलेट्स का कम होना ही खतरनाक नहीं है. मरीज की हालत, ब्लीडिंग, ब्लड प्रेशर, हेमाटोक्रिट और दूसरे लक्षणों को भी देखना जरूरी है. इसको लेकर एम्स ने एक गाइडलाइन जारी की और दूसरी भारत की नेशनल गाइडलाइंस फॉर क्लीनिक मैनेजमेंट ऑफ डेंगू फीवर नाम से है. इसमें डेंगू फीवर को लेकर लोगों को विस्तार से बताया गया है. 

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प्लेटलेट्स गिरने से क्या होता है?

डेंगू वायरस शरीर की प्लेटलेट्स को इफेक्ट कर सकता है. बीमारी के दौरान प्लेटलेट काउंट तेजी से नीचे जा सकता है. हालांकि, सिर्फ कम प्लेटलेट काउंट देखकर यह नहीं बताया जा सकता कि मरीज कितना बीमार है? राष्ट्रीय गाइडलाइन के मुताबिक डेंगू के क्रिटिकल फेज में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के साथ हेमाटोक्रिट बढ़ना भी शुरू हो जाता है. यह फेज आमतौर पर बुखार शुरू होने के तीसरे-चौथे दिन के आसपास होता है. 

कितने प्लेटलेट्स पर खतरा बढ़ जाता है?

यह मान लेना सही नहीं है कि किसी एक नंबर से नीचे आते ही हर मरीज की हालत गंभीर हो जाती है. डॉक्टर प्लेटलेट काउंट के साथ मरीज की पूरी कंडीशन देखते हैं. इसको लेकर गाइडलाइन में बताया गया है कि बिना ब्लीडिंग के सिर्फ कम प्लेटलेट्स होने पर घबराना नहीं चाहिए जैसे प्लेटलेट्स 10000 से कम हों और ब्लीडिंग न हो तो घबराने की जरूरत नहीं है. 

प्लेटलेट्स कम हों तो तुरंत प्लेटलेट चढ़वाना जरूरी है?

डेंगू की इस राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार, प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन ब्लीडिंग होने पर ही किया जाता है. सिर्फ रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम आने की वजह से अपने आप प्लेटलेट चढ़वाना ठीक नहीं. इसलिए मरीज को बार-बार प्लेटलेट टेस्ट कराने या प्लेटलेट चढ़ाने का फैसला खुद से नहीं लेना चाहिए.

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इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. यह बीमारी और गंभीर हो सकती है. 

  • लगातार उल्टी होना
  • पेट में तेज दर्द या पेट दबाने पर दर्द होना 
  • बहुत ज्यादा सुस्ती या बेचैनी
  • नाक से खून आना
  • काला मल या खून की उल्टी होना 
  • बहुत ज्यादा खून आना 
  • पेशाब में खून आना 
  • चक्कर आना या बेहोशी
  • पेट या फेफड़ों के आसपास पानी जमा होना
  • लिवर का बढ़ना
  • प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना 

डेंगू में क्या करें?

डेंगू में एक मरीज को अपना बहुत ही ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान नियमित रूप से हेल्दी ड्रिंक लेना, ब्लड प्रेशर, हेमाटोक्रिट, प्लेटलेट्स और यूरिन आउटपुट जैसी चीजों पर नजर रखना आदि शामिल है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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