किडनी डैमेज के लक्षण दिखने लगे हैं तो इस टेस्ट से हो जाएगा कंफर्म, समय रहते हो सकता है इलाज

Kidney Disease Test: अगर आपको भी किडनी से जुड़ी दिक्कतें होने लगी हैं और आप कंफर्म करना चाहते हैं कि कोई गंभीर समस्या तो नहीं पनपने लगी है, तो यहां बताए जरूरी टेस्ट करवा सकते हैं.

Kidney Disease Early Detection
1 / 7
Kidney Disease Early Detection

Kidney Disease Early Detection: किडनी की बीमारी पनपने लगती है तो शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं ऐसे में बहुत से लोग वक्त रहते किडनी खराब होने के चेतावनी संकेत नहीं पहचान पाते और जबतक डॉक्टर से जांच करवाई जाती है तबतक किडनी की बीमारी कई हद तक बढ़ चुकी होती है. ऐसे में किडनी से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतों को भी इग्नोर नहीं करना चाहिए. यहां ऐसे ही कुछ टेस्ट (Kidney Test) बताए जा रहे हैं जो किडनी की बीमारी को कंफर्म कर सकते हैं.

विज्ञापन

क्रिएटनिन ब्लड टेस्ट और eGFR

क्रिएटनिन ब्लड टेस्ट और eGFR 2 / 7

क्रिएटिनिन एक वेस्ट प्रोडक्ट है जिसे किडनी शरीर बाहर निकालती है. इसकी शरीर में कितनी मात्रा है इसके आधार पर डॉक्टर किडनी के काम को जांचते हैं. इसके साथ ही eGFR (Estimated Glomerular Filtration Rate) किया जाता है जिससे पता चलता है कि किडनी खून को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रहा है.

विज्ञापन

सिस्टैनिन-सी टेस्ट

सिस्टैनिन-सी टेस्ट 3 / 7

सिस्टैनिन-सी एक प्रोटीन है जो शरीर की कोशिकाओं द्वारा बनाया जाता है. अगर किडनी ठीक तरह काम नहीं करती है तो सिस्टैनिन-सी लेवल्स बढ़ जाते हैं.

यूरिन डिपस्टिक टेस्ट

यूरिन डिपस्टिक टेस्ट 4 / 7

यह यूरिन टेस्ट है जिसमें पेशाब में प्रोटीन खून और अन्य तत्वों की जांच की जाती है. अगर खून में प्रोटीन पाया जाता है तो यह किडनी की दिक्कतों का लक्षण हो सकता है.

विज्ञापन

यूरिन प्रोटीन-टू क्रिएटिनिन रेशियो

यूरिन प्रोटीन-टू क्रिएटिनिन रेशियो5 / 7

यूरिन प्रोटीन-टू क्रिएटिनिन रेशियो याानी UPCR टेस्ट तब किया जाता है जब डिपस्टिक टेस्ट में कोई गड़बड़ी होती है तो इस टेस्ट को किया जाता है. ये टेस्ट पेशाब में प्रोटीन की लीकेज को बताता है.

अल्ट्रासाउंड

अल्ट्रासाउंड 6 / 7

अल्ट्रासाउंड करवाने पर किडनी के स्ट्रक्चर, किडनी में आने वाली कोई किसी रुकावट और किसी तरह के इंफेक्शन का पता चलता है.

विज्ञापन

किन लोगों को करवाने चाहिए ये टेस्ट

किन लोगों को करवाने चाहिए ये टेस्ट 7 / 7

जिन लोगों को बार-बार थकान होती है, पैरों या टखनों में दर्द होता है, पेशाब से जुड़ी दिक्कतें होने लगी हैं या किडनी के पास दर्द महसूस होता है तो किडनी टेस्ट करवाना चाहिए. यह भी पढ़ें – बच्चों में UTI की वजह बन सकती हैं टॉयलेट जाने से जुड़ी ये 5 गलतियां, पेशाब रोकना भी बन सकता है कारण

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन